अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संगठन का पक्ष रखते हुए इसे अत्यंत गंभीर और निंदनीय बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही संघ ने मंदिर प्रशासन और सरकार से व्यवस्था में मौजूद सभी खामियों को दूर कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को पहुंची ठेस
आरएसएस ने अपने बयान में कहा कि अयोध्या में निर्मित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सदियों तक चले संघर्ष, अनगिनत राम भक्तों के त्याग, समर्पण और बलिदान का प्रतीक है। यह मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थल पर दान पात्रों से धन चोरी होने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे राम भक्तों की भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है। संघ ने इसे केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास पर गंभीर प्रहार बताया।
Statement issued by Dattatreya Hosabale, Sarkaryavah (General Secretary) of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS).
— RSS (@RSSorg) July 3, 2026
New Delhi, July 3, 2026
The grand temple constructed at the Shri Ram Janmabhoomi has become a center of reverence, faith, and devotion for the entire Hindu society,… pic.twitter.com/ppdkc8kuwU
दोषियों को मिले कठोर दंड, व्यवस्था बने पूरी तरह पारदर्शी
संघ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। जांच एजेंसी अपनी कार्रवाई शुरू कर चुकी है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। आरएसएस ने मांग की कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो तथा इस कथित महापाप में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले। इसके साथ ही मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा, धन के रखरखाव और संपूर्ण वित्तीय व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
मंदिर प्रबंधन से गंभीरता दिखाने की अपेक्षा
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इस घटना को किसी सामान्य चोरी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंदिर प्रबंधन और शासन इस पूरे मामले को पूरी गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएंगे। उनका कहना था कि वर्तमान में मंदिर से जुड़े घटनाक्रम को लेकर जो असमंजस और भ्रम की स्थिति बनी हुई है, उसे जल्द समाप्त किया जाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास पूरी तरह कायम रह सके।
राम भक्तों से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील
संघ ने इस संवेदनशील मुद्दे पर देशभर के राम भक्तों से भी विशेष अपील की है। बयान में कहा गया कि सभी श्रद्धालु धैर्य, संयम और जिम्मेदारी के साथ इस पूरे घटनाक्रम को देखें तथा जांच पूरी होने तक अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचें। आरएसएस ने यह भी कहा कि समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि भारत और हिंदू समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाली ताकतें इस घटना का गलत फायदा न उठा सकें। संघ का मानना है कि सत्य सामने आने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होने से श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।













