
हर इंसान के दिल में एक ख्वाहिश होती है कि वह अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा करे, एक मुकाम हासिल करे, और एक दिन ऐसा लीडर बने जिसे लोग दिल से याद रखें। कामयाबी की राह पर चलते हुए कई बार हमें नेतृत्व का मौका भी मिल जाता है। लेकिन सच्ची चुनौती तब आती है जब उस पोजिशन पर टिके रहना हो। क्योंकि वहां पहुंचना आसान है, लेकिन वहां बने रहना मेहनत, समझदारी और अपने व्यवहार पर नियंत्रण की मांग करता है।
दलाई लामा का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति सिर्फ दो अहम भावनाओं पर जीत पा लेता है, तो वह न सिर्फ एक अच्छा लीडर बनता है बल्कि एक ऐसा नायक भी कहलाता है जिसे लोग सच्चे दिल से फॉलो करते हैं।
भला नहीं कर सकते तो बुरा करने की भी मत सोचिए
हमारे जीवन का सबसे बड़ा मकसद होना चाहिए–दूसरों की मदद करना, उनके जीवन को आसान बनाना। अगर आप किसी की मदद नहीं कर पा रहे, तो कम से कम उसे नुकसान भी मत पहुंचाइए। वक्त कभी एक जैसा नहीं रहता—आज आपके पास ताकत है, कल नहीं भी हो सकती। इसलिए, अपने अच्छे समय में दूसरों के लिए भलाई का रास्ता चुनना ही समझदारी है। याद रखिए, किसी को तकलीफ देने से पहले ये जरूर सोचिए कि क्या आप उस तकलीफ को खुद झेल सकते हैं?
कामयाबी को ऐसे परखिए
हम अक्सर सफलता को पैसों, शोहरत और ऊंचे पदों से मापते हैं, लेकिन क्या कभी सोचा है कि आपने वो सफलता पाने के लिए क्या खोया? असल संतुष्टि तब मिलती है जब आप अपने किए पर गर्व कर सकें। इसलिए खुद की सफलता को किसी और के तराजू में मत तोलिए, बल्कि खुद से पूछिए कि क्या आपने उसे पाने में अपनी नैतिकता, रिश्ते या चैन खोया? अगर नहीं, तो आपकी जीत सच्ची है।
सच्चा लीडर वही जो इन दो भावनाओं पर पाए काबू
गुस्सा और नफरत... ये दो भावनाएं इंसान को उसकी असली पहचान से दूर कर देती हैं। ये आपकी सोचने-समझने की शक्ति को इतना कमजोर कर देती हैं कि आप सही फैसले लेने में चूक जाते हैं। गुस्सा आंखों पर पर्दा डाल देता है और नफरत दिल को कड़वाहट से भर देती है। एक सच्चा लीडर वही होता है जो इन कमजोरियों को पहचान कर, खुद पर काबू पा ले।
एक नेता की असली ताकत होती है उसकी करुणा और सहनशीलता। जब आप अपनी टीम के हर सदस्य को समझने लगते हैं, तब लोग दिल से आपका साथ देते हैं। एक टीम हो, कोई संगठन या फिर पूरा देश—अगर हमें लक्ष्य तक पहुंचना है, तो इन नकारात्मक भावनाओं को छोड़कर सकारात्मक ऊर्जा से खुद को भरना ही होगा। यही लीडरशिप का असली पैमाना है।














