
रंगों का त्योहार होली दस्तक दे चुका है और घरों में पकवानों की तैयारियां जोरों पर हैं। इस मौके पर खासतौर से गुझिया, मठरी और तरह-तरह की मिठाइयां बनाई जाती हैं। इन व्यंजनों की जान होता है मावा, जिसके बिना स्वाद अधूरा माना जाता है। लेकिन त्योहारों के सीजन में जिस चीज की मांग सबसे ज्यादा बढ़ती है, उसमें मिलावट का खतरा भी उतना ही बढ़ जाता है।
होली के आसपास मावा की खपत सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में लोग बाजार से मिठाई खरीदने की बजाय घर पर ही गुझिया तैयार करना पसंद करते हैं। अनुमान है कि 60 से 70 प्रतिशत परिवार त्योहार पर खुद मिठाई बनाते हैं, जिससे बाजार में मावे की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी अधिक मुनाफे के लिए नकली या मिलावटी मावा बेच देते हैं।
मिलावटी मावा कैसे तैयार किया जाता है?
तेजी से कमाई के लालच में कुछ लोग सिंथेटिक दूध, स्टार्च, मैदा, सफेद पाउडर, डिटर्जेंट, सस्ते तेल या अन्य केमिकल मिलाकर नकली मावा तैयार कर देते हैं। देखने में यह असली जैसा ही लगता है, इसलिए आम ग्राहक आसानी से धोखा खा सकता है। लेकिन ऐसा मावा सेहत के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है।
मिलावटी मावा खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, फूड पॉइजनिंग और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए गुझिया या अन्य मिठाइयां बनाने से पहले मावे की शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है।
ऐसे पहचानें असली और नकली मावा
1. खुशबू और बनावट से करें जांच
थोड़ा सा मावा हथेली पर लेकर एक-दो मिनट तक रगड़ें। यदि उसमें से हल्की घी या दूध जैसी खुशबू आए और बनावट मुलायम व चिकनी लगे, तो मावा शुद्ध हो सकता है। वहीं अगर उसमें अजीब सी गंध हो, बनावट बहुत ज्यादा सख्त या चिपचिपी लगे, तो मिलावट की आशंका है।
2. स्वाद से समझें फर्क
असली मावा हल्का मीठा और दूध जैसा स्वाद देता है। नकली मावा कड़वा, फीका या मुंह में चिपकने वाला महसूस हो सकता है।
3. पानी वाला टेस्ट
थोड़ा सा मावा एक गिलास पानी में डालकर फेंटें। शुद्ध मावा धीरे-धीरे घुलकर पानी को हल्का दूधिया बना देगा। अगर मावा टुकड़ों में अलग हो जाए या पानी को असामान्य रूप से गाढ़ा और सफेद कर दे, तो यह मिलावटी हो सकता है।
4. गोली बनाकर दबाएं
मावे की छोटी सी गोली बनाकर हथेली पर दबाएं। असली मावा मुलायम रहेगा और आसानी से आकार लेगा। नकली मावा सूखा, भुरभुरा या दबाते ही टूट सकता है।
5. आयोडीन टेस्ट
थोड़ा मावा हल्का गर्म करके ठंडा करें, फिर उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। अगर रंग नीला या काला हो जाए तो समझ लें कि उसमें स्टार्च या मैदा मिलाया गया है। शुद्ध मावे का रंग नहीं बदलता।
6. जलाकर देखें
मावे का छोटा टुकड़ा जलाएं। यदि जलने पर प्लास्टिक या केमिकल जैसी बदबू आए तो यह मिलावटी हो सकता है। शुद्ध मावा जलने पर दूध या घी जैसी महक देता है।
7. रंग और बनावट पर ध्यान दें
असली मावा हल्के क्रीम या ऑफ-व्हाइट रंग का होता है और थोड़ा दानेदार महसूस होता है। बहुत ज्यादा सफेद, चमकदार या अस्वाभाविक रूप से चिकना मावा संदिग्ध हो सकता है।
8. चीनी मिलाकर गर्म करने का तरीका
मावे में थोड़ी चीनी डालकर गर्म करें। शुद्ध मावा पानी छोड़ने के बाद गाढ़ा हो जाएगा, जबकि मिलावटी मावा रबड़ी जैसा अलग-अलग हो सकता है या पाउडर की तरह बिखर सकता है।
त्योहार की खुशी को फीका होने से बचाने के लिए जरूरी है कि खरीदारी करते समय सतर्क रहें। विश्वसनीय दुकानदार से ही मावा लें और घर लाने के बाद उपरोक्त आसान तरीकों से उसकी जांच जरूर करें। थोड़ी सी सावधानी आपकी और आपके परिवार की सेहत को सुरक्षित रख सकती है, ताकि होली का त्योहार स्वाद और खुशियों के साथ मनाया जा सके।













