
महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी ने माहौल गर्मा दिया है। बीजेपी नेता नवनीत राणा द्वारा हिंदुओं से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कुछ समय पहले दिए गए अपने बयान में नवनीत राणा ने कहा था कि उन्होंने एक मौलवी को यह कहते सुना है कि वह 19 बच्चों के बावजूद संतुष्ट नहीं है। इसी उदाहरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि अगर देश को सुरक्षित और मजबूत रखना है, तो हिंदुओं को भी कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए।
नवनीत राणा के इस बयान पर देशभर में प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और विपक्षी दलों ने इसे भड़काऊ करार दिया। इसी क्रम में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मुद्दे पर पलटवार किया।
ओवैसी का पलटवार—“चार नहीं, आठ बच्चे करो”
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के प्रचार के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने नवनीत राणा के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। रविवार, 4 जनवरी को अमरावती पहुंचे ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा था, “चार बच्चे क्यों, आप आठ बच्चे कर लो, हमें इससे क्या?” ओवैसी के इस जवाब ने विवाद को और हवा दे दी और बयानबाज़ी का सिलसिला तेज हो गया।
ओवैसी के बयान पर नवनीत राणा का पलटवार
अब AIMIM प्रमुख के इस बयान पर नवनीत राणा ने और भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता ने कहा कि देश में लोकतंत्र लगातार बदल रहा है और इस पर बोलने की जिम्मेदारी संसद सदस्यों की है। उन्होंने कहा, “अगर आपको इस देश में रहना है, तो आपको संविधान का सम्मान करना होगा। ओवैसी को लोकतंत्र पर खुलकर बोलना चाहिए।”
नवनीत राणा ने यहीं नहीं रुकते हुए असदुद्दीन ओवैसी की नागरिकता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि ओवैसी की भारतीय नागरिकता रद्द की जानी चाहिए और उन्हें देश से बाहर भेज दिया जाना चाहिए।
‘पाकिस्तान भेज दो, वहां 20 बच्चे पैदा करें’
अपने बयान को और आक्रामक बनाते हुए नवनीत राणा ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी को पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए। वहां जाकर वे 10 नहीं, बल्कि 20 बच्चे पैदा करें।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है और इसे बेहद आपत्तिजनक करार दिया जा रहा है।
ओवैसी से सीधे सवाल
नवनीत राणा ने ओवैसी को संबोधित करते हुए कहा, “ओवैसी, हमें अच्छी तरह पता है कि आपके मन में क्या चल रहा है। आप लोकतंत्र की बात क्यों नहीं करते? आप संसद के सदस्य हैं, लेकिन संविधान का सम्मान नहीं करते। आप ‘भारत माता की जय’ नहीं कहते, ‘वंदे मातरम्’ नहीं बोलते, तो फिर आप इस देश को क्या मानते हैं?”
इसके साथ ही नवनीत राणा ने चुनाव आयोग से भी मांग की कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की मान्यता रद्द की जाए। उन्होंने दोहराया कि ओवैसी को भारत में रहने का अधिकार नहीं है और उन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए।














