
कांग्रेस के पूर्व सांसद शकील अहमद ने एक बार फिर सनसनीखेज बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उनका कहना है कि उनकी जान को खतरा है और यह खतरा किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के भीतर मौजूद लोगों से है। शकील अहमद का दावा है कि पार्टी के कुछ करीबी सहयोगियों ने उन्हें गुप्त रूप से आगाह किया है कि उन पर हमला हो सकता है।
बिहार से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके शकील अहमद हाल ही में राहुल गांधी को ‘डरपोक’ कहने के बाद से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। इस बयान के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ी और अब शकील का कहना है कि हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि उन्हें अपनी जान जाने का डर सता रहा है।
शकील अहमद का बड़ा आरोप
शकील अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से उनके खिलाफ हमला करवाने की साजिश रची जा रही है। उनके मुताबिक यह हमला पटना या मधुबनी स्थित उनके आवास पर कराया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी स्थिति लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत है।
शकील अहमद ने लिखा कि किसी नेता द्वारा सवाल उठाने या अलग राय रखने पर इस तरह की धमकियां मिलना बेहद चिंताजनक है। उनका कहना है कि अगर पार्टी के भीतर असहमति की यही कीमत चुकानी पड़े, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है।
सोशल मीडिया पर साझा किया सबूत
अपने दावे को मजबूत करने के लिए शकील अहमद ने X पर एक और पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने एक व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट सार्वजनिक किया। इस चैट में एक व्यक्ति कथित तौर पर राहुल गांधी के खिलाफ अपशब्द कहने के चलते शकील अहमद को जान से मारने की बात करता नजर आ रहा है।
इस चैट को साझा करते हुए शकील अहमद ने तंज भरे लहजे में लिखा कि अब उनकी आशंका पूरी तरह सच साबित हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पुराने साथियों ने उन्हें समय रहते सचेत कर दिया, जिसके लिए वे उनका आभार जताते हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सब राहुल गांधी की जानकारी या आदेश के बिना संभव है।
शकील अहमद के इन आरोपों के बाद कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या शकील अहमद के आरोपों की कोई आधिकारिक जांच होती है या नहीं।














