
राजस्थान में कोरोना वैक्सीनेशन का अभियान जोरों पर हैं और हर रोज विभिन्न जिलों में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया चलाई जा रही हैं। भरतपुर जिले में हर रोज वैक्सीनेशन की 8000 डोज काम में ली जाती हैं लेकिन सिर्फ 3300 ही बची थी। हांलाकि आज गुरुवार को 20200 डोज और जयपुर से भरतपुर पहुंचनी हैं। वैक्सीन की नई खेप आने के बाद ही शुक्रवार और शनिवार को टीकाकरण संभव हो पाएगा। अगर फ्रंट लाइन और हेल्थ वर्करो की ही बात करें तो जिले में 94624 को टीका लगाने का लक्ष्य है। इनमें से अभी तक 23520 को ही पहली डोज लग पाई है। इस तरह इनके लिए ही 71104 डोज चाहिए।
वैक्सीन की डोज कम होने की वजह 60 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्ग और 45 साल से ज्यादा आयु वाले गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों का टीके के प्रति रुझान है। आरसीएचओ डा.अमर सिंह ने बताया कि बुधवार को जिले में 34 साइटों पर 4252 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। अब तक जिले 63223 लोगों को पहली और 10477 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। आरसीएचओ डॉ. अमर सिंह के मुताबिक बुधवार को नगर में 710, डीग में 580, कुम्हेर में 640, नदबई में 510, रूपवास में 440, भुसावर में 110, सेवर में 250, बयाना में 90 डोज ही बची थीं। हालांकि वैक्सीन की 2360 डोज रिजर्व हैं। ताकि दूसरी डोज लगाई जा सके।
सीएमएचओ डाॅ. कप्तान सिंह ने बताया कि वैक्सीन का स्टॉक खत्म होने से पहले हमने मंगलवार को ही राज्य सरकार को अवगत करवा दिया था। इसलिए भरतपुर को 20200 डोज दिए जाने के आदेश भी हो गए हैं। ये वैक्सीन गुरुवार को भरतपुर आ जाएंगी। इससे टीकाकरण के काम में कोई बाधा नहीं आएगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वैक्सीन की कमी नहीं है। हमें जरूरत के मुताबिक मिलती रहेगी।














