न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

आम खरीदते समय रहें सतर्क! कहीं आप भी तो नहीं ले रहे केमिकल से पकाए गए फल, इन आसान तरीकों से करें पहचान

बाजार में बिक रहे केमिकल से पकाए गए आम आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं। जानिए कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए आमों की पहचान कैसे करें और प्राकृतिक रूप से पके आम खरीदते समय किन 3 बातों का ध्यान रखें।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 09 Jun 2026 11:18:54

आम खरीदते समय रहें सतर्क! कहीं आप भी तो नहीं ले रहे केमिकल से पकाए गए फल, इन आसान तरीकों से करें पहचान

गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आमों की भरमार दिखाई देने लगती है। फलों का राजा कहलाने वाला आम लगभग हर घर की पसंद होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो आम बाहर से चमकदार, एकदम पीले और पूरी तरह पके हुए नजर आते हैं, वे वास्तव में प्राकृतिक तरीके से पके हैं या नहीं? आज के समय में बाजार में मिलने वाली कई खाद्य वस्तुओं में किसी न किसी रूप में रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा है और फल भी इससे अछूते नहीं हैं। जल्दी मुनाफा कमाने और फलों को कम समय में बेचने के लिए कुछ कारोबारी आमों को कृत्रिम तरीके से पकाने का सहारा लेते हैं।

हाल ही में हैदराबाद में खाद्य सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगभग 200 किलोग्राम ऐसे आम जब्त किए हैं, जिनके बारे में आशंका जताई गई कि उन्हें रसायनों की मदद से पकाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार ये आम स्थानीय बाजारों में बिक्री के लिए भेजे जा रहे थे। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर आम खरीदते समय उपभोक्ता कैसे पहचानें कि फल प्राकृतिक रूप से पका है या फिर उसे केमिकल के जरिए तैयार किया गया है। यदि आप भी अपने परिवार के लिए सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाले आम खरीदना चाहते हैं, तो कुछ संकेतों पर ध्यान देकर सही चुनाव कर सकते हैं।

आम पकाने के लिए किन रसायनों का किया जाता है उपयोग?

विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में आमों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ जगहों पर इंजेक्शन के माध्यम से भी फलों को कृत्रिम रूप से पकाने की कोशिश की जाती है। ऐसे आम बाहर से देखने में आकर्षक लगते हैं और उनका रंग भी पूरी तरह पका हुआ प्रतीत होता है, लेकिन इनके सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसे फलों का सेवन करने से सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, सांस लेने में परेशानी और पेट संबंधी कई समस्याएं होने का खतरा बढ़ सकता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ हमेशा प्राकृतिक रूप से पके फलों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।

इन तीन आसान तरीकों से पहचानें असली और केमिकल से पके आम

1. रंग को ध्यान से देखें

आम खरीदते समय सबसे पहले उसके रंग पर नजर डालें। प्राकृतिक रूप से पके आमों में आमतौर पर पीले और हल्के हरे रंग का मिश्रण दिखाई देता है। वहीं केमिकल से पकाए गए आम अक्सर जरूरत से ज्यादा चमकीले और एक समान पीले रंग के नजर आते हैं। हालांकि कुछ किस्में, जैसे सफेदा, स्वाभाविक रूप से अधिक पीली होती हैं, लेकिन यदि अलग-अलग किस्मों के सभी आम एक जैसे चमकदार पीले दिखाई दें, तो सावधानी बरतना जरूरी है। प्राकृतिक आमों का रंग अपेक्षाकृत संतुलित और सामान्य दिखता है।

2. हाथ से दबाकर जांच करें

आम की गुणवत्ता परखने का दूसरा तरीका उसका स्पर्श है। कृत्रिम रूप से पकाए गए आम कई बार बाहर से काफी सख्त महसूस होते हैं, जबकि अंदर का गूदा जरूरत से ज्यादा नरम या गल चुका होता है। लगातार रसायनों के संपर्क में रहने से फल की आंतरिक बनावट प्रभावित हो सकती है। ऐसे आम खाने पर उनका स्वाद भी सामान्य आमों की तुलना में फीका या कम प्राकृतिक महसूस हो सकता है। इसलिए खरीदने से पहले हल्के हाथ से दबाकर उसकी बनावट को जरूर जांचें।

3. इंजेक्शन या रसायन के निशानों पर रखें नजर

कई लोग आम की सतह पर दिखाई देने वाले छोटे काले धब्बों या दबे हुए निशानों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यही निशान इस बात का संकेत हो सकते हैं कि फल को इंजेक्शन या किसी कृत्रिम प्रक्रिया के जरिए पकाया गया है। आम खरीदते समय विशेष रूप से डंठल यानी चोपी के आसपास ध्यान से देखें। यदि वहां काला धब्बा, दबाव का निशान या असामान्य दाग दिखाई दे, तो ऐसे फल खरीदने से बचना बेहतर हो सकता है। कुछ मामलों में ऐसे निशान फल के निचले हिस्से में भी दिखाई देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी और सही जानकारी के जरिए उपभोक्ता केमिकल से पकाए गए आमों से बच सकते हैं। इसलिए अगली बार जब आप बाजार में आम खरीदने जाएं, तो केवल उसके रंग या आकार को देखकर फैसला न करें, बल्कि इन संकेतों पर भी ध्यान दें ताकि आपके घर तक केवल सुरक्षित और प्राकृतिक रूप से पके हुए आम ही पहुंचें।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

धीरेंद्र शास्त्री के मांसाहार वाले बयान पर विवाद, पहले भी इन मुद्दों को लेकर घिर चुके हैं बागेश्वर बाबा
धीरेंद्र शास्त्री के मांसाहार वाले बयान पर विवाद, पहले भी इन मुद्दों को लेकर घिर चुके हैं बागेश्वर बाबा
गुलजार सिंह की मौत पर गरमाई सियासत, पवन खेड़ा ने केजरीवाल से पूछा- AAP की ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ का नतीजा क्या रहा?
गुलजार सिंह की मौत पर गरमाई सियासत, पवन खेड़ा ने केजरीवाल से पूछा- AAP की ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ का नतीजा क्या रहा?
मायावती ने आकाश आनंद को लेकर फिर दिखाई नरमी, अशोक सिद्धार्थ के सामने रखी बड़ी शर्त
मायावती ने आकाश आनंद को लेकर फिर दिखाई नरमी, अशोक सिद्धार्थ के सामने रखी बड़ी शर्त
गरबा में मुस्लिमों की एंट्री रोकने की मांग पर रामदास अठावले का विरोध, संविधान का दिया हवाला
गरबा में मुस्लिमों की एंट्री रोकने की मांग पर रामदास अठावले का विरोध, संविधान का दिया हवाला
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की बॉक्स ऑफिस पर रफ्तार बरकरार, पांचवें दिन भी कमाई ने 125 करोड़ का आंकड़ा पार किया
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की बॉक्स ऑफिस पर रफ्तार बरकरार, पांचवें दिन भी कमाई ने 125 करोड़ का आंकड़ा पार किया
उद्धव ठाकरे का ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर तंज, बोले- शेर का ऑपरेशन करने वाला अभी पैदा नहीं हुआ
उद्धव ठाकरे का ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर तंज, बोले- शेर का ऑपरेशन करने वाला अभी पैदा नहीं हुआ
42 की उम्र में भी गजब की फिटनेस, गुरमीत चौधरी ने सालों से नहीं खाई रोटी-चावल और चीनी
42 की उम्र में भी गजब की फिटनेस, गुरमीत चौधरी ने सालों से नहीं खाई रोटी-चावल और चीनी
70 हजार से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्र बदले, CM योगी बोले- अब देखने लायक बन रहे सेंटर
70 हजार से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्र बदले, CM योगी बोले- अब देखने लायक बन रहे सेंटर
अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, इस बार सालगांवकर परिवार के सामने और बड़ा खतरा
अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, इस बार सालगांवकर परिवार के सामने और बड़ा खतरा
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड से मिली हरी झंडी, कुछ शब्दों पर चली कैंची
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड से मिली हरी झंडी, कुछ शब्दों पर चली कैंची
तृषा कृष्णन के समर्थन में उतरीं कंगना रनौत, महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाने वालों को घेरा
तृषा कृष्णन के समर्थन में उतरीं कंगना रनौत, महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाने वालों को घेरा
‘बंटवारा 1947’ के खराब प्रदर्शन पर बोलीं प्रीति जिंटा, ‘मैंने अपना 1000% दिया था
‘बंटवारा 1947’ के खराब प्रदर्शन पर बोलीं प्रीति जिंटा, ‘मैंने अपना 1000% दिया था
जेब में थे सिर्फ 5 हजार रुपये, मुंबई में फुटपाथ पर गुजरी रातें, आज करोड़ों की दौलत
जेब में थे सिर्फ 5 हजार रुपये, मुंबई में फुटपाथ पर गुजरी रातें, आज करोड़ों की दौलत
यश की ‘टॉक्सिक’ की कमाई में बड़ी गिरावट, 14वें दिन सिर्फ 69 लाख रुपये का नेट कलेक्शन
यश की ‘टॉक्सिक’ की कमाई में बड़ी गिरावट, 14वें दिन सिर्फ 69 लाख रुपये का नेट कलेक्शन