
राजस्थान रोडवेज की बसों में अब यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य सरकार की एक साल की उपलब्धियों के मौके पर पैनिक बटन और व्हीकल ट्रैकिंग योजना की शुरुआत की जा रही है। इस योजना के तहत सभी नई बसों में पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं। 31 दिसंबर तक 2500 बसों को इस सुविधा से लैस करने का लक्ष्य है।
कैसे काम करेगा पैनिक बटन?
इन दिनों रोडवेज की बसों में लाल रंग के पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक बस में औसतन 12 बटन होंगे। हालांकि हर सीट पर नहीं, बल्कि एक छोड़कर दूसरी सीट पर इन्हें लगाया गया है। इन बटनों का उद्देश्य मुख्य रूप से महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी आपात स्थिति में यात्री इस बटन को दबाकर मदद की मांग कर सकते हैं।
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
दिसंबर 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक परिवहन में ऐसे उपाय अनिवार्य किए गए हैं। राजस्थान रोडवेज ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अब तक आधी बसों में पैनिक बटन की सुविधा उपलब्ध कराई है। 31 दिसंबर तक इस सुविधा को ढाई हजार बसों में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना की औपचारिक शुरुआत
राज्य सरकार अपनी एक साल की उपलब्धियों में इस योजना को शामिल करते हुए जल्द ही इसकी आधिकारिक लॉन्चिंग करेगी। जयपुर में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हाथों इस योजना का शुभारंभ होने की संभावना है। रोडवेज प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और सरकार को लॉन्चिंग के प्रस्ताव भी भेज दिए गए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया बड़ा कदम
पैनिक बटन और व्हीकल ट्रैकिंग योजना राजस्थान रोडवेज के यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। यह न केवल सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि यात्रियों को मानसिक शांति भी प्रदान करेगा। राजस्थान सरकार और रोडवेज प्रशासन का यह प्रयास राज्य में सार्वजनिक परिवहन को और सुरक्षित व भरोसेमंद बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।














