
उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट से मिली जमानत की राहत पर अब सुप्रीम कोर्ट ने ब्रेक लगा दिया है। शीर्ष अदालत के इस फैसले से सेंगर को बड़ा झटका लगा है और उनकी रिहाई फिलहाल टलती नजर आ रही है।
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा कुलदीप सेंगर को जमानत दिए जाने के आदेश के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जांच एजेंसी ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
Supreme Court stays the order of Delhi High Court which suspended life sentence of expelled Bharatiya Janata Party (BJP) leader Kuldeep Singh Sengar in the 2017 Unnao rape case of a minor girl.
— ANI (@ANI) December 29, 2025
Supreme Court also issues notice to Sengar on an appeal of CBI against High Court… pic.twitter.com/sDRuuIV7MX
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जमानत आदेश पर फिलहाल अमल नहीं होगा। अदालत ने कुलदीप सेंगर को नोटिस जारी करते हुए उनसे इस मामले में जवाब तलब किया है। पूर्व विधायक को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, कुलदीप सेंगर को अगले सात दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। फिलहाल, शीर्ष अदालत के इस फैसले से उन्नाव दुष्कर्म मामले में न्यायिक प्रक्रिया पर एक बार फिर देशभर की निगाहें टिक गई हैं।














