जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार की सुबह भारतीय सुरक्षाबलों को उस समय बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब उन्होंने कानाचक सेक्टर में एक एक ड्रोन (Drone) को मार गिराया। इस ड्रोन के साथ पांच किलो आईईडी का टुकड़ा भी बरामद हुआ है। इस आईईडी को आतंकियों तक पहुंचाया जाना था लेकिन उससे पहले ही सुरक्षाबलों की नजर उस पर पड़ गई। बताया जा रहा है कि ड्रोन अंतरराष्ट्रीय सीमा से 8 किमी अंदर मिला। इस घटना पर जम्मू पुलिस सुबह साढ़े दस बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है।
A drone was shot down in Kanachak area and explosive material was recovered. Details awaited: Jammu and Kashmir Police
— ANI (@ANI) July 23, 2021
जम्मू-कश्मीर में 27 जून को भारतीय वायुसेना स्टेशन में हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद से जम्मू में पाकिस्तानी बॉर्डर के पास आए दिन ड्रोन देखने को मिल रहे हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात का अंदेशा है कि पाकिस्तान इस तरह की साजिश रच सकता है। ड्रोन से निपटने के लिए बनायी गई रणनीति का ही नतीजा है कि आईईडी अपने ठिकाने तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने हाल ही में कहा था कि ड्रोन ने आतंकी समूहों से सुरक्षा खतरों में एक नया आयाम जोड़ा है। ड्रोन पाकिस्तान से नकदी के साथ-साथ हथियार और गोला-बारूद गिराने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
जम्मू में भारतीय वायुसेना स्टेशन पर ड्रोन हमले की जांच का ब्योरा देने के लिए पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि जांच से कुछ चीजों के संकेत मिले हैं। जैसे ड्रोन के उड़ान पथ से पता चलता है कि वे पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से आए थे, अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारतीय वायु सेना स्टेशन की दूरी 14 किलोमीटर है।
सोपोर में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों किया ढेर
उधर जम्मू-कश्मीर में बारामुला जिले के सोपोर में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो आतंकियों को ढेर कर दिया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि इनमें से एक आतंकी की पहचान फयाज वार के रूप में हुई है।