स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी नेताओं ने सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के व्यवहार पर सवाल उठाए। बीजेपी की ओर से राष्ट्रगीत के अपमान के आरोप लगाए गए, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए घटना की अलग वजह बताई।
वीडियो सामने आने के बाद उठा विवाद
कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ध्वजारोहण के बाद ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया। इसी दौरान सामने आए एक वीडियो में सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एक-दूसरे से बातचीत और हाथ के इशारों में कुछ कहते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद इसको लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हुई। आलोचकों ने दावा किया कि दोनों नेताओं के इशारे राष्ट्रगीत के दौरान किए गए और इस पर सवाल उठाए गए।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने सफाई जारी की। पार्टी के मुताबिक, जिस समय सोनिया गांधी खरगे से बातचीत करती नजर आईं, उस दौरान कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में कुछ व्यवस्था संबंधी हलचल चल रही थी।
कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी यह सुनिश्चित करना चाहती थीं कि मल्लिकार्जुन खरगे के लिए बैठने की व्यवस्था हो जाए। पार्टी के अनुसार, खरगे बुजुर्ग हैं और काफी समय से खड़े थे। कांग्रेस ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के साथ विरोध प्रदर्शन के दौरान खरगे की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें वहां से ले जाना पड़ा था।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी के इशारे का ‘वंदे मातरम’ के गायन से कोई संबंध नहीं था। कांग्रेस के मुताबिक, वह खुद भी उस समय राष्ट्रगीत गा रही थीं और केवल कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर ध्यान दे रही थीं।
कांग्रेस ने एक बार फिर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का अपमान कर अपनी मानसिकता उजागर कर दी। pic.twitter.com/StKD44pVJK
— BJP Gujarat (@BJP4Gujarat) August 15, 2026
गुजरात बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
वीडियो को लेकर गुजरात बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक बार फिर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान किया है। बीजेपी ने इसे वोट बैंक की राजनीति से भी जोड़ते हुए कांग्रेस की आलोचना की।
बीजेपी प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने भी वीडियो को लेकर सोनिया गांधी पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ‘वंदे मातरम’ के दौरान सोनिया गांधी ने आपत्ति जताई थी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूछा था कि इसे क्यों बजाया जा रहा है। अग्रवाल ने ‘वंदे मातरम’ को स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति से जुड़ा ऐतिहासिक प्रतीक बताया और कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाया।
आरपी सिंह ने भी साधा निशाना
बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने सोशल मीडिया पर सोनिया गांधी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान सोनिया गांधी कथित तौर पर नाराज हुईं और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इसे रोकने के लिए कहा।
हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही सोनिया गांधी की गतिविधि का राष्ट्रगीत के गायन से कोई संबंध नहीं था। पार्टी के अनुसार, वह खरगे के लिए बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं।
इस तरह एक वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। कांग्रेस ने जहां इसे व्यवस्था से जुड़ा मामला बताया है, वहीं बीजेपी नेताओं ने वीडियो के आधार पर अलग दावे किए हैं।













