
नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र बुधवार को अचानक हंगामे की आग में बदल गया, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौतों में भारत के हितों को "बेचने" का आरोप लगाया। उनके इस आरोप के तुरंत बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल करने की घोषणा की।
राहुल गांधी का हमला
बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति और आर्थिक निर्णयों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ किए गए व्यापारिक समझौतों में भारत के हितों की अनदेखी की गई है। राहुल ने कहा, "अगर इंडिया गठबंधन की सरकार होती, तो हम बराबरी के आधार पर सौदे करते। हम अमेरिकी राष्ट्रपति से स्पष्ट कहते कि हम आपके नौकर नहीं हैं।"
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका अब यह तय कर रहा है कि भारत किस देश से तेल खरीदेगा। राहुल के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी इस मामले में निर्णय नहीं ले रहे हैं और मौजूदा नीतियों ने भारतीय किसानों को आर्थिक दबाव और नुकसान झेलने के लिए मजबूर किया है।
#WATCH | Delhi: Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, "We are going to file a privilege notice against Rahul Gandhi for misleading the house and also making baseless statements. There are very clear-cut rules of procedure and conduct of business in the Lok Sabha… pic.twitter.com/apyA7BQCxw
— ANI (@ANI) February 11, 2026
‘देश को कोई बेच नहीं सकता’ – किरेन रिजिजू का जवाब
राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में इन आरोपों को असत्य और असंसदीय करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी प्रमाण या पूर्व नोटिस के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। रिजिजू ने कहा, "राहुल गांधी का दावा कि किसी ने भारत को बेचा है, पूरी तरह निराधार है। कोई भी व्यक्ति भारत को खरीदने या बेचने की कल्पना भी नहीं कर सकता।"
किरेन रिजिजू ने आगे स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के सदन में दिए गए बयान से सदन को गुमराह करने का प्रयास हुआ है। उन्होंने कहा, "हम उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के नियम बेहद स्पष्ट हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो पहले नोटिस देना और आरोपों को साबित करना आवश्यक है।"
सदन में कार्रवाई की प्रक्रिया
रिजिजू ने यह भी कहा कि उन्होंने अनुरोध किया है कि राहुल गांधी को सदन में बुलाया जाए और उनके आरोपों की पुष्टि के लिए उन्हें जवाब देने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ यह कहकर झूठे आरोप लगाए कि प्रधानमंत्री ने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया। यह आरोप न केवल निराधार है बल्कि सदन की गरिमा के खिलाफ भी है। साथ ही, उन्होंने हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ बिना किसी नोटिस के गंभीर आरोप लगाए हैं, जो पूर्णत: अस्वीकार्य है।"













