
ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी (Swiggy) ने एक बड़ा वित्तीय निर्णय लेते हुए 10,000 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने की मंजूरी प्राप्त कर ली है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने यह अनुमति क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और अन्य वित्तीय साधनों के जरिए पूंजी बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इस कदम से कंपनी अपने व्यापार विस्तार और प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
फंड जुटाने की प्रक्रिया और उद्देश्य
शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज को सौंपी गई फाइलिंग में स्विगी ने बताया कि उसे फंड जुटाने के लिए पब्लिक और प्राइवेट प्लेसमेंट दोनों विकल्पों पर विचार करने की अनुमति मिल गई है। इसके लिए कंपनी आम शेयरधारकों की स्वीकृति भी लेगी, जिसके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से असाधारण आम बैठक (EGM) बुलाई जाएगी।
कंपनी का कहना है कि यह कदम उस समय उठाया जा रहा है जब क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बेहद तेज़ हो गई है। Blinkit और Zepto जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के बीच टिके रहने और अपनी वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए स्विगी ने यह रणनीतिक निर्णय लिया है।
CFO का बयान: "ग्रोथ कैपिटल की जरूरत"
स्विगी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) राहुल बोथरा ने NDTV प्रॉफिट से बातचीत में कहा कि, “हमने हाल के समय में इस सेक्टर में लगातार बढ़ते निवेश को देखा है। पुराने और नए दोनों खिलाड़ी तेजी से निवेश आकर्षित कर रहे हैं। इसलिए हमें भी अपने ग्रोथ कैपिटल को सुरक्षित करने की आवश्यकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “इस फंड में से कुछ हिस्सा स्ट्रैटेजिक रिजर्व के रूप में रखा जाएगा, ताकि क्विक कॉमर्स बिजनेस की ग्रोथ को गति दी जा सके। इसके अलावा, हम तकनीकी नवाचारों में भी निवेश जारी रखेंगे, जिससे स्विगी को भविष्य के लिए और सक्षम बनाया जा सके।”
तिमाही नतीजे: घाटा बढ़ा, लेकिन राजस्व में उछाल
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में कंपनी को बढ़ते घाटे का सामना करना पड़ा। पिछली साल की समान अवधि में जहां घाटा 626 करोड़ रुपये था, वहीं इस साल यह बढ़कर 1092 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, सकारात्मक पक्ष यह रहा कि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 3601 करोड़ रुपये से बढ़कर 5561 करोड़ रुपये पर पहुंच गया — यानी मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की गई।
भविष्य की संभावनाएं और विश्लेषकों का अनुमान
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने अपने विश्लेषण में कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 तक स्विगी के राजस्व में 20 से 22 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। कंपनी के लिए ₹550 का टारगेट प्राइस तय करते हुए इसे ‘खरीदें (Buy)’ की रेटिंग दी गई है।














