
रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। लगातार दूसरे दिन सर्राफा बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जिससे कीमती धातुओं के भाव औंधे मुंह गिर गए। रविवार को चांदी में लोअर सर्किट लग गया, जबकि सोना भी भारी दबाव में रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊंचे दामों पर मुनाफावसूली इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई है।
रविवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में 9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मार्च डिलीवरी वाली चांदी 26,273 रुपये टूटकर सीधे 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम के लोअर सर्किट स्तर पर बंद हुई। इससे पहले शुक्रवार को ही चांदी के भाव में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई थी, जब इसमें 1,07,968 रुपये यानी करीब 27 प्रतिशत की भारी कमजोरी आई थी और भाव 2,91,925 रुपये प्रति किलो तक फिसल गए थे।
अगर पिछले दो कारोबारी दिनों पर नजर डालें, तो चांदी कुल 1,34,241 रुपये यानी लगभग 33.6 प्रतिशत सस्ती हो चुकी है। साप्ताहिक आधार पर भी चांदी की हालत कमजोर बनी हुई है। 23 जनवरी को जहां इसका भाव 3,34,699 रुपये प्रति किलो था, वहीं अब इसमें 69,047 रुपये यानी करीब 21 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।
सोने में भी तेज उतार-चढ़ाव, दो दिन में करीब ₹45 हजार की गिरावट
सोने के वायदा बाजार में भी रविवार को भारी अस्थिरता देखने को मिली। अप्रैल डिलीवरी वाला सोना शुरुआती कारोबार में 9 प्रतिशत तक टूट गया और 1,38,634 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसलते हुए लोअर सर्किट के करीब पहुंच गया। हालांकि, दिन के दौरान इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली और आखिरकार सोना 3 प्रतिशत यानी 4,241 रुपये की गिरावट के साथ 1,48,104 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
पिछले दो दिनों में सोने की कीमतों में कुल 44,992 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले शुक्रवार को भी सोना 31,617 रुपये यानी 17.2 प्रतिशत टूटकर 1,52,345 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। गौरतलब है कि गुरुवार को ही सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा था।
क्या अभी और टूटेंगे सोना-चांदी के भाव?
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर का मानना है कि कीमतों में इतनी तेज गिरावट बाजार में आई अत्यधिक तेजी का स्वाभाविक नतीजा है। उन्होंने कहा कि सर्राफा बाजार में जिस रफ्तार से उछाल आया था, उसी तेजी से अब करेक्शन देखने को मिल रहा है।
मेर के मुताबिक, मौजूदा हालात में घरेलू बाजार में सोना अपने लाइफटाइम हाई से करीब 20 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जबकि चांदी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 37 प्रतिशत फिसल चुकी है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आने वाले कुछ कारोबारी सत्रों में तकनीकी आधार पर और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि इसके बाद कीमतों में कुछ स्थिरता या सीमित सुधार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।













