
दुबई एयर शो के शुक्रवार को हुए हादसे में भारतीय वायुसेना का आधुनिक फाइटर जेट तेजस क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में विंग कमांडर नमन स्याल शहीद हो गए, जो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले थे। उनके अचानक निधन से न केवल कांगड़ा और हिमाचल बल्कि पूरे देश में मातम छा गया है।
परिवार और पृष्ठभूमि
नमन स्याल का पूरा परिवार देश सेवा में समर्पित रहा है। उनकी पत्नी अफसान भी भारतीय वायुसेना की बहादुर अधिकारी हैं। नमन के पिता भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं। शहीद पायलट की एक 6 साल की बेटी है। हादसे के समय उनकी पत्नी कोलकाता में कोर्स में थीं। चूंकि दोनों माता-पिता घर से बाहर थे, इसलिए बेटी की देखभाल के लिए दादा-दादी कांगड़ा से हैदराबाद गए हुए थे।
नमन स्याल कांगड़ा के पटियालकर गांव के रहने वाले थे। सुजानपुर के सैनिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने 2009 में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया। उनकी उड़ान क्षमता और पेशेवर कौशल को देखते हुए, जब भारत की वायुसेना की ताकत अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का मौका आया, तो उन्हें इसका जिम्मा सौंपा गया।
गांव और स्थानीय प्रतिक्रिया
पटियालकर गांव के पूर्व प्रधान शश धीमान ने बताया कि नमन स्याल का पार्थिव शरीर चेन्नई लाया जाएगा और अंतिम संस्कार उनके गृह गांव में ही होगा। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शहीद पायलट को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “दुबई एयर शो में हुए तेजस विमान हादसे में हिमाचल प्रदेश के वीर सपूत नमन स्याल का निधन अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। देश ने एक बहादुर, कर्तव्यनिष्ठ और साहसी पायलट खो दिया। शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। उनकी अदम्य वीरता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को हृदय से नमन।”
दुबई एयर शो में हादसे का विवरण
दुबई एयर शो के अंतिम दिन हुए हवाई प्रदर्शन के दौरान तेजस फाइटर जेट अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के वीडियो फुटेज में विमान अचानक ऊंचाई से गिरते हुए और फिर आग के गोले में बदलते दिखाई दे रहा है। अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ऊपर काला धुआं फैल गया और दर्शक भयभीत होकर हवाई पट्टी के पीछे बनाए गए स्टैंड क्षेत्र में इकट्ठा हो गए। यह हादसा भारत के स्वदेशी रक्षा विमान और पायलट की साहसिक क्षमता के लिए भी एक चुनौतीपूर्ण क्षण साबित हुआ।














