न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

देवबंद में जमीयत का 2 दिनों का सम्मेलन, मौलाना नियाज अहमद फारूकी ने कहा - शासकों ने की गलतियां जिसे हम भुगत रहे हैं

UP के देवबंद में आज यानी 28 मई से जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दो दिन का बड़ा सम्मेलन आयोजित किया है जिसमें शामिल होने के लिए 25 राज्यों के प्रतिनिधि पहुंचे हुए हैं। इस जलसे के पहले दिन ये इस्लामोफोबिया के खिलाफ लामबंद होने पर सहमति बनी तो साथ ही मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सरकार को भी घेरा।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Sat, 28 May 2022 1:33:40

देवबंद में जमीयत का 2 दिनों का सम्मेलन, मौलाना नियाज अहमद फारूकी ने कहा - शासकों ने की गलतियां जिसे हम भुगत रहे हैं

UP के देवबंद में आज यानी 28 मई से जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दो दिन का बड़ा सम्मेलन आयोजित किया है जिसमें शामिल होने के लिए 25 राज्यों के प्रतिनिधि पहुंचे हुए हैं। इस जलसे के पहले दिन ये इस्लामोफोबिया के खिलाफ लामबंद होने पर सहमति बनी तो साथ ही मुस्लिम धर्मगुरुओं ने सरकार को भी घेरा। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सकारात्मक संदेश देने के लिए धर्म संसद की तर्ज पर 1000 जगह सद्भावना संसद के आयोजन का ऐलान किया।

ज्ञानवापी मुद्दे के सवाल पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के नेशनल सेक्रेटरी मौलाना नियाज अहमद फारूकी ने कहा, 'हर शासकों ने गलतियां की हैं। जिसे हम भुगत रहे हैं। इन्हें सुधारने के लिए एक साथ बैठकर हल निकालना होगा। इससे बड़ा तो हमारा दिल है। जहां पर भगवान और अल्लाह विराजमान हैं। हम अपने दिलों को बांट देंगे तो इन मंदिरों-मस्जिदों का क्या होगा। अगर हमारे दिल सही रहेंगे तो हमारा मकसद धार्मिक रहेगा। ऐसा कोई विवाद न हो जिससे हमारे रिश्ते टूटे। फिर चाहे ये मंदिर और मस्जिद टूटे या बने इससे फर्क नहीं पड़ेगा।'

मौलाना नियाज अहमद फारूकी ने कहा, 'आज हमारा देश धार्मिक बैर भाव और नफरत में जल रहा है। युवकों को इस ओर बढ़ाया जा रहा है। मुस्लिम नागरिकों, पुराने जमाने के मुस्लिम शासकों और इस्लामी सभ्यता और संस्कृति के खिलाफ निराधार आरोपों को फैलाया जा रहा है। सत्ता में बैठे लोग उन्हें आजाद छोड़ कर हौसला बढ़ा रहे हैं।'

उन्होंने कहा, 'जमीयत उलमा-ए-हिंद इस बात पर चिंतित है कि भरी सभाओं में मुसलमानों और इस्लाम के खिलाफ शत्रुता के प्रचार से दुनिया में हमारे देश की बदनामी हो रही है। इससे हमारे देश के विरोधी तत्वों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने का मौका मिल रहा है। ऐसी परिस्थिति में जमीयत उलमा-ए-हिंद देश की एकता, अखंडता और प्रगति के बारे में चिंतित हैं। भारत सरकार से आग्रह करती है कि ऐसी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाए जो लोकतंत्र, न्यायप्रियता और नागरिकों के बीच समानता के सिद्धांतों के खिलाफ और इस्लाम पर आधारित हैं।'

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद असद मदनी ने कहा कि बेइज्जत होकर खामोश हो जाना कोई मुसलमानों से सीखे। हम तकलीफ बर्दाश्त कर लेंगे लेकिन देश का नाम खराब नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि अगर जमीयत उलेमा शांति को बढ़ावा देने और दर्द, नफरत सहन करने का फैसला करते हैं तो ये हमारी कमजोरी नहीं, ताकत है।

महमूद असद मदनी ने वर्तमान हालात को लेकर शायरी के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की और इस दौरान वे भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा कि हमें हमारे ही देश में अजनबी बना दिया गया। महमूद असद मदनी ने अखंड भारत की बात पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किस अखंड भारत की बात करते हैं? मुसलमानो के लिए आज राह चलना मुश्किल कर दिया है। ये सब्र का इम्तेहान है।

इससे पहले, इस्लामोफोबिया को लेकर भी प्रस्ताव भी पेश किया गया। इस प्रस्ताव में इस्लामोफोबिया और मुस्लिमों के खिलाफ उकसावे की बढ़ती घटनाओं का जिक्र किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि 'इस्लामोफोबिया' सिर्फ धर्म के नाम पर शत्रुता नहीं, इस्लाम के खिलाफ भय और नफरत को दिल और दिमाग पर हावी करने की मुहिम है। ये मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ एक प्रयास है। इसके कारण आज देश को धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक अतिवाद का सामना करना पड़ रहा है।

jamait ulema e hind,sadbhawna sansad

जमीयत की ओर से ये भी आरोप लगाया गया है कि देश पहले कभी इतना प्रभावित नहीं हुआ था जितना अब हो रहा है। आज देश की सत्ता ऐसे लोगों के हाथों में आ गई है जो देश की सदियों पुरानी भाईचारे की पहचान को बदल देना चाहते हैं। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर नाम लिए बगैर हमला बोलते हुए जमीयत ने कहा है कि उनके लिए हमारी साझी विरासत और सामाजिक मूल्यों का कोई महत्व नहीं है। उनको बस अपनी सत्ता ही प्यारी है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने हालात पर चिंता जाहिर की है।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जलसे में धर्मगुरुओं ने कहा कि 2017 में प्रकाशित लॉ कमीशन की 267 वीं रिपोर्ट में हिंसा के लिए उकसाने वालों के लिए कानून बनाने की सिफारिश की गई थी। इस कानून में सजा दिलाने का प्रावधान हो और सभी कमजोर वर्गों के लिए, खासकर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को सामाजिक और आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के प्रयासों पर रोक लगाई जाए। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लॉ कमीशन की इस सिफारिश पर तुरंत कदम उठाने को जरूरी बताया है।

जमीयत के इस जलसे में धर्मगुरुओं ने ये भी कहा कि मानव की गरिमा के सम्मान का स्पष्ट दिया जाना चाहिए। सभी धर्म, जाति और कौम के बीच आपसी सद्भाव, सहनशीलता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का संदेश देने के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रायोजित 'इस्लामोफोबिया की रोकथाम का अंतरराष्ट्रीय दिवस' हर साल 14 मार्च को मनाया जाए। हर प्रकार के नस्लवाद और धार्मिक आधार पर भेदभाव को मिटाने के लिए साझा संकल्प लिया जाए।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने ताजा हालात को गंभीर बताते हुए कहा है कि इस स्थिति से निपटने के लिए अलग विभाग बनाने का ऐलान किया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा है कि हमने इस स्थिति से निपटने के लिए 'जस्टिस एंड एम्पावरमेंट इनीशिएटिव फॉर इंडियन मुस्लिम' नाम से विभाग बनाया है। इसका उद्देश्य नाइंसाफी और उत्पीड़न को रोकने, शांति और न्याय बनाए रखने की रणनीति विकसित करना है।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जलसे में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने साथ ही ये भी कहा है कि केवल विभाग बना देने से ये लड़ाई नहीं जीती जा सकती। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास करने की जरूरत है। इससे पहले मौलाना नियाज फारुकी ने कहा कि जलसे में ज्ञानवापी, मथुरा, कुतुब मीनार जैसे तमाम मुद्दों के साथ मदरसों में आधुनिक शिक्षा को लेकर चर्चा होगी। उन्होंने ये भी कहा कि अदालतों में चल रहे मामलों में मजबूती से पैरवी की जाएगी।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे शायर नवाज देवबंदी ने आजतक से बात करते हुए कहा कि लोगों के बीच मोहब्बत का पैगाम पहुंचाने की जरूरत है। आज जरूरत है कि ये पैगाम पहुंचाया जाए कि लोगों को मंदिर और मस्जिद के नाम पर लड़ने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को मोहब्बत का पैगाम लेकर आगे बढ़ना होगा। जमीयत ने देश में सद्भावना मंच बनाने की बात कही है।

उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, 'मोहब्बत के चिरागों को जो आंधी से डराते हैं, उन्हें जाकर बता देना कि हम जुगनू बनाते हैं। यह दुनिया दो किनारों को कभी मिलने नहीं देती, चलो दोनों किसी दरिया पर मिलकर पुल बनाते हैं।'

जमीयत उलमा-ए-हिंद के कार्यक्रम में 25 राज्यों से लोग आए हैं। इनमें मुख्य रूप से महाराष्ट्र से आए मौलाना नदीम सिद्दीकी, उत्तर प्रदेश से मौलाना मोहम्मद मदनी, तेलंगाना से हाजी हसन, मणिपुर से मौलाना मोहमद सईद, केरल से जकरिया, तमिलनाडु से मौलाना मसूद, बिहार से मुफ्ती जावेद, गुजरात से निसार अहमद, राजस्थान से मौलाना अब्दुल वाहिद खत्री, असम से हाजी बसीर, त्रिपुरा से अब्दुल मोमिन पहुंचे हैं। सांसद मौलाना बदरूद्दीन अजमल, पश्चिम बंगाल में ममता सरकार में मंत्री मौलाना सिद्दीकी उल्लाह चौधरी और शूरा सदस्य मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी सहित कई बड़ी हस्तियां भी देवबंद पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा झारखंड, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल से भी मुस्लिम संगठन के लोग आए हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

  • मानसून में स्किन चिपचिपी और पिंपल्स वाली हो जाती है
  • ब्लू स्किन केयर से ठंडक और हाइड्रेशन मिलता है
  • #BlueSkincare ट्रेंड युवाओं में वायरल है
read more

ताजा खबरें
View More

बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- पहले चरण में ही TMC साफ होने की ओर
बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- पहले चरण में ही TMC साफ होने की ओर
4 मई को जीत का जश्न तय, मिठाई के साथ झालमुड़ी भी बंटेगी… बंगाल में पीएम मोदी का बड़ा दावा
4 मई को जीत का जश्न तय, मिठाई के साथ झालमुड़ी भी बंटेगी… बंगाल में पीएम मोदी का बड़ा दावा
'नौकरी से निकाले जाने के बाद भी यहां क्यों आए?'… IRS अफसर की बेटी का आखिरी सवाल, अमर कॉलोनी के घर में 15 मिनट में क्या-क्या हुआ?
'नौकरी से निकाले जाने के बाद भी यहां क्यों आए?'… IRS अफसर की बेटी का आखिरी सवाल, अमर कॉलोनी के घर में 15 मिनट में क्या-क्या हुआ?
बारामती उपचुनाव में बयानबाज़ी तेज, सुप्रिया सुले का बड़ा बयान—सुनेत्रा पवार को लेकर कही यह बात, शरद पवार मतदान से रहे दूर
बारामती उपचुनाव में बयानबाज़ी तेज, सुप्रिया सुले का बड़ा बयान—सुनेत्रा पवार को लेकर कही यह बात, शरद पवार मतदान से रहे दूर
क्या 800 करोड़ की ‘राका’ में घटेगा दीपिका पादुकोण का रोल? प्रेग्नेंसी की चर्चा के बीच मेकर्स ने बताई सच्चाई
क्या 800 करोड़ की ‘राका’ में घटेगा दीपिका पादुकोण का रोल? प्रेग्नेंसी की चर्चा के बीच मेकर्स ने बताई सच्चाई
6 हजार में कैब बुकिंग, चाबी की सटीक जानकारी और अंदर की सेटिंग से वाकिफ—IRS अफसर की बेटी के हत्यारे ने ऐसे तोड़ी हाई-लेवल मल्टी-लेयर सिक्योरिटी
6 हजार में कैब बुकिंग, चाबी की सटीक जानकारी और अंदर की सेटिंग से वाकिफ—IRS अफसर की बेटी के हत्यारे ने ऐसे तोड़ी हाई-लेवल मल्टी-लेयर सिक्योरिटी
उत्तराखंड: चंबा-कोटी रोड पर भीषण हादसा, खाई में गिरी बस; 8 लोगों की दर्दनाक मौत
उत्तराखंड: चंबा-कोटी रोड पर भीषण हादसा, खाई में गिरी बस; 8 लोगों की दर्दनाक मौत
दिल्ली के इन मार्केट्स में सिर्फ ₹200 में मिलेंगी ट्रेंडी स्लीवलेस कॉटन कुर्तियां, गर्ल्स आज ही करें शॉपिंग प्लान
दिल्ली के इन मार्केट्स में सिर्फ ₹200 में मिलेंगी ट्रेंडी स्लीवलेस कॉटन कुर्तियां, गर्ल्स आज ही करें शॉपिंग प्लान
संजू सैमसन का ऐतिहासिक शतक, MI के खिलाफ CSK के लिए IPL में ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज बने
संजू सैमसन का ऐतिहासिक शतक, MI के खिलाफ CSK के लिए IPL में ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज बने
IPL Points Table: CSK की दमदार जीत से बदला समीकरण, टॉप-4 में मची हलचल, 3 टीमों की रैंकिंग गिरी
IPL Points Table: CSK की दमदार जीत से बदला समीकरण, टॉप-4 में मची हलचल, 3 टीमों की रैंकिंग गिरी
‘भूत बंगला’ बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: सातवें दिन गिरावट, फिर भी बनी साल की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म, ‘ओ रोमियो’ को पछाड़ा
‘भूत बंगला’ बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: सातवें दिन गिरावट, फिर भी बनी साल की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म, ‘ओ रोमियो’ को पछाड़ा
क्लियर और स्मूद स्किन के लिए घर पर करें नेचुरल फेस वैक्सिंग, चावल-चीनी से पाएं फेशियल हेयर से छुटकारा
क्लियर और स्मूद स्किन के लिए घर पर करें नेचुरल फेस वैक्सिंग, चावल-चीनी से पाएं फेशियल हेयर से छुटकारा
'चलो बहन, थोड़ी चुगली हो जाएं'...सहेलियों संग घंटों बातें करने के ये 5 कमाल के फायदे
'चलो बहन, थोड़ी चुगली हो जाएं'...सहेलियों संग घंटों बातें करने के ये 5 कमाल के फायदे
दादी-नानी का देसी नुस्खा: गर्मियों में कान गीले रखने की सलाह क्यों देते हैं बड़े-बुजुर्ग, जानिए इसके पीछे की वजह
दादी-नानी का देसी नुस्खा: गर्मियों में कान गीले रखने की सलाह क्यों देते हैं बड़े-बुजुर्ग, जानिए इसके पीछे की वजह