
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% तक टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खिंचाव साफ दिखने लगा है। इस कदम से भारतीय व्यापारियों पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। लेकिन कूटनीतिक हलकों में उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से यह तनाव कुछ हद तक कम हो सकता है।
UNGA में पीएम मोदी का संभावित भाषण
प्रधानमंत्री मोदी अगले महीने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में हिस्सा लेने अमेरिका जा सकते हैं। प्रारंभिक कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें 26 सितंबर को महासभा में संबोधन देना है। हालांकि, यह फिलहाल प्रस्तावित तिथि है और अंतिम मुहर अभी लगनी बाकी है।
इस वर्ष महासभा का उच्च स्तरीय सामान्य वाद-विवाद 23 से 29 सितंबर तक चलेगा। परंपरा के अनुसार, बहस की शुरुआत ब्राज़ील से होगी, उसके बाद अमेरिका का संबोधन होगा। राष्ट्रपति ट्रंप 23 सितंबर को अपना भाषण देंगे। दिलचस्प बात यह है कि 26 सितंबर को भारत के साथ इजराइल, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के नेता भी आम बहस में हिस्सा लेंगे।
टैरिफ विवाद और संभावित वार्ता
अमेरिका ने पहले भारत पर 25% टैरिफ लगाया था, जो रूस के साथ भारत के तेल व्यापार को लेकर अब अतिरिक्त 25% बढ़ाकर कुल 50% कर दिया गया है। इस बढ़ोतरी ने दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी का यह दौरा ट्रंप से सीधी वार्ता का अवसर बन सकता है, जिससे मतभेदों को सुलझाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।
पिछली मुलाकात की झलक
फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी अपनी पिछली अमेरिका यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप से मिले थे। उस बैठक में दोनों नेताओं ने 2025 तक एक बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Multi-sector Bilateral Trade Agreement) के पहले चरण पर बातचीत शुरू करने की सहमति जताई थी। उस समय जारी संयुक्त बयान में ‘परस्पर लाभकारी’ व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था।
भारत की प्रतिक्रिया
अमेरिका के नए टैरिफ पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने कहा कि भारत को इस तरह निशाना बनाना अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत अपने राष्ट्रीय हित और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।














