
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते (Trade Deal) पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने मंगलवार, 2 फरवरी 2026 को दावा किया कि प्रधानमंत्री को बाहरी दबाव में लाकर इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। राहुल गांधी का कहना था कि इस समझौते के जरिए देश के हितों के साथ समझौता किया गया और प्रधानमंत्री इस बात से डरे हुए हैं कि उनकी बनाई छवि को कोई नुकसान न पहुंचे।
पीएम मोदी पर दबाव का आरोप
राहुल गांधी ने संसद में कहा, “किसी न किसी दबाव के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते पर साइन कर दिया। पीएम मोदी पर असल में भयंकर दबाव है। उन्हें डर है कि उनका वह छवि का गुब्बारा, जिसे हजारों करोड़ रुपये खर्च करके बनाया गया, कहीं फूट न जाए। असल मुद्दा यह नहीं कि नरवणे जी ने क्या कहा, यह तो बस साइड शो है। महत्वपूर्ण यह है कि भारत के प्रधानमंत्री कंप्रोमाइज्ड हो चुके हैं। चार महीने से रुकी इस ट्रेड डील में कुछ बदलाव नहीं हुआ, लेकिन कल शाम इसे अंतिम रूप दे दिया गया।”
किसानों की मेहनत को बेचने का आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया, “प्रधानमंत्री को किसने और कैसे दबाव में रखा, यह जनता को सोचने की जरूरत है। हिंदुस्तान के किसानों को यह समझना चाहिए कि इस समझौते में उनकी मेहनत, उनका खून-पसीना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेच दिया। उन्होंने सिर्फ किसानों को नहीं, बल्कि पूरे देश को बेच दिया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर उन्हें बोलने तक नहीं दिया गया।
अमेरिकी कृषि मंत्री के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस के हालिया बयान का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। ब्रुक रोलिंस ने कहा था, “अब अमेरिकी किसानों के उत्पाद भारत के बाजार में बिकेंगे, जिससे अमेरिका के ग्रामीण इलाकों में पैसा आएगा। भारत का मार्केट अमेरिका के किसानों के लिए बेहद अहम है। ट्रंप ने इस डील से अमेरिका के किसानों को फायदा पहुंचाया है।” कांग्रेस ने इसे भारत के किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
भारतीय किसानों पर पड़ने वाले संभावित असर
कांग्रेस ने कहा कि इस डील से स्पष्ट है कि मोदी सरकार ने भारत के किसानों के हितों को नजरअंदाज किया है। इसके चलते भारत के किसानों को अब अपने ही देश में अमेरिका के किसानों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी। पार्टी का कहना है कि यह पूरी तरह से भारतीय किसानों पर हमला है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि आखिर उन्होंने भारत के किसानों के हितों का सौदा क्यों किया।













