
कर्मचारी चयन बोर्ड ने स्टेनोग्राफर के पदों पर भर्ती के लिए 4 जुलाई 2018 के विज्ञापन से आवेदन मांगे थे। जिसमें सेवा नियमों के तहत विभागीय कर्मचारियों के लिए 12.5 फीसदी पद आरक्षित रखे जाते हैं। लेकिन इस मामले में रवि सैनी की याचिका हाईकोर्ट पहुंची कि इसमें विभागीय कोटे में सचिवालय व आरपीएससी में कार्यरत कर्मचारियों के लिए पद आरक्षित रखे गए और अन्य विभागों का कोई हवाला नहीं दिया।
इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि वहीं इस कोटे में राज्य सरकार के सभी विभागों के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। इसलिए भर्ती में अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी विभागीय कोटे में शामिल करवाया जाए।
इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि वहीं इस कोटे में राज्य सरकार के सभी विभागों के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। इसलिए भर्ती में अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी विभागीय कोटे में शामिल करवाया जाए।
हाईकोर्ट ने स्टेनोग्राफर भर्ती-2018 में विभागीय कोटे में केवल सचिवालय व आरपीएससी के कर्मचारियों को ही शामिल करने पर कार्मिक सचिव व कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष से जवाब मांगा है। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने यह निर्देश रवि सैनी की याचिका पर दिया।














