न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

‘दबाव में नहीं आएंगे… ज़रूरत पड़ी तो ट्रंप के कार्यकाल खत्म होने का इंतजार करेंगे’, भारत-US ट्रेड डील को लेकर अजीत डोभाल ने रूबियो को दिया था मैसेज

भारत-US ट्रेड डील को लेकर अजीत डोभाल ने साफ संदेश दिया कि भारत दबाव में नहीं आएगा। ट्रंप के टैरिफ घटाने के फैसले के पीछे की पूरी कूटनीतिक कहानी, डोभाल-रुबियो बातचीत और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर विस्तृत रिपोर्ट।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 05 Feb 2026 9:05:15

‘दबाव में नहीं आएंगे… ज़रूरत पड़ी तो ट्रंप के कार्यकाल खत्म होने का इंतजार करेंगे’, भारत-US ट्रेड डील को लेकर अजीत डोभाल ने रूबियो को दिया था मैसेज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए व्यापारिक टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की हालिया घोषणा के पीछे महीनों चली सख्त कूटनीतिक बातचीत और रणनीतिक संकेतों की लंबी कहानी छिपी है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब भारत ने साफ कर दिया था कि वह किसी भी सूरत में अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा—चाहे सामने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ही क्यों न हो।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया की नींव पिछले साल सितंबर में पड़ी थी, जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एक बेहद स्पष्ट संदेश लेकर वॉशिंगटन पहुंचे थे। यह संदेश सीधे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के लिए था।

‘धमकियों के आगे नहीं झुकेगा भारत’

डोभाल ने अपनी मुलाकात के दौरान बिना किसी लाग-लपेट के साफ शब्दों में कहा था कि भारत राष्ट्रपति ट्रंप या उनके करीबी सहयोगियों की सार्वजनिक धमकियों से प्रभावित नहीं होगा। भारत इससे पहले भी प्रतिकूल अमेरिकी प्रशासनों का सामना कर चुका है और जरूरत पड़ी तो वह मौजूदा राष्ट्रपति का कार्यकाल समाप्त होने तक इंतजार करने को तैयार है—लेकिन दबाव में समझौता नहीं करेगा।

भारतीय पक्ष का यह भी कहना था कि अगर वाशिंगटन वास्तव में रिश्तों को सुधारना चाहता है, तो भारत के खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर आलोचनात्मक बयानबाज़ी से बचना होगा। आपसी सम्मान के बिना किसी भी तरह की ट्रेड डील संभव नहीं है।

चीन यात्रा के बाद वॉशिंगटन मिशन

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद अमेरिका से रिश्तों को दोबारा संतुलित करने की रणनीति अपनाई। इसी कड़ी में अजीत डोभाल को वॉशिंगटन भेजा गया, जहां उनकी मार्को रुबियो से अहम बातचीत हुई।

इस बैठक में डोभाल ने स्पष्ट किया कि भारत बातचीत के दरवाज़े खुले रखना चाहता है, लेकिन वह किसी भी कीमत पर अपनी रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता नहीं करेगा।

‘बात नहीं बनी तो ट्रंप के जाने तक इंतजार’

इस मुलाकात से जुड़े भारतीय अधिकारियों के अनुसार, डोभाल ने यह भी साफ कर दिया था कि अगर ट्रेड डील पर सहमति नहीं बनती है, तो भारत राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल की समाप्ति तक इंतजार करने के लिए तैयार है। हालांकि, भारत की प्राथमिकता यही थी कि रिश्तों को और खराब होने से रोका जाए और सार्वजनिक टकराव से बचा जाए।

दिलचस्प बात यह है कि इस बातचीत के कुछ ही दिनों बाद दोनों देशों के रिश्तों में नरमी के संकेत दिखने लगे। 16 सितंबर को राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए फोन किया और उनके नेतृत्व की खुलकर सराहना की। साल खत्म होने से पहले दोनों नेताओं के बीच टैरिफ कम करने को लेकर चार बार फोन पर चर्चा हुई।

डोभाल के सख्त रुख का असर?

हालांकि सार्वजनिक तौर पर दोनों सरकारों ने इन बैठकों का कोई बड़ा संकेत नहीं दिया, लेकिन सोमवार को ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर ट्रेड डील की घोषणा ने कई भारतीय अधिकारियों को चौंका दिया। माना जा रहा है कि डोभाल-रुबियो मुलाकात ने अमेरिका को यह स्पष्ट संदेश दे दिया था कि भारत उसे एक दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखता है, लेकिन दबाव की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा।

भारत में यह आम समझ थी कि चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने और 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अमेरिका की पूंजी, तकनीक और रक्षा सहयोग अहम हैं—लेकिन यह साझेदारी बराबरी के आधार पर होनी चाहिए।

नए अमेरिकी राजदूत से रिश्तों को नई दिशा

दिसंबर में भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की नियुक्ति को भी रिश्तों में सुधार की दिशा में एक बड़ा संकेत माना गया। गोर व्हाइट हाउस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और ट्रंप व मार्को रुबियो दोनों के करीबी माने जाते हैं।

भारत में अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में गोर ने दोनों देशों के बीच मतभेदों को “असली दोस्तों के बीच होने वाली असहमति” बताया और भरोसा जताया कि इन्हें बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा।

भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार

रिश्तों में सुधार के बावजूद भारत ट्रंप प्रशासन के साथ अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि वह किसी भी वैश्विक शक्ति के साथ रिश्ते बनाते समय अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता से समझौता नहीं करेगा।

भारतीय अधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति शी चिनफिंग और व्लादिमीर पुतिन के साथ हाथ पकड़कर मुस्कुराते हुए वायरल हुई तस्वीरें भी अमेरिका को यह संकेत देने के लिए थीं कि भारत के पास विकल्प मौजूद हैं। दिसंबर में पुतिन का भव्य स्वागत इसी कूटनीतिक संतुलन का हिस्सा माना गया।

अमेरिका से आगे बढ़कर व्यापारिक विविधता

भारत ने हाल ही में लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया, जो ब्रिटेन के साथ हुए समझौते के कुछ ही महीनों बाद सामने आया। इन कदमों से यह साफ हो गया कि अमेरिका के साथ अस्थायी रुकावटों के बावजूद भारत अपने वैश्विक व्यापारिक रिश्तों को विविध बनाने के लिए पूरी तरह गंभीर है।

आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा की मेजबानी करने वाले हैं—जो भारत की सक्रिय और आत्मविश्वासी कूटनीति का एक और उदाहरण होगा।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

प्रियंका गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, बोलीं- लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ देश से गद्दारी
प्रियंका गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, बोलीं- लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ देश से गद्दारी
भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 24 नेताओं को नई जिम्मेदारियां; यूपी में धर्मपाल को मिली कमान
भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 24 नेताओं को नई जिम्मेदारियां; यूपी में धर्मपाल को मिली कमान
रायबरेली से अखिलेश की PDA यात्रा शुरू, लोधी-पासी वोटों पर सपा की नजर
रायबरेली से अखिलेश की PDA यात्रा शुरू, लोधी-पासी वोटों पर सपा की नजर
समस्तीपुर की घटना पर तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी पर हमला, बोले- बिहार में ‘राक्षसराज’ कायम
समस्तीपुर की घटना पर तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी पर हमला, बोले- बिहार में ‘राक्षसराज’ कायम
समस्तीपुर की घटना पर पप्पू यादव का हमला, बोले- बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं, कानून-व्यवस्था फेल
समस्तीपुर की घटना पर पप्पू यादव का हमला, बोले- बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं, कानून-व्यवस्था फेल
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का अल्टीमेटम, 48 घंटे में फैसला नहीं तो देशभर में आंदोलन
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का अल्टीमेटम, 48 घंटे में फैसला नहीं तो देशभर में आंदोलन
SIR पर विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की तैयारी, विपक्ष लामबंद
SIR पर विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की तैयारी, विपक्ष लामबंद
अफगानिस्तान में पाकिस्तान की बड़ी एयर स्ट्राइक, 10 ठिकानों को बनाया निशाना
अफगानिस्तान में पाकिस्तान की बड़ी एयर स्ट्राइक, 10 ठिकानों को बनाया निशाना
19 चालान, 1.75 लाख का बकाया फिर भी सड़क पर दौड़ रही थी बस, यमुना एक्सप्रेसवे अग्निकांड ने उठाए बड़े सवाल
19 चालान, 1.75 लाख का बकाया फिर भी सड़क पर दौड़ रही थी बस, यमुना एक्सप्रेसवे अग्निकांड ने उठाए बड़े सवाल
समय रैना की कार से निकलीं मेधा शंकर, पैपराजी को देखते ही बदला अंदाज; डेटिंग की चर्चा फिर तेज
समय रैना की कार से निकलीं मेधा शंकर, पैपराजी को देखते ही बदला अंदाज; डेटिंग की चर्चा फिर तेज
लंदन से दिल्ली आ रही इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खराबी, हीथ्रो एयरपोर्ट पर करानी पड़ी लैंडिंग
लंदन से दिल्ली आ रही इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खराबी, हीथ्रो एयरपोर्ट पर करानी पड़ी लैंडिंग
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर राहुल गांधी का हमला, ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर राहुल गांधी का हमला, ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
डॉक्टर से पूछे बिना Painkiller और Antibiotic लेना पड़ सकता है भारी, CDSCO की चेतावनी
डॉक्टर से पूछे बिना Painkiller और Antibiotic लेना पड़ सकता है भारी, CDSCO की चेतावनी
जम्मू-कश्मीर पर OIC की टिप्पणी से भारत नाराज, विदेश मंत्रालय ने कहा- यह हमारा आंतरिक मामला
जम्मू-कश्मीर पर OIC की टिप्पणी से भारत नाराज, विदेश मंत्रालय ने कहा- यह हमारा आंतरिक मामला