
उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर में तीन दिन पूर्व हुई हत्या का मामला सामने आया था जिसका पुलिस ने खुलासा किया और बताया कि पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देते हुए पति का मर्डर किया और फिर खून से सने कपड़े और जूते ठिकाने लगाए दिए। बुधवार को दोनों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या के वक्त पहना गया मृतक अजय का खून से सना कपड़ा और जूता बरामद किया है। सीओ ने खुलासा करते हुए पुलिस टीम के प्रभारी कोतवाल सुनील कुमार पांडेय, एसआई दयाशंकर मिश्र, दीपक कुमार व महिला एसआई सुशीला गौतम की सराहना की।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के परसरामपुर गांव निवासी बनवारी लाल का बेटा चंद्रपाल (40) पुणे में काम करता था। परिजनों के अनुसार चंद्रपाल करीब 15 दिन पहले ही घर आया था। चंद्रपाल के पड़ोस में शादी थी जिसमें उसके रिश्तेदार भी आए हुए थे। चंद्रपाल क्षेत्र के चौबनवा गांव में निमंत्रण देने घर से निकला था। देर रात तक जब वह घर वापस नहीं पहुंचा तो परिजन चिंतित हो उठे।
खोजबीन शुरू हुई तो चंद्रपाल का शव घर से करीब 500 मीटर दूर सड़क किनारे पड़ा मिला था। पुलिस ने पिता बनवारी लाल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया। सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल ने बताया कि चंद्रपाल की पत्नी कमला देवी का गांव के ही अजय कुमार से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी जब चंद्रपाल को हुई तो उसने विरोध करना शुरू किया। प्रेम में बाधक बनने पर कमला ने अजय के साथ मिलकर चंद्रपाल की हत्या की साजिश रची थी। अजय ने चंद्रपाल की बसुली से मारकर हत्या की थी। कमला देवी ने चंद्रपाल के कपड़े को छुपा कर रखा था।














