
कोरोना के इस कहर के बीच आज प्रदेश में नई गाइडलाइन के साथ स्कूल खोले गए। प्रदेश के सभी स्कूलों में 30% तक पाठ्यक्रम में कटौती का फैसला किया गया है। शिक्षा विभाग हर महीने छात्रों के मूल्यांकन के लिए टेस्ट भी लेगा। ताकि भविष्य में लॉकडाउन की स्थिति में उसी आधार पर छात्रों का मूल्यांकन किया जा सके। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि लंबे समय से कोरोना संक्रमण की वजह से शिक्षा व्यवस्था बे-पटरी हो गई थी। ऐसे में छात्रों और शिक्षकों पर दबाव न बने इस बात को ध्यान में रखते हुए विभाग ने 30% कोर्स में कटौती का फैसला किया है। आदेश जल्द जारी कर दिए जाएंगे। इसके तहत अब स्कूलों में सिर्फ 70% कोर्स ही पढ़ाया जाएगा। ताकि समय पर 9वीं से 12वीं तक का कोर्स पूरा हो सके।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका है। ऐसे में शिक्षा विभाग द्वारा अब हर महीने छात्रों का टेस्ट लेने का फैसला किया गया है। ताकि भविष्य में अगर हम परीक्षा नहीं करा पाए, तो भी बच्चों का मूल्यांकन कर सकें। इसके लिए शिक्षा विभाग ने हर महीने टेस्ट का प्रारूप तैयार कर लिया गया। इसे अगले महीने से मूर्त रूप दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ने बताया कि राजस्थान में छोटे बच्चों का स्वास्थ्य प्राथमिकता है। ऐसे में हर स्कूल की हकीकत जांची जाएगी। इसके लिए जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे। कहीं कोई गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्राइमरी स्कूल के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। वहां से दिशा-निर्देश के बाद ही यहां तैयारी शुरू होगी। उससे पहले प्रदेश के चिकित्सा विभाग और मुख्यमंत्री स्तर पर भी चर्चा होगी।














