
कोरोना का कहर थमता नजर आ रहा हैं जहां संक्रमण के आंकड़ों में कमी नजर आने लगी हैं। शुक्रवार को मई के महीने के सबसे कम 236 मरीज मिले। मई के 20 दिन में 11026 मरीज मिले, इनमें 10857 ठीक हो गए। यानी रिकवरी रेट 98.46 फीसदी रही। ओवरऑल रिकवरी रेट की बात करें तो अप्रैल तक रिकवरी रेट 65.58 फीसदी थी, जो मई में 77.28 पहुंच गई। अब तक 28956 पॉजिटिव पाए गए। 22,380 स्वस्थ हो चुके हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि ऑक्सीजन बेड भी खाली होने लगे हैं। मई के शुरुआत से तुलना करें तो एक भी बेड खाली नहीं था। शुक्रवार को 111 ऑक्सीजन बेड खाली थे। प्रशासन 142 ऑक्सीजन व 6 वेंटिलेटर बढ़ाने में भी सफल रहा। इस वजह से अब कुल बेड 736 से बढ़कर 1002 हो गए।
मई के शुरुआत में हर दिन औसत आठ मौतें हो रही थी। अब यह संख्या 5 पर आ गई, यानी 37 फीसदी मौतें कम होने लगी है। शुक्रवार को महरोली के 46 वर्षीय व्यक्ति, नीमकाथाना के गोडावास की 22 वर्षीय युवती, फतेहपुर के 50 वर्षीय युवक और लक्ष्मणगढ़ की 45 वर्षीय महिला की सांवली अस्पताल में मृत्यु हुई है। बलारा के 60 वर्षीय बुजुर्ग की लक्ष्मणगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौत हुई। गोठड़ा तगेलान के 53 वर्षीय व सीकर शहर की 55 वर्षीय महिला की एसके अस्पताल में मौत हो गई।
राजस्थान में कोरोना : संक्रमितों के साथ घटा मौतों का आंकड़ा, 18,264 मरीज रिकवर
कोरोना का दौर जारी है जिसमें घटते आंकड़ों की वजह से राहत मिलने लगी हैं। राजस्थान में 35 दिन बाद शुक्रवार को 7 हजार से कम 6,225 केस मिले हैं, जबकि 129 लोगों की मौत हो गई। वहीं राहत की बात ये है कि 18,264 मरीज रिकवर हुए हैं। आज राज्य में रिकवरी रेट 85 फीसदी के नजदीक पहुंच गई। सबसे अच्छी रिकवरी रेट जालौर में 94 फीसदी, जबकि सबसे कम 63 फीसदी जैसलमेर की है। मरीजों की बढ़ती रिकवरी का नतीजा है कि प्रदेश में अब हर बड़े अस्पतालों में लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट के बैड्स आसानी से मिलने शुरू हो गए हैं। राजस्थान में एक तरफ तो कोरोना के मामले लगातार कम हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक नया खतरा म्यूकोमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस के केस तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। राज्य में अब तक ब्लैक फंगस के 700 केस मिल चुके हैं।














