
मंगलवार शाम मेवाड़ की प्रसिद्ध शक्तिपीठ ईडाणा माता मंदिर में माता रानी द्वारा साल का पहला अग्नि स्नान किया गया जिसे देखने के लिए भक्तों का जमावड़ा लग गया। मान्यता हैं कि जो भी व्यक्ति माता रानी का अग्नि स्नान देखता है उसकी मनोकामना पूरी होती है। वैज्ञानिक तौर पर इस मंदिर में माता रानी के अग्नि स्नान की पुष्टि अब तक नहीं की गई है, लेकिन मान्यताओं के अनुसार यहां पर माता रानी स्वयं ही अग्नि स्नान करती है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन द्वारा इसे स्वीकार किया गया है।
माता रानी द्वारा किए गए अग्निस्नान में चढ़ावा और वस्त्र जलकर राख हो गए। वहीं, देखते ही देखते मंदिर परिसर में ऊंची ऊंची आग की लपटें उठनी शुरू हो गईं। हर साल हजारों की संख्या में भक्त दूर-दराज से उदयपुर के ईडाणा माता मंदिर पहुंचते हैं। कहा जाता है कि मंदिर में अपने आप आग लगती है। आग लगते ही देवी मां के सारे कपड़े और आसपास रखा भोजन जल जाता है। माता रानी का यह अग्नि स्नान काफी विशालकाय होता है, जिसके चलते कई बार नजदीक के बरगद के पेड़ को भी नुकसान पहुंचता है। लेकिन, आज तक माता रानी की मूर्ति पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
उदयपुर शहर से 60 किमी दूर कुराबड-बम्बोरा मार्ग पर मेवाड़ का प्रमुख शक्तिपीठ ईडाणा माता मंदिर है। कुराबड तक आपको बस मिल जाती है। अपने वाहन से भी यहां आया जा सकता है। इस मंदिर के ऊपर कोई छत नहीं है और एकदम खुले चौक में स्थित है, यह मंदिर उदयपुर मेवल की महारानी के नाम से प्रसिद्ध है।














