
कोरोना के इस दौर में ऐसी स्थिति भी आई जहां मरीजों के लिए अस्पतालों में उपकरण की कमी देखी गई। ऐसे में दानदाताओं द्वारा अब अस्पतालों में जरूरी उपकरण भेंट किए जा रहे हैं। इस बीच चित्तौड़गढ़ के एक बेटे की अच्छी पहल देखी गई जहां पिता की कोरोना से मौत के बाद बेटे ने अस्पताल को वे आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए, जिनकी कमी उन्हें अस्पताल में महसूस हुई, ताकि उपकरणों की किसी मरीज की जान बचाने के दौरान कमी नहीं रहे। चित्तौड़ के रवि काबरा ने पिता की मृत्यु के बारहवें दिन अस्पताल को सुविधाएं मुहैया कराने को ही सबसे बड़ा ब्राह्मण भोज बताया।
रवि काबरा ने अपने पिता जमनालाल काबरा एवं माता जमना देवी काबरा की याद में 3 व्हील चेयर, 1 बेड, 1 नेब्युलाइज़र जिला अस्पताल में पीएमओ डॉ दिनेश वैष्णव को भेंट किए। इस मौके पर वेदान्त काबरा, मयंक काबरा, डॉ कुशाग्र काबरा एवं भंवर सिंह सोलंकी भी उपस्थित थे। रवि काबरा ने यह भी बताया कि कोरोना काल में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही थी। ऐसे में लोगों के पास और अस्पतालों में संसाधनों की कमी के चलते लोगों का इलाज भी नहीं हो रहा था। जिंदगी रही तो कई भोज हो जाएंगे। यदि सुविधाएं अस्पतालों में बढ़ेंगी तो आज तक जिन लोगों ने इस संक्रमण से अपना जीवन खोया है, उनकी आत्मा को भी शांति मिलेगी। इसके अलावा रवि ने ग्यारहवें पर माहेश्वरी समाज द्वारा होम आइसोलेट मरीजों को घर-घर खाना पहुंचाने के कार्य में 5100 रुपए का सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि आगे भी वे ऐसा ही सहयोग करते रहें।














