PF खाते, UAN और इनकम टैक्स रिकॉर्ड से जुड़ी निजी जानकारी की सुरक्षा का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। मामले में निजी कंपनियों द्वारा इस तरह के संवेदनशील डेटा का गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि निजी कंपनियां लोगों के EPFO या ITR रिकॉर्ड को खुले तौर पर देख रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से मामले पर विचार कर डेटा के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।
EPFO और टैक्स डेटा को लेकर क्या मामला है?
मामले में EPFO पासबुक, UAN से जुड़ी रोजगार संबंधी जानकारी और PAN से जुड़े टैक्स रिकॉर्ड का उल्लेख किया गया है। ITR, विभिन्न टैक्स फॉर्म और Annual Information Statement में व्यक्ति की आय तथा वित्तीय लेनदेन से संबंधित विवरण मौजूद हो सकते हैं। इसी तरह UAN अलग-अलग नौकरियों से जुड़े PF खातों को जोड़ता है, इसलिए इससे किसी व्यक्ति के रोजगार इतिहास की जानकारी भी जुड़ी हो सकती है।
याचिका के दौरान यह आशंका सामने आई कि कुछ निजी कंपनियां ऐसी जानकारी हासिल कर उसका इस्तेमाल आर्थिक लाभ के लिए कर सकती हैं। हालांकि, कोर्ट के सामने किसी विशेष कंपनी को डेटा चोरी का जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है और न ही यह स्थापित हुआ है कि निजी कंपनियों के पास आम लोगों के PF या ITR रिकॉर्ड की खुली पहुंच है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने निजी जानकारी के संभावित गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है। कोर्ट ने केंद्र और संबंधित अधिकारियों से शिकायत पर विचार करने तथा डेटा की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करने को कहा है। इस संबंध में करीब चार महीने के भीतर फैसला लेने की बात कही गई है।
कोर्ट की चिंता मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि कहीं तकनीकी व्यवस्था या किसी अन्य माध्यम से लोगों की निजी वित्तीय और रोजगार संबंधी जानकारी का अनुचित इस्तेमाल तो नहीं हो रहा।
केवल PAN या UAN से पूरा रिकॉर्ड नहीं मिलता
मामले में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यक्ति का PAN या UAN नंबर पता होने भर से किसी निजी कंपनी को उसके पूरे ITR, PF रिकॉर्ड या रोजगार की विस्तृत जानकारी देखने का अधिकार नहीं मिल जाता। सरकारी डेटाबेस में जानकारी तक पहुंच और व्यक्ति की पहचान की पुष्टि के लिए अलग-अलग प्रक्रियाएं मौजूद हैं।
इसलिए फिलहाल यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है कि निजी कंपनियां सभी लोगों के EPFO या इनकम टैक्स रिकॉर्ड आसानी से देख सकती हैं।
अब सरकार के सामने क्या चुनौती है?
अब संबंधित सरकारी विभागों को इस बात की जांच करनी है कि निजी कंपनियों द्वारा इस तरह की जानकारी हासिल किए जाने की कोई वास्तविक व्यवस्था या खामी मौजूद है या नहीं। साथ ही डेटा की सुरक्षा के मौजूदा इंतजाम पर्याप्त हैं या उनमें और सुधार की जरूरत है, इस पर भी विचार किया जाएगा।
फिलहाल मामला आरोपों की जांच और डेटा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने किसी विशेष निजी कंपनी को डेटा के दुरुपयोग का दोषी नहीं ठहराया है।













