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आम खरीदते समय रहें सतर्क! कहीं आप भी तो नहीं ले रहे केमिकल से पकाए गए फल, इन आसान तरीकों से करें पहचान

बाजार में बिक रहे केमिकल से पकाए गए आम आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं। जानिए कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए आमों की पहचान कैसे करें और प्राकृतिक रूप से पके आम खरीदते समय किन 3 बातों का ध्यान रखें।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 09 Jun 2026 11:18:54

आम खरीदते समय रहें सतर्क! कहीं आप भी तो नहीं ले रहे केमिकल से पकाए गए फल, इन आसान तरीकों से करें पहचान

गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आमों की भरमार दिखाई देने लगती है। फलों का राजा कहलाने वाला आम लगभग हर घर की पसंद होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो आम बाहर से चमकदार, एकदम पीले और पूरी तरह पके हुए नजर आते हैं, वे वास्तव में प्राकृतिक तरीके से पके हैं या नहीं? आज के समय में बाजार में मिलने वाली कई खाद्य वस्तुओं में किसी न किसी रूप में रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा है और फल भी इससे अछूते नहीं हैं। जल्दी मुनाफा कमाने और फलों को कम समय में बेचने के लिए कुछ कारोबारी आमों को कृत्रिम तरीके से पकाने का सहारा लेते हैं।

हाल ही में हैदराबाद में खाद्य सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगभग 200 किलोग्राम ऐसे आम जब्त किए हैं, जिनके बारे में आशंका जताई गई कि उन्हें रसायनों की मदद से पकाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार ये आम स्थानीय बाजारों में बिक्री के लिए भेजे जा रहे थे। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर आम खरीदते समय उपभोक्ता कैसे पहचानें कि फल प्राकृतिक रूप से पका है या फिर उसे केमिकल के जरिए तैयार किया गया है। यदि आप भी अपने परिवार के लिए सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाले आम खरीदना चाहते हैं, तो कुछ संकेतों पर ध्यान देकर सही चुनाव कर सकते हैं।

आम पकाने के लिए किन रसायनों का किया जाता है उपयोग?

विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में आमों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ जगहों पर इंजेक्शन के माध्यम से भी फलों को कृत्रिम रूप से पकाने की कोशिश की जाती है। ऐसे आम बाहर से देखने में आकर्षक लगते हैं और उनका रंग भी पूरी तरह पका हुआ प्रतीत होता है, लेकिन इनके सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसे फलों का सेवन करने से सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, सांस लेने में परेशानी और पेट संबंधी कई समस्याएं होने का खतरा बढ़ सकता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ हमेशा प्राकृतिक रूप से पके फलों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।

इन तीन आसान तरीकों से पहचानें असली और केमिकल से पके आम

1. रंग को ध्यान से देखें

आम खरीदते समय सबसे पहले उसके रंग पर नजर डालें। प्राकृतिक रूप से पके आमों में आमतौर पर पीले और हल्के हरे रंग का मिश्रण दिखाई देता है। वहीं केमिकल से पकाए गए आम अक्सर जरूरत से ज्यादा चमकीले और एक समान पीले रंग के नजर आते हैं। हालांकि कुछ किस्में, जैसे सफेदा, स्वाभाविक रूप से अधिक पीली होती हैं, लेकिन यदि अलग-अलग किस्मों के सभी आम एक जैसे चमकदार पीले दिखाई दें, तो सावधानी बरतना जरूरी है। प्राकृतिक आमों का रंग अपेक्षाकृत संतुलित और सामान्य दिखता है।

2. हाथ से दबाकर जांच करें

आम की गुणवत्ता परखने का दूसरा तरीका उसका स्पर्श है। कृत्रिम रूप से पकाए गए आम कई बार बाहर से काफी सख्त महसूस होते हैं, जबकि अंदर का गूदा जरूरत से ज्यादा नरम या गल चुका होता है। लगातार रसायनों के संपर्क में रहने से फल की आंतरिक बनावट प्रभावित हो सकती है। ऐसे आम खाने पर उनका स्वाद भी सामान्य आमों की तुलना में फीका या कम प्राकृतिक महसूस हो सकता है। इसलिए खरीदने से पहले हल्के हाथ से दबाकर उसकी बनावट को जरूर जांचें।

3. इंजेक्शन या रसायन के निशानों पर रखें नजर

कई लोग आम की सतह पर दिखाई देने वाले छोटे काले धब्बों या दबे हुए निशानों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यही निशान इस बात का संकेत हो सकते हैं कि फल को इंजेक्शन या किसी कृत्रिम प्रक्रिया के जरिए पकाया गया है। आम खरीदते समय विशेष रूप से डंठल यानी चोपी के आसपास ध्यान से देखें। यदि वहां काला धब्बा, दबाव का निशान या असामान्य दाग दिखाई दे, तो ऐसे फल खरीदने से बचना बेहतर हो सकता है। कुछ मामलों में ऐसे निशान फल के निचले हिस्से में भी दिखाई देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी और सही जानकारी के जरिए उपभोक्ता केमिकल से पकाए गए आमों से बच सकते हैं। इसलिए अगली बार जब आप बाजार में आम खरीदने जाएं, तो केवल उसके रंग या आकार को देखकर फैसला न करें, बल्कि इन संकेतों पर भी ध्यान दें ताकि आपके घर तक केवल सुरक्षित और प्राकृतिक रूप से पके हुए आम ही पहुंचें।

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