
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को एक बार फिर भारतीय बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 122.52 अंकों की गिरावट के साथ 76,171.08 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 26.55 अंकों की कमी के साथ 23,045.25 के स्तर पर बंद हुआ। इस दिन 2288 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। बुधवार को यह लगातार छठा दिन था जब बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो पर गहरा असर पड़ा है।
6 दिनों से गिरावट का सिलसिला जारी
पिछले 6 दिनों से भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट के कारण निवेशकों के 18 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं। विदेशी निवेशक निरंतर शेयर बेचकर अपना पैसा निकाल रहे हैं। 4 फरवरी से लेकर 12 फरवरी तक सेंसेक्स में 2412.73 अंक (3.07 प्रतिशत) की गिरावट आई है। इस दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 18,04,418 करोड़ रुपये घटकर 4,07,46,408.11 करोड़ रुपये पर आ गया है। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को 4486.41 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसे निकाले थे।
निफ्टी 50 लाइफटाइम हाई से 3232.10 अंक नीचे आ चुका है
शेयर बाजार अपने लाइफटाइम हाई से काफी नीचे आ चुका है। पिछले साल 27 सितंबर को भारतीय बाजार अपने शिखर पर पहुंचा था, और तब से लगातार लगभग 5 महीने से गिरावट का सिलसिला जारी है। 27 सितंबर को सेंसेक्स 85,978.25 अंकों पर पहुंच गया था, जबकि निफ्टी 50 भी 26,277.35 अंकों पर था। इस शिखर से अब तक सेंसेक्स में 9,807.17 अंकों की गिरावट आ चुकी है। वहीं, निफ्टी 50 अपने लाइफटाइम हाई से 3,232.10 अंक नीचे आ चुका है।
इस गिरावट ने निवेशकों के म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो को भी बुरी तरह प्रभावित किया है और वे भारी नुकसान में हैं।














