
आम तौर पर होली पर मौज-मस्ती तब और भी परवान चढ़ती है जब भांग की खुमारी आपके सिर चढ़कर बोलती है। पकवानों, गुझिया, ठंडई जैसे पकवानों के साथ भांग का मजा कुछ और ही होता है पर अगर भांग का नशा ज्यादा हो जाए तो स्थिति अस्पताल में भर्ती होने जैसी भी हो सकती है। भांग की खुमारी अधिक हो जाए तो उसे पहचानने और नशा कम करने के लिए कुछ खास उपाय बताए जा रहे हैं।

इन लक्षणों को न करें दरकिनार
- आम तौर पर भांग खाने के बाद
शरीर पर नर्वस सिस्टम का कंट्रोल नहीं रहता है इसलिए लोग अपनी किसी भी
गतिविधि को नियंत्रित नहीं कर पाते। ऐसे में बहुत अधिक हंसना, रोना, सोना
जैसे सामान्य लक्षण हो सकते हैं।
- अधिक भांग लेने से हो सकता है व्यक्ति कुछ समय के लिए कुछ भी पहचानने या याद रखने की स्थिति में न रहे।
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अगर भांग के नशे के बाद व्यक्ति आंखें बंद करने के बजाय आंखें खोलकर सो
रहा है तो इसे गंभीरता से लें और उसे तुरंत अस्पताल ले जाएं वरना स्थिति
कोमा तक की हो सकती है।

ये घरेलू उपाय अपनाएं
1. भांग का नशा उतारने के लिए सबसे आसान और कारगर उपाय है कि 500 मिलीलीटर तक की मात्रा में घी का सेवन करें।
2. सफेद मक्खन से भी तुरंत आराम मिलता है।
3. दही या दही से बनी चीजें जरूर खाएं।
4. भांग के नशे के बाद मीठी चीज या हेवी डाइट न लें।
5.
भांग उतारने के लिए खटाई का सेवन करना सबसे बेहतर तरीका है। इसके लिए आप
नींबू, छाछ, दही या फिर इमली का पना बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं। बेशक इन
तरीकों से भांग का नशा उतर जाएगा।

6. अगर भांग पीने के बाद बहुत
अधिक नशा होने से व्यक्ति बेहोशी में हो, तो सरसों का तेल हल्का गुनगुना
करके संबंधित व्यक्ति के कान में डाल दें। एक-दो बूंद सरसों का तेल दोनों
कानों में डालें।
7. कई लोग घी के सेवन को भी भांग के इलाज के तौर
पर प्रयोग करते हैं। इसके लिए शुद्ध देशी घी का अत्यधिक मात्रा में सेवन
करना बेहद जरूरी है, ताकि भांग का नशा उतरने में आसानी हो।
8. अरहर
की कच्ची दाल कर प्रयोग भी भांग उतारने में काफी मददगार है। इसके लिए अरहर
की कच्ची दाल को पीसकर पानी के साथ संबंधित व्यक्ति को दें या फिर इसे पानी
से साथ पीसकर पिलाएं।
9. भुने हुए चने और संतरे का सेवन, भांग का
नशा कम करने का एक बढ़िया विकल्प है। इसके अलावा बगैर शक्कर या नमक डला हुआ
नींबू पानी 4 से 5 बार पिलाने पर भांग का नशा उतर जाएगा।
ये आयुर्वेदिक दवाएं हैं कारगर
डॉक्टर से सलाह के बाद आप इन आयुर्वेदिक दवाओं को ले सकते हैं- पंचद्रव्यघृत, पंचत्रिकघृत, ब्राह्मी सिपर और अश्वगंधारिष्ट।














