
अफगानिस्तान में तालिबान की पकड़ मजबूत होती जा रही है। इतनी मजबूत कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका को भी बातचीत करनी पड़ रही है। अमेरिका ने ये अनुमान लगाया था कि तालिबान को राजधानी काबुल पर कब्जा करने में 90 दिन का समय लगेगा। वहीं, तालिबान गुरुवार देर रात को अफगानिस्तान के दूसरे बड़े शहर कंधार पर भी कब्जा कर लिया। न्यूज एजेंसी AP ने यह जानकारी दी है। इसके साथ ही अफगानिस्तान के 34 में से 12 प्रांतों पर तालिबान का कब्जा हो गया है। इससे पहले तालिबान ने गजनी और हेरात प्रांत पर कब्जा कर लिया था। बता दें गजनी से अफगानिस्तान की राजधानी काबुल सिर्फ 130 किमी दूर है।
इधर, काबुल में भारतीय दूतावास ने गुरुवार को बताया कि तालिबान के कब्जे वाले इलाके से तीन भारतीय इंजीनियर्स को एयरलिफ्ट किया गया है। भारत ने अफगानिस्तान में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर गुरुवार को एक बार फिर से एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा है कि उड़ानें बंद होने से पहले भारतीय वतन लौटने के तुरंत इंतजाम करें। भारतीय कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को वापस भेज दें। साथ ही कहा है कि कवरेज के लिए आए भारतीय पत्रकार भी सुरक्षा के अतिरिक्त इतंजाम कर लें। इससे पहले भारतीय दूतावास ने 29 जून, 24 जुलाई और 10 अगस्त को भी एडवाइजरी जारी की थी। भारत ने कहा है कि अफगानिस्तान में शांति चाहते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि काबुल में भारतीय दूतावास बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही कहा कि हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
हमारे दूतावास पर हमला न करें: अमेरिका
उधर, अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत अफगानिस्तान छोड़ने के लिए कहा है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी वार्ताकारों ने तालिबान से कहा है कि अगर वे राजधानी काबुल पर कब्जा कर लेते हैं तो उसके दूतावास पर हमला नहीं करें। साथ ही कहा है कि उसके नागरिकों और दूतावास के अफसरों को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाएं। तालिबान के साथ मुख्य अमेरिकी दूत जाल्मय खलीलजाद की अगुवाई में बातचीत हो रही है।
अमेरिका ने पाकिस्तान को चेताया
अमेरिका ने पाकिस्तान को चेताया है कि वह अफगान सीमा पर तालिबान के खिलाफ कार्रवाई करे। अपने इलाके में तालिबान को पनाह न लेने दे। इस पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि अमेरिका, अफगानिस्तान के खिलाफ लड़ाई में हमें सिर्फ इस्तेमाल करना चाहता है।














