न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

लोकसभा स्पीकर को हटाने का नियम क्या है? क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव, सरल शब्दों में जानिए

लोकसभा स्पीकर को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया क्या है? अनुच्छेद 94(c) के तहत प्रस्ताव कैसे लाया जाता है, कितना बहुमत जरूरी होता है और अविश्वास प्रस्ताव से यह कैसे अलग है—सरल भाषा में पूरी जानकारी पढ़ें।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 09 Feb 2026 2:27:29

लोकसभा स्पीकर को हटाने का नियम क्या है? क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव, सरल शब्दों में जानिए

लोकसभा स्पीकर यानी सदन के अध्यक्ष को उनके पद से हटाने का तरीका भारतीय संविधान में पहले से स्पष्ट रूप से तय है। यह कोई सामान्य या जल्दबाजी में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया नहीं होती। संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत लोकसभा स्पीकर को केवल सदन में लाए और पारित किए गए एक विशेष प्रस्ताव के जरिए ही हटाया जा सकता है। इसके लिए कुछ जरूरी नियम, तय समय-सीमा और न्यूनतम समर्थन का पालन अनिवार्य होता है।

स्पीकर को हटाने की पहल तब शुरू होती है, जब लोकसभा में इस संबंध में एक प्रस्ताव लाया जाता है। इस प्रस्ताव की लिखित सूचना कम से कम 14 दिन पहले देना जरूरी होता है। यानी सदन और सभी सांसदों को पहले से इसकी जानकारी दी जाती है। इसके अलावा, यह प्रस्ताव तभी स्वीकार किया जाता है जब लोकसभा के कम से कम 50 सांसद उसका समर्थन करें। यदि यह न्यूनतम संख्या पूरी नहीं होती, तो प्रस्ताव पर आगे चर्चा भी नहीं हो सकती।

प्रस्ताव पारित करने के लिए कितना बहुमत चाहिए?

जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव सदन में पेश किया जाता है, तब उसे पारित कराने के लिए साधारण बहुमत काफी नहीं होता। इसके लिए लोकसभा के प्रभावी बहुमत की आवश्यकता होती है। प्रभावी बहुमत का अर्थ है—रिक्त सीटों को छोड़कर सदन की कुल सदस्य संख्या का आधे से अधिक समर्थन। यानी उस समय जितने सांसद लोकसभा के सदस्य हैं, उनमें से आधे से ज्यादा सांसदों का प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करना जरूरी होता है।

इस प्रक्रिया के दौरान एक अहम नियम यह भी है कि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव विचाराधीन होता है, तब वे लोकसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते। हालांकि, उन्हें सदन में उपस्थित रहने, चर्चा में भाग लेने और अपनी बात रखने का अधिकार होता है। इतना ही नहीं, यदि मतदान के दौरान बराबरी की स्थिति बनती है, तो वे निर्णायक मत (कास्टिंग वोट) भी दे सकते हैं।

विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव से बनाई दूरी

लोकसभा स्पीकर को लेकर मौजूदा राजनीतिक माहौल में विपक्ष ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। विपक्ष ने यह स्पष्ट किया है कि वह स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएगा। इसके बजाय, विपक्ष संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। यह पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया है और इसका सीधा संबंध सिर्फ स्पीकर के पद से होता है, न कि सरकार को गिराने से।

अनुच्छेद 94(c) में यह प्रावधान है कि लोकसभा स्पीकर को उनके पद से हटाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए तय नियमों का पालन अनिवार्य है। सबसे पहले, इस प्रस्ताव की सूचना कम से कम 14 दिन पहले देनी होती है। यह नोटिस लोकसभा के सभी सदस्यों को भेजा जाता है, ताकि हर सांसद को प्रस्ताव और उसके उद्देश्य की जानकारी हो।

अनुच्छेद 94(c) और अविश्वास प्रस्ताव में क्या फर्क है?

अनुच्छेद 94(c) के तहत लाए गए प्रस्ताव को पारित कराने के लिए भी लोकसभा के उस समय मौजूद सदस्यों के बहुमत की जरूरत होती है। इसका मतलब है कि खाली सीटों को छोड़कर, जितने सांसद उस समय सदन के सदस्य हैं, उनमें से आधे से ज्यादा सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। यह प्रक्रिया अविश्वास प्रस्ताव से पूरी तरह अलग है।

अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ लाया जाता है और उसका उद्देश्य सरकार को गिराना होता है। इसके विपरीत, अनुच्छेद 94(c) के तहत लाया गया प्रस्ताव केवल लोकसभा स्पीकर के पद और उनकी भूमिका से जुड़ा होता है। विपक्ष का कहना है कि उसका मकसद सरकार को अस्थिर करना नहीं, बल्कि सदन की कार्यवाही और स्पीकर की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाना है।

किन अन्य स्थितियों में खत्म हो सकता है स्पीकर का पद?

लोकसभा स्पीकर का पद केवल प्रस्ताव के जरिए ही समाप्त नहीं होता। कुछ अन्य परिस्थितियों में भी स्पीकर अपने पद पर नहीं रह सकते। यदि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत वे लोकसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिए जाते हैं, तो स्वतः ही उनका स्पीकर पद भी समाप्त हो जाता है।

इसके अलावा, स्पीकर अपनी इच्छा से इस्तीफा भी दे सकते हैं। ऐसे में उन्हें अपना इस्तीफा लोकसभा के उपाध्यक्ष यानी डिप्टी स्पीकर को सौंपना होता है। कुल मिलाकर कहा जाए तो लोकसभा स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक ढांचे के भीतर होती है, जिसमें पूर्व सूचना, विशेष बहुमत और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है। इसका उद्देश्य इस संवैधानिक पद की गरिमा, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मर्यादा को बनाए रखना है।

राज्य
View More

Shorts see more

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

  • मानसून में स्किन चिपचिपी और पिंपल्स वाली हो जाती है
  • ब्लू स्किन केयर से ठंडक और हाइड्रेशन मिलता है
  • #BlueSkincare ट्रेंड युवाओं में वायरल है
read more

ताजा खबरें
View More

NEET UG 2026: नई परीक्षा तिथि घोषित, 21 जून को होगा री-एग्जाम; NTA ने जारी किए अहम दिशा-निर्देश
NEET UG 2026: नई परीक्षा तिथि घोषित, 21 जून को होगा री-एग्जाम; NTA ने जारी किए अहम दिशा-निर्देश
मनाली–दिल्ली बस हादसा: भीषण सड़क दुर्घटना में 15 यात्री घायल, एक यात्री की बाजू कटी
मनाली–दिल्ली बस हादसा: भीषण सड़क दुर्घटना में 15 यात्री घायल, एक यात्री की बाजू कटी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज, TMC के भीतर असंतोष गहराया; महिला सांसदों की नाराजगी से बढ़ी मुश्किलें
पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज, TMC के भीतर असंतोष गहराया; महिला सांसदों की नाराजगी से बढ़ी मुश्किलें
'अभी और बढ़ेंगे दाम, सांसद-विधायक लें एक पेंशन' — पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर भड़की दिल्ली की जनता
'अभी और बढ़ेंगे दाम, सांसद-विधायक लें एक पेंशन' — पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर भड़की दिल्ली की जनता
पश्चिम बंगाल में अवैध कब्जों पर सख्त रुख, सिलीगुड़ी में बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी; यूपी से मंगाए जाएंगे 24 मशीनें
पश्चिम बंगाल में अवैध कब्जों पर सख्त रुख, सिलीगुड़ी में बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी; यूपी से मंगाए जाएंगे 24 मशीनें
NEET-UG री-एग्जाम पर बड़ा अपडेट: पेपर लीक के बाद सरकार ने किए 6 अहम फैसले, अभ्यर्थियों के लिए कई राहत भरे ऐलान
NEET-UG री-एग्जाम पर बड़ा अपडेट: पेपर लीक के बाद सरकार ने किए 6 अहम फैसले, अभ्यर्थियों के लिए कई राहत भरे ऐलान
बंगाल में करारी हार के बाद भी नहीं नरम पड़े अभिषेक बनर्जी, फिर दिए तीखे बयान
बंगाल में करारी हार के बाद भी नहीं नरम पड़े अभिषेक बनर्जी, फिर दिए तीखे बयान
गर्मियों की रातों में नींद नहीं आती? सोने से पहले अपनाएं ये 5 कूलिंग ट्रिक्स, मिनटों में मिलेगा आराम और गहरी नींद
गर्मियों की रातों में नींद नहीं आती? सोने से पहले अपनाएं ये 5 कूलिंग ट्रिक्स, मिनटों में मिलेगा आराम और गहरी नींद
चश्मे को साफ रखने का सही तरीका, इन आसान स्टेप्स से बचाएं लेंस को स्क्रैच और बढ़ाएं उसकी उम्र
चश्मे को साफ रखने का सही तरीका, इन आसान स्टेप्स से बचाएं लेंस को स्क्रैच और बढ़ाएं उसकी उम्र
महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा, 10 मिनट में घर पर बनाएं नेचुरल मैंगो फेस पैक; पाए निखार
महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा, 10 मिनट में घर पर बनाएं नेचुरल मैंगो फेस पैक; पाए निखार
RCB के लिए बढ़ी टेंशन! 16 पॉइंट्स के बावजूद प्लेऑफ से बाहर होने का खतरा, बना IPL 2026 का सबसे पेचीदा समीकरण
RCB के लिए बढ़ी टेंशन! 16 पॉइंट्स के बावजूद प्लेऑफ से बाहर होने का खतरा, बना IPL 2026 का सबसे पेचीदा समीकरण
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से 16.24 करोड़ की ठगी, मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दबोचा
जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा से 16.24 करोड़ की ठगी, मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दबोचा
PBKS vs MI: ‘गलत निर्णय से भारी नुकसान’, अंपायर की चूक पर भड़के अश्विन, नियमों की खामी पर उठाए सवाल
PBKS vs MI: ‘गलत निर्णय से भारी नुकसान’, अंपायर की चूक पर भड़के अश्विन, नियमों की खामी पर उठाए सवाल
जब तक दुनिया रहेगी, वंदे मातरम गूंजता रहेगा; बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा करने वाले हुमायूं कबीर का बड़ा बयान
जब तक दुनिया रहेगी, वंदे मातरम गूंजता रहेगा; बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा करने वाले हुमायूं कबीर का बड़ा बयान