बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने नागपुर हिंसा पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 20 मार्च को कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के एजेंट भारत में बैठकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ये विदेशी एजेंट स्थानीय मुसलमानों को उकसाने के लिए अपने साथियों का उपयोग कर रहे हैं, हालांकि स्थानीय मुस्लिम समुदाय का उद्देश्य हमेशा शांति बनाए रखना होता है। बालमुकुंद आचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मकसद देश में शांति और भाईचारे को बनाए रखना है और वे किसी भी प्रकार की हिंसा व अशांति का विरोध करते हैं।
वक्फ बोर्ड मामले में विदेशी हस्तक्षेप का आरोप
विधायक ने वक्फ बोर्ड से जुड़े मामलों में भी विदेशी हस्तक्षेप की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि शाहीन बाग प्रदर्शन और वक्फ बोर्ड से जुड़े विवादों में भी पाकिस्तान और बांग्लादेश के एजेंटों की भूमिका हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये एजेंट भारत में रहकर स्थानीय लोगों को भड़काने और अस्थिरता फैलाने का काम कर रहे हैं।
विधायक का दावा: दिहाड़ी मजदूरों को बुलाकर कराए जाते हैं प्रदर्शन
बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने विरोध-प्रदर्शनों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अधिकतर प्रदर्शनकारी स्थानीय नहीं होते।" कई बार प्रदर्शन में शामिल लोग यह तक नहीं जानते कि वे किस कारण से वहां बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि "कुछ जगहों पर प्रदर्शन में भीड़ बढ़ाने के लिए लोगों को दिहाड़ी पर बुलाया जा रहा है।"
"ऐसे विरोध-प्रदर्शनों के पीछे कोई सच्चा मुद्दा नहीं होता"
विधायक ने यह भी कहा कि "इन विरोध-प्रदर्शनों के पीछे कोई वास्तविक मुद्दा नहीं होता, बल्कि ये बाहरी ताकतों के इशारे पर आयोजित किए जाते हैं।" उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विवाद खड़ा कर दिया है। इस दावे पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं और इस विषय पर बहस तेज हो गई है।