
भारत और चीन के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। दोनों देशों की राजधानी नई दिल्ली और बीजिंग के बीच जल्द ही डायरेक्ट फ्लाइट सेवा फिर से शुरू होने वाली है। इस बात की पुष्टि भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया के जरिए की। उन्होंने बताया कि एयर चाइना नई दिल्ली और बीजिंग के बीच डायरेक्ट फ्लाइट ऑपरेशन को पुनः बहाल कर रहा है। यह कदम दोनों देशों के बीच बेहतर होते संबंधों और बढ़ती आर्थिक व पर्यटन गतिविधियों का प्रतीक माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही नई दिल्ली और शंघाई के बीच भी डायरेक्ट फ्लाइट सेवा शुरू की गई थी।
✈️ Air China resuming direct flights between Beijing & Delhi = more than just travel! 🛫🌏
— Yu Jing (@ChinaSpox_India) March 21, 2026
It`s Trade 📦 Tourism 🏯🕌 Trust 🤝 — and a BIG green light 🟢 for SCO & BRICS people-to-people cooperation! 🇨🇳🤝🇮🇳 pic.twitter.com/E3sisBJdyb
1 फरवरी को शंघाई से नई दिल्ली आई एयर इंडिया की फ्लाइट
एयर इंडिया ने 1 फरवरी को शंघाई से नई दिल्ली के लिए पहली डायरेक्ट फ्लाइट ऑपरेट की थी। इस फ्लाइट में लगभग 230 यात्री सवार थे। यह 6 वर्षों में पहली बार था जब भारत और चीन के बीच प्रमुख शहरों के बीच सीधे हवाई संपर्क की सुविधा उपलब्ध हुई। इसके अलावा, इंडिगो एयरलाइंस भी जल्द ही चीन के लिए अपनी फ्लाइट सेवाओं की शुरुआत करने वाली है। दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट सेवा न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधा लेकर आएगी, बल्कि छोटे व्यापारियों और पर्यटन उद्योग को भी बड़ी मदद करेगी।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा महत्वपूर्ण बढ़ावा
यू जिंग ने बताया कि नई दिल्ली और बीजिंग के बीच शुरू होने वाली यह फ्लाइट सेवा सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आपसी भरोसे को मजबूत करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगी। इससे SCO और BRICS देशों के नागरिकों को भी फायदा मिलेगा। दरअसल, कोरोना वायरस महामारी और गलवान घाटी में भारत-चीन सेनाओं के बीच हुई झड़प के बाद 2020 में दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट सेवा स्थगित कर दी गई थी। पिछले साल, अक्टूबर में दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद फ्लाइट सेवाओं को फिर से बहाल किया गया था।
इस नई फ्लाइट सुविधा से न केवल यात्री समय और सुविधाओं की दृष्टि से लाभान्वित होंगे, बल्कि व्यापारिक संपर्कों और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। यह कदम भारत और चीन के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग और आपसी विश्वास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














