
बैंक के एटीएम आज के समय में बेहद जरूरी आवश्यकता हो गई हैं जिसकी मदद से जब चाहे नकदी निकाल सकते हैं। लेकिन कई बार देखने को मिलता हैं कि ग्राहक जब एटीएम पर नकदी निकालने पहुंचते हैं तो एटीएम खाली मिलता है या मशीन पर नो-कैश का बोर्ड टंगा मिलता है। बैंकिंग जानकारों की मानें तो कुछ बैंक एटीएम में कैश भरने में लापरवाही बरतते हैं, क्योंकि एटीएम ऑपरेट की लागत कम करने का एक तरीका ये भी बताया जा रहा है।
कई साल से चल रही इसी समस्या को लेकर आरबीआई ने सभी बैंकों को स्पष्ट हिदायत दी कि 1 अक्टूबर से एटीएम महीने में 10 घंटे खाली रहा, तो उस पर 10 हजार जुर्माना लगेगा। ऐसी स्थिति से रूबरू होने वाले ग्राहक आरबीआई के सोशल मीडिया के किसी भी माध्यम से शिकायत भी कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि दो साल पहले भी आरबीआई ने एटीएम के तीन घंटे से ज्यादा खाली रहने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया था। वहीं एटीएम अपग्रेडेशन और इसकी परिचालन लागत बढ़ने से भी कई बैंकों ने एटीएम की संख्या में भी कमी कर दी थी।
किसी एटीएम में कैश है या नहीं, बैंकों को इसकी जानकारी मिलती रहती है। यही नहीं, एटीएम में कितना कैश बचा है और कितनी देर में वह खाली हो सकता है, इसका अंदाजा भी बैंकों को रियल टाइम बेसिस पर लगता रहता है। दरअसल, एटीएम में ऐसे सेंसर लगे होते हैं जो बताते हैं कि कैश ट्रे में कितने नोट हैं। नोटों की मात्रा से बैंकों का पता चलता रहता है कि कितने वक्त में नोट भरने की जरूरत पड़ेगी।














