अयोध्या में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में मछली बनाए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब टीवी बहस और पुलिस शिकायत तक पहुंच गया है। दूरदर्शन की एक लाइव डिबेट में हनुमानगढ़ी के संत राजू दास और कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के बीच तीखी बहस हुई। कार्यक्रम के दौरान राजू दास ने कांग्रेस प्रवक्ता को जूते मारने की धमकी दी और कथित तौर पर गाली-गलौज की। बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
विवाद के केंद्र में 23 अगस्त को तारुन क्षेत्र में हुआ कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन है। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पहुंचे थे। कार्यक्रम में मछली बनाए जाने के वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया।
लाइव बहस में कैसे बढ़ा विवाद?
मछली भोज को लेकर हुई टीवी डिबेट में राजू दास के साथ कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद मौजूद थे। निषाद ने कार्यक्रम को निषाद समाज से जुड़ा बताते हुए कहा कि अजय राय वहां पहुंचे थे। उन्होंने सावन में मछली खाने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि संविधान में सावन के दौरान मछली खाने पर रोक का कोई प्रावधान नहीं है।
बहस के दौरान निषाद ने राजू दास पर भी टिप्पणी की। राजू दास जब जवाब देने की कोशिश करने लगे तो कांग्रेस प्रवक्ता ने उन्हें ‘चुप’ रहने के लिए कहा। इसके बाद संत राजू दास नाराज हो गए और बहस के दौरान जूते मारने की धमकी देने के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
अचानक बहस का माहौल बिगड़ने पर महिला एंकर ने दोनों प्रतिभागियों को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की हिदायत दी और उन्हें शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। संदर्भ सामग्री के मुताबिक, कांग्रेस राजू दास के खिलाफ केस दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।
भाजपा के राज में दूरदर्शन @DDNewsHindi पर खुले आम माँ बहन की गालियाँ निर्बाध रूप से परोसी जा रहा हैं
— Surendra Rajput (@ssrajputINC) August 24, 2026
वो भी निरंतरता के साथ
भाजपा के समर्थक को देखिये इस राजू दास को तो गालियों के लिये पद्मश्री मिलना चाहिये और नरेंद्र मोदी जी के हाथों @prasarbharati को और DD news की इन एंकर्स को… pic.twitter.com/7E4ivYX2gb
योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
मछली भोज का मुद्दा सोमवार को रायबरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद और गरमा गया। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर निशाना साधते हुए कार्यक्रम में मछली भोज का जिक्र किया और कांग्रेस पर विरासत के अपमान का आरोप लगाया।
योगी आदित्यनाथ ने अजय राय के हनुमानगढ़ी में दर्शन करने और इसके बाद मछली भोज में शामिल होने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस के कथित दोहरे आचरण पर भी टिप्पणी की।
अजय राय ने मछली खाने से किया इनकार
मुख्यमंत्री के आरोपों पर अजय राय ने जवाब देते हुए खुद मछली खाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके मछली खाने की कोई तस्वीर मुख्यमंत्री के पास है तो उसे सार्वजनिक किया जाए और तस्वीर सामने आने पर वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
अजय राय ने कहा कि उन्हें निषाद समाज के कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। उनके मुताबिक, अयोध्या जाने पर वह पहले हनुमानगढ़ी और भगवान राम के दर्शन करते हैं और उसके बाद कार्यक्रम में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मछली का भोज कराया जा रहा था, लेकिन यह आयोजकों का विषय था। उनका दावा है कि कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह लखनऊ लौट गए।
अजय राय ने मछली पालने, पकड़ने और खाने को निषाद समाज की जीवनशैली से जोड़ते हुए भाजपा पर निषाद समाज का अपमान करने का आरोप लगाया।
थाने में भी दी गई तहरीर
मछली भोज से जुड़ा विवाद अब पुलिस शिकायत तक पहुंच चुका है। जनसत्ता लोकतांत्रिक दल के ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने तारुन थाने में तहरीर देकर आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
तहरीर के मुताबिक, 23 अगस्त को तारुन बाजार स्थित एक मैरेज लॉन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम के दौरान मछली भोज कराया गया था। शिकायतकर्ता ने सावन के दौरान कांवड़ मार्ग पर इस तरह के आयोजन से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया है।
इस पूरे विवाद में एक तरफ भाजपा नेताओं की ओर से कांग्रेस पर धार्मिक भावनाओं के अपमान के आरोप लगाए गए हैं, जबकि अजय राय ने खुद मछली खाने से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री से अपने दावे के समर्थन में तस्वीर दिखाने की चुनौती दी है। इसी मुद्दे पर टीवी डिबेट में हुई तीखी बहस ने विवाद को एक नया रूप दे दिया है।













