
बांग्लादेश में प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देश की राजनीति और समाज का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। इंकलाब मंच से जुड़े समर्थक कई शहरों में सड़कों पर उतर आए और हिंसक प्रदर्शन किए। जगह-जगह आगजनी, तोड़फोड़ और संपत्ति का नुकसान होने की घटनाओं से आम जनजीवन ठप हो गया।
भीड़ ने की हिंदू युवक की निर्मम हत्या
इस हिंसा के दौरान एक हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला गया, वहीं कई भवनों और वाहनों को भी क्षति पहुंचाई गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बलों को कई इलाकों में अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी। सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि ढाका में देश के प्रमुख मीडिया संस्थान, प्रथम आलो और डेली स्टार, के कार्यालयों को भी भीड़ ने निशाना बनाया। प्रदर्शनकारियों ने इन कार्यालयों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी, जिससे बांग्लादेश में प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
शशि थरूर का मोहम्मद यूनुस से सवाल
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “बांग्लादेश में हिंसा के बीच यह एक असहनीय दुखद घटना है। इन निर्मम अपराधियों के हाथों मारे गए इस हिंदू युवक के प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं बांग्लादेश सरकार की निंदा की सराहना करता हूँ, लेकिन जानना चाहता हूँ कि वे हत्यारों को दंडित करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।”
An unbearably tragic incident amid the mob rule that is raging across Bangladesh. While mourning the loss of this poor Hindu man at the hands of unspeakable criminals, I appreciate the condemnation issued by the Government of Bangladesh, but must ask them what they are doing to… https://t.co/He2Qii473j
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) December 20, 2025
मीडिया पर हमलों पर चिंता व्यक्त की
थरूर ने कहा कि मीडिया संस्थानों पर हमले केवल इमारतों को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि यह प्रेस की स्वतंत्रता और बहुलवादी समाज की नींव पर सीधा हमला है। उन्होंने डेली स्टार के संपादक महफूज़ अनाम सहित सभी पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में पत्रकारों को डर के साये में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
भारतीय वीज़ा सेवाओं पर असर
बढ़ते सुरक्षा जोखिम के कारण भारत ने बांग्लादेश में अपने खुलने वाले वीज़ा केंद्रों और राजशाही स्थित सहायक उच्चायोगों में वीज़ा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। शशि थरूर ने कहा कि इसका असर छात्रों, इलाज के लिए भारत आने वाले मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ेगा, जो सामान्य सीमा पार आवागमन की उम्मीद कर रहे थे।
चुनाव से पहले लोकतंत्र पर खतरा
फरवरी 2026 में बांग्लादेश में राष्ट्रीय चुनाव होने हैं। ऐसे समय में हिंसा, असहिष्णुता और भीड़तंत्र का बढ़ना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा है। शशि थरूर ने चेताया कि अगर हालात पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो इसका प्रभाव चुनाव की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर पड़ेगा।
अंतरिम सरकार से शांति की अपील
थरूर ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से अपील की कि पत्रकारों, राजनयिक मिशनों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने कहा कि भीड़ का शासन लोकतंत्र को कमजोर करता है और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। थरूर ने अंतरिम राष्ट्रपति मोहम्मद यूनुस से व्यक्तिगत पहल करने का आग्रह करते हुए कहा कि संवाद, कानून व्यवस्था और भरोसे की बहाली ही देश को स्थिरता की ओर ले जा सकती है।














