पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस पहले ही केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच के दौरान एक और अहम पहलू सामने आया है, जो केतन के रहस्यमयी तरीके से गायब हुए पासपोर्ट से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि सिया और केतन शादी से पहले प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली जाने वाले थे, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने के बाद केतन का पासपोर्ट नहीं मिला और पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह महज संयोग था या फिर पहले से रची गई किसी योजना का हिस्सा।
इस मामले में उस कैब चालक ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिसने सिया, उसके भाई साहिल और केतन को पुणे से मुंबई एयरपोर्ट तक छोड़ा था। चालक के बयान के बाद जांच एजेंसियां पासपोर्ट गायब होने की घटना को भी पूरे मामले की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानकर जांच कर रही हैं।
कैब में बैठने को लेकर हुआ था विवाद
कैब चालक वैभव जाधव ने बताया कि उसने सुबह करीब 10 बजे पुणे से सिया और उसके भाई साहिल को अपनी गाड़ी में बैठाया था। उसके मुताबिक, सिया शुरुआत में कैब में बैठने के लिए तैयार नहीं थी और साहिल ने उसे समझाकर तथा दबाव डालकर गाड़ी में बैठाया। रास्ते भर दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस होती रही।
ड्राइवर ने बताया कि रावेत पहुंचने पर केतन अग्रवाल भी उसी कैब में सवार हो गए। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान सिया ने ही चाय पीने के लिए गाड़ी रुकवाने की बात कही। जब केतन और साहिल चाय पीने चले गए, तब सिया वापस कार के पास आई और उसने ड्राइवर से डिक्की खोलने के लिए कहा।
डिक्की से निकाला पर्स, फिर शुरू हुआ पासपोर्ट का रहस्य
ड्राइवर के अनुसार, सिया ने कार की डिक्की से अपना पर्स निकाला और उसमें से कुछ सामान बाहर निकाला। हालांकि, उसने यह नहीं देखा कि आखिर उसने पर्स से क्या निकाला। कुछ ही देर बाद तीनों दोबारा गाड़ी में बैठे और मुंबई एयरपोर्ट की ओर रवाना हो गए।
जाधव ने बताया कि एयरपोर्ट पर यात्रियों को उतारने के लगभग दो मिनट बाद उसके पास फोन आया कि उनका एक छोटा बैग कैब में ही छूट गया है। उस समय वह करीब 200 मीटर आगे निकल चुका था। वह तुरंत वापस लौटा और बैग उन्हें सौंप दिया।
पासपोर्ट नहीं मिलने से रद्द हो गई बाली यात्रा
ड्राइवर ने बताया कि बैग लौटाने के कुछ समय बाद उसे फिर फोन आया। इस बार बताया गया कि केतन का पासपोर्ट नहीं मिल रहा है और आशंका जताई गई कि वह कैब में रह गया होगा। जाधव ने बताया कि वह पहले ही पूरी गाड़ी की जांच कर चुका था और उसे कहीं भी पासपोर्ट दिखाई नहीं दिया।
इसके बाद केतन ने वीडियो कॉल के जरिए कैब का पूरा इंटीरियर दिखाने के लिए कहा। ड्राइवर ने ऐसा भी किया, लेकिन पासपोर्ट का कोई पता नहीं चला। बाद में उसे फिर एयरपोर्ट लौटने के लिए कहा गया। वहां पहुंचने के बाद केतन और साहिल ने दोबारा कैब की बारीकी से तलाशी ली, लेकिन काफी तलाश के बावजूद पासपोर्ट नहीं मिला। आखिरकार पासपोर्ट न मिलने के कारण तीनों को बिना यात्रा किए वापस लौटना पड़ा और उनका प्री-वेडिंग शूट भी रद्द हो गया। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
पुलिस को साजिश की आशंका
पुणे ग्रामीण पुलिस पहले ही आशंका जता चुकी है कि सिया गोयल ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट इसलिए गायब किया होगा क्योंकि वह उसके साथ बाली नहीं जाना चाहती थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह भी संभव है कि यह पूरी घटना कथित साजिश का ही एक हिस्सा रही हो।
गौरतलब है कि फरवरी में केतन और सिया की सगाई हुई थी। केतन के पिता ने भी पासपोर्ट गायब होने की घटना को बेहद रहस्यमय बताया था। उनके अनुसार, कार में बैठने से पहले सभी लोगों ने अपने-अपने पासपोर्ट की जांच की थी। केतन अपने क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट को हमेशा एक ही पाउच में रखता था। लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर बाकी सभी के पास अपने दस्तावेज मौजूद थे, केवल केतन का पासपोर्ट ही गायब मिला।
घटनास्थल पर दोबारा पहुंची जांच टीम
जांच को आगे बढ़ाने के लिए रविवार को पुलिस सिया गोयल और चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची, जहां 18 जून को केतन की मौत हुई थी। अधिकारियों ने मौके पर पूरी घटना का पुनर्निर्माण किया और घटनाक्रम को समझने की कोशिश की। इस दौरान एक डमी का इस्तेमाल करते हुए उसे किले की दीवार से नीचे गिराया गया, ताकि यह परखा जा सके कि घटना किस तरह हुई होगी और आरोपियों के बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान किया जा सके।













