
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा बयान देते हुए उसके परमाणु हथियारों के निरस्त्रीकरण की मांग की। ओवैसी ने पाकिस्तान को वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि अब दुनिया के नेताओं को मिलकर यह तय करना होगा कि क्या एक असफल और चरमपंथी राष्ट्र को न्यूक्लियर हथियार रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।
ओवैसी ने इस बात पर चिंता जताई कि श्रीनगर एयरपोर्ट तक ड्रोन पहुंच रहे हैं, अस्पतालों पर हमले हो रहे हैं, और भारतीय सैनिक अपनी जान की बाजी लगाकर देश की सुरक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर कोई हमें युद्ध के लिए मजबूर करेगा, तो हम पीछे नहीं हटेंगे।"
उन्होंने भारतीय नागरिकों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर भारतीय सेना के साथ मजबूती से खड़े हों, क्योंकि यह केवल सीमा पर नहीं, बल्कि हर घर और नागरिक की सुरक्षा की लड़ाई है।
आईएमएफ पर भी कड़ी प्रतिक्रिया
ओवैसी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा पाकिस्तान को एक अरब डॉलर का कर्ज़ देने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने गुस्से में कहा, "यह आईएमएफ नहीं, यह इंटरनेशनल टेररिस्ट फंड बन गया है। अमेरिका, जर्मनी, जापान जैसे देश कैसे मान गए जब हमारी ज़मीन पर हमला हो रहा है?"
इसके साथ ही ओवैसी ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह इस्लाम के नाम पर कट्टरता फैला रहा है और भारत में हिंदू-मुस्लिम के बीच दरार डालने की साजिशें कर रहा है। उन्होंने कहा कि बहावलपुर और मुरीदके जैसे शहर, जहां से अमेरिका में हुए आतंकी हमलों के सुराग मिले थे, के पीछे पाकिस्तानी फौज का हाथ है।














