
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato एक नई सुविधा के परीक्षण में है, जो रेस्टोरेंट्स को सीधे कस्टमर्स के डेटा तक पहुँच प्रदान करेगी। इस फीचर के तहत, कस्टमर का नाम, पता और फोन नंबर केवल उनकी अनुमति मिलने पर रेस्टोरेंट्स के साथ शेयर किया जाएगा। इसका उद्देश्य रेस्टोरेंट्स को ग्राहकों की पसंद और अनुभव को बेहतर तरीके से समझने में मदद करना है।
इस पहल से रेस्टोरेंट्स कस्टमर्स के साथ मजबूत रिश्ता बनाने में सक्षम होंगे। Zomato नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के साथ मिलकर इस सुविधा पर काम कर रहा है और फिलहाल इसे पायलट चरण में टेस्ट किया जा रहा है।
लगभग 10 साल पुराने विवाद पर विराम
Zomato का यह कदम एक दशक पुराने झगड़े को भी सुलझा सकता है, जिसमें रेस्टोरेंट्स ने फ़ूड डिलीवरी ऐप्स पर कस्टमर्स का डेटा छिपाने का आरोप लगाया था। नए फीचर के तहत, रेस्टोरेंट्स को कस्टमर की जानकारी केवल तब मिलेगी जब कस्टमर इसे अनुमति देगा। Zomato रेस्टोरेंट्स के साथ डेटा शेयर करने से पहले स्पष्ट परमिशन मांगेगा।
डेटा शेयरिंग के इस फीचर से रेस्टोरेंट्स को मार्केटिंग और प्रमोशनल मैसेज कस्टमर तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
रेस्टोरेंट्स के लिए क्यों अहम है यह फीचर
रेस्टोरेंट्स का कहना है कि उन्हें कस्टमर की जानकारी तक एक्सेस की आवश्यकता है ताकि वे जान सकें कौन ऑर्डर कर रहा है, कितनी बार ऑर्डर करता है और किस प्रकार का खाना पसंद करता है। इससे उन्हें मार्केटिंग के खर्च को स्मार्ट तरीके से मैनेज करने और कस्टमर की पसंद के अनुसार ऑफर या प्रमोशन भेजने में मदद मिलेगी।
उनका मानना है कि लंबे समय तक चलने वाला मजबूत रिश्ता बनाने के लिए कस्टमर्स से सीधे जुड़ना जरूरी है। यह फीचर रेस्टोरेंट्स को ग्राहक अनुभव और मार्केटिंग दोनों ही क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर देगा।














