अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे। चार दिनों की इस अहम यात्रा को भारत और अमेरिका के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूबियो के आगमन को लेकर कोलकाता में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और शहर के कई प्रमुख इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कोलकाता दौरे के बाद वह नई दिल्ली रवाना होंगे, जहां उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम बैठक प्रस्तावित है।
भारत यात्रा की शुरुआत मार्को रूबियो ने कोलकाता से की। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने Missionaries of Charity के मदर टेरेसा हाउस जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने मदर टेरेसा के मानव सेवा कार्यों को याद करते हुए सम्मान व्यक्त किया। रूबियो के कार्यक्रम को देखते हुए शहर के कई हिस्सों, खासकर विक्टोरिया मेमोरियल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। उनके साथ अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के अन्य अधिकारी भी मौजूद हैं, जिनमें अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी शामिल हैं।
#WATCH | West Bengal: US Secretary of State Marco Rubio arrived in Kolkata this morning.
— ANI (@ANI) May 23, 2026
(Video: US Network Pool via Reuters) pic.twitter.com/NQGH1SwD81
मार्को रूबियो का यह पहला भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-अमेरिका संबंध नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात के दौरान कई अहम वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने, रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने, आधुनिक तकनीक और निवेश के नए अवसरों पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक QUAD समूह को लेकर भी बैठक में चर्चा हो सकती है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भारत और अमेरिका पहले से ही करीबी समन्वय में काम कर रहे हैं। ऐसे में रूबियो और पीएम मोदी की मुलाकात को रणनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के संबंधों में तेजी से मजबूती देखने को मिली है। रक्षा समझौतों से लेकर टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक रणनीति तक दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ाया है। अमेरिका भारत को एशिया में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहा है, वहीं भारत भी वैश्विक मंच पर अमेरिका के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने पर जोर दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मार्को रूबियो की यह यात्रा आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकती है। खासतौर पर वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा सहयोग और नई तकनीकों में साझेदारी के लिहाज से यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाली बैठक पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं।














