न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

Kedarnath Yatra Tips: केदारनाथ जा रहे हैं तो इन बातों का रखें विशेष ध्यान, जरा सी गलती पड़ सकती है भारी

केदारनाथ मंदिर के कपाट 3 मई 2022 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए है। कोरोना महामारी के चलते पूरे दो साल के बाद केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हुई तो भक्तों की भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। आपको बता दे, केदारनाथ मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित हिन्दुओं का प्रसिद्ध मंदिर है।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Thu, 12 May 2022 2:36:34

Kedarnath Yatra Tips: केदारनाथ जा रहे हैं तो इन बातों का रखें विशेष ध्यान, जरा सी गलती पड़ सकती है भारी

केदारनाथ मंदिर के कपाट 3 मई 2022 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए है। कोरोना महामारी के चलते पूरे दो साल के बाद केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हुई तो भक्तों की भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। आपको बता दे, केदारनाथ मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित हिन्दुओं का प्रसिद्ध मंदिर है। उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक है। यह मंदिर काफी ऊंचाई पर स्थित है इसलिए मौसम को देखते हुए मंदिर के कपाट अप्रैल से नवंबर के बीच ही खोले जाते हैं। इसके बाद भारी बर्फभारी के चलते मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं।

केदारनाथ मंदिर 6 फुट ऊंचे चबूतरे पर बना है। इसका गर्भगृह अपेक्षाकृत प्राचीन है जिसे 80वीं शताब्दी के लगभग का माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में अर्धा के पास चारों कोनों पर चार सुदृढ़ पाषाण स्तंभ हैं, जहां से होकर प्रदक्षिणा होती है। अर्धा, जो चौकोर है, अंदर से पोली है और अपेक्षाकृत नवीन बनी है। सभामंडप विशाल एवं भव्य है। उसकी छत चार विशाल पाषाण स्तंभों पर टिकी है। विशालकाय छत एक ही पत्थर की बनी है। गवाक्षों में आठ पुरुष प्रमाण मूर्तियां हैं, जो अत्यंत कलात्मक हैं। केदारनाथ मंदिर 85 फुट ऊंचा, 187 फुट लंबा और 80 फुट चौड़ा है। इसकी दीवारें 12 फुट मोटी हैं और बेहद मजबूत पत्थरों से बनाई गई है। यह आश्चर्य ही है कि इतने भारी पत्थरों को इतनी ऊंचाई पर लाकर तराशकर कैसे मंदिर की शक्ल ‍दी गई होगी। खासकर यह विशालकाय छत कैसे खंभों पर रखी गई। पत्थरों को एक-दूसरे में जोड़ने के लिए इंटरलॉकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह मजबूती और तकनीक ही मंदिर को नदी के बीचोबीच खड़े रखने में कामयाब हुई है।

ऐसे में अगर आप केदारनाथ धाम यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं तो कुछ बातों का खास ख्याल रखना जरूरी है। आइए जानते हैं केदारनाथ यात्रा पर जाते समय आपको क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।

kedarnath dham yatra,kedarnath yatra,kedarnath yatra tips,kedarnath yatra 2022,travel,holidays,travel guide,travel tips

- केदारनाथ धाम जाने का प्लान कर रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा सर्दियों में और मॉनसून के मौसम में जाने से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में मॉनसून के दौरान बाढ़ या भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में इस दौरान यात्रा करना जोखिम का काम हो सकता है।

- यात्रा पर जाते समय इस बात का ख्याल रखें कि अपने साथ सर्दियों के कपड़े जरूर लेकर जाएं, भले ही आप गर्मियों के मौसम में जा रहे हों।

- पहाड़ों में बारिश कभी भी हो सकती है, ऐसे में यात्रा पर जाते समय अपने पास छाता, रेनकोट जरूर रखें।

- एक नॉर्मल व्यक्ति को गौरीकुंड से केदारनाथ धाम जाने में कुल 5-6 घंटे का समय लगता है तो जल्दबाजी के बजाय आराम से चलें। चलने के दौरान भगदड़ ना करें वरना आपको सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

- अपनी यात्रा की शुरुआत सुबह जल्दी करें ताकि दिन तक आप आराम से केदारनाथ धाम पहुंच सके। दर्शन के बाद यहां एक रात आराम करें और अगले दिन फिर सुबह गौरीकुंड के लिए वापसी की यात्रा शुरू करें।

- ध्यान रखें कि अगर आप दर्शन, चढ़ाई और वापसी एक ही दिन में करने की सोच रहे हैं तो आप शाम तक या रात तक वापस गौरीकुंड पहुंच जाएंगे, लेकिन आपको गौरीकुंड से सोनप्रयाग में दिक्कत हो सकती है। रात के समय गौरीकुंड से सोनप्रयाग के लिए गाड़ियों में सीट मिलने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। साथ ही गौरीकुंड में बहुत कम होटल या लॉज होने के कारण यहां रूम ढूंढ़ने में आपको दिक्कत हो सकती है।

kedarnath dham yatra,kedarnath yatra,kedarnath yatra tips,kedarnath yatra 2022,travel,holidays,travel guide,travel tips

- केदारनाथ यात्रा के दौरान 12 साल से कम उम्र के बच्चों को कभी भी साथ ना लेकर जाएं। यहां मौसम का कुछ पता नहीं होता। इसके अलावा, यहां ऑक्सीजन लेवल भी काफी कम होता है जिससे बच्चों की तबीयत खराब होने का डर बना रहता है।

- आप डोली पर बैठकर जा सकते हैं जिसका किराया 8-10 हजार रुपए के बीच होता है। वहीं, कंडी के राउंड ट्रिप का किराया करीब 5 हजार रुपए है और खच्चर के राउंड ट्रिप का किराया 5-6 हजार रुपए है। अगर आप हेलीकॉप्टर से जाने की सोच रहे हैं तो इसका किराया करीब 7000 रुपए है।

- बेहतर फोन नेटवर्क के लिए केदारनाथ यात्रा पर जाते समय BSNL, Vodafone और Reliance Jio की सिम लेकर जाएं।

- अपना यात्रा कार्ड और आधार कार्ड ले जाना ना भूलें।

- केदारनाथ मंदिर की यात्रा रात में करने से बचें क्योंकि रात में जंगली जानवरों से खतरा हो सकता है।

- यात्रा पर जाने से पहले अपने पास टॉर्च और एक्स्ट्रा बैटरी जरूर रखें।

- केदारनाथ धाम की यात्रा के कुछ दिन पहले से ही सांस से जुड़ी एक्सरसाइज करें। इससे आपको वहां पर सांस लेने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।

- होटल की बुकिंग एडवांस में ही कर लें। पीक सीजन में रूम मिलने में काफी परेशानी होती है क्योंकि इस दौरान लोगों की भीड़ काफी ज्यादा होती है।

- स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट के डाटा के मुताबिक 3 मई को शुरू हुई चार धाम यात्रा में 20 लोगों की मौत हुई है। जिनमें से 10 श्रद्धालुओं की मौत यमुनोत्री जाते समय, 6 की केदारनाथ, 3 की गंगोत्री और 1 की बद्रीनाथ जाते समय हुई। जिन लोगों की भी इस दौरान मौत हुई उनमें से बहुत से लोगों की उम्र 60 साल से ज्यादा थी जो हृदय संबंधित बीमारियों से पीड़ित थे। ऐसे में अगर आप 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के साथ केदारनाथ जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो अपनी सेहत का अच्छी तरह का ख्याल रखें।

kedarnath dham yatra,kedarnath yatra,kedarnath yatra tips,kedarnath yatra 2022,travel,holidays,travel guide,travel tips

केदारनाथ धाम यात्रा से जुड़ी सामान्य जानकारी

ऊंचाई- समुद्र तल से 3,553 मीटर ऊपर

यात्रा का सही समय- गर्मियों में (मई- जून), सर्दियों में (सितंबर-अक्टूबर)

नजदीकी एयरपोर्ट- देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट

नजदीकी रेलवे स्टेशन- देहरादून रेलवे स्टेशन

केदारनाथ ट्रेकिंग डिस्टेंस- 14 से 18 किलोमीटर (एक साइड)

केदारनाथ से जुड़ी कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार केदारनाथ की कथा महाभारत के युग से जुड़ी हुई है। कुरुक्षेत्र के महान युद्ध के बाद पांडव भगवान शिव की तलाश में काशी की यात्रा करते हैं। उनका इरादा युद्ध से पैदा हुए सभी पापों से मुक्ति पाने का था। यह जानने पर, भगवान शिव खुद को एक बैल के रूप में बदलकर उत्तराखंड छुप जाते हैं। जहां वे छुपे थे उस जगह को गुप्तकाशी कहते हैं। पांडव काशी से हुए उत्तराखंड पहुंचे और वहां भीम ने किसी तरह भगवान शिव को ढूंढ निकाला। लेकिन दिलचस्प बात तो ये थी कि भगवान शिव बैल बनकर जमीन के अंदर छिपे हुए थे, लेकिन वहां से उनकी पूँछ और उनका कूबड़ दिख रहा था। भीम ने जब पूँछ को पकड़कर बैल को निकालने की कोशिश की तो ऐसे में उसका सिर नेपाल डोलेश्वर महादेव में जाकर गिर गया और कूबड़ एक शिवलिंग के रूप में स्थापित हो गया। यदि दौरान पहाड़ के दो हिस्से भी हो गए, जिन्हें अब नर और नारायण के नाम से जाना जाता है। यही वजह है कि केदारनाथ में मौजूद शिवलिंग तिकोने आकार में है, ऐसा शिवलिंग बिल्कुल भी आम नहीं है।

बस से कैसे पहुंचे केदारनाथ

दिल्ली से केदारनाथ के लिए कोई डायरेक्ट बस नहीं है। इसके लिए आपको सबसे पहले कश्मीरी गेट अंतर्राज्यीय बस अड्डे से हरिद्वार या ऋषिकेश के लिए बस लेनी होगी। रोडवेज बस का किराया 300 रुपए है लेकिन आप चाहें तो प्राइवेट बस भी ले सकते हैं। ऋषिकेश पहुंचने के बाद आपको यहां से सोनप्रयाग के लिए बस लेनी होगी। सोनप्रयाग के लिए बस आपको सुबह जल्दी लेनी पड़ेगी।

आप अगर सोनप्रयाग के लिए सुबह जल्दी बस लेते हैं तो शाम तक आप वहां पहुंच जाएंगे। इसके बाद गौरीकुंड जाने के लिए सोनप्रयाग से आपको शेयरिंग टैक्सी मिल जाएंगी। सोनप्रयाग से गौरीकुंड की दूरी 8 किलोमीटर है। गौरीकुंड पहुंचने के बाद आपको केदारनाथ धाम के लिए पैदलयात्रा करनी होगी।

राज्य
View More

Shorts see more

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

  • खाली पेट देसी घी खाने से पाचन और मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है।
  • यह त्वचा में निखार और हड्डियों को मजबूती देने में मददगार माना जाता है।
  • संतुलित मात्रा में घी दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
read more

ताजा खबरें
View More

'देश को आपकी जरूरत है', सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील, अभिजीत दीपके ने लिया बड़ा संकल्प
'देश को आपकी जरूरत है', सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील, अभिजीत दीपके ने लिया बड़ा संकल्प
'कॉकरोचों' के सामने झुकेगी सरकार? वांगचुक के बाद अब CJP प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे केंद्रीय मंत्री
'कॉकरोचों' के सामने झुकेगी सरकार? वांगचुक के बाद अब CJP प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे केंद्रीय मंत्री
काले कपड़े पहन संसद पहुंचे विपक्षी सांसद, छात्रों के मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ जताया विरोध
काले कपड़े पहन संसद पहुंचे विपक्षी सांसद, छात्रों के मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ जताया विरोध
पटना में कांग्रेस कार्यालय के बाहर बवाल, बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प, जमकर चले लाठी-डंडे
पटना में कांग्रेस कार्यालय के बाहर बवाल, बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प, जमकर चले लाठी-डंडे
क्या NDA में जाएगी NCP-SP? पीएम मोदी से शरद पवार और सुप्रिया सुले की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल
क्या NDA में जाएगी NCP-SP? पीएम मोदी से शरद पवार और सुप्रिया सुले की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल
सिक्किम टनल हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 20 पहुंचा, सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत-बचाव अभियान जारी
सिक्किम टनल हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 20 पहुंचा, सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत-बचाव अभियान जारी
नीट मुद्दे पर विपक्ष में मतभेद? लोकसभा में अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल के बीच दिखी तीखी नोकझोंक
नीट मुद्दे पर विपक्ष में मतभेद? लोकसभा में अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल के बीच दिखी तीखी नोकझोंक
आंध्र प्रदेश में फिर बढ़े Covid-19 के मामले, 7 नए संक्रमित मिले, कुल आंकड़ा 26 पहुंचा
आंध्र प्रदेश में फिर बढ़े Covid-19 के मामले, 7 नए संक्रमित मिले, कुल आंकड़ा 26 पहुंचा
CJP प्रवक्ता सौरव दास का WhatsApp अकाउंट ब्लॉक, आंदोलन के बीच उठाया सवाल- आखिर किसके इशारे पर
CJP प्रवक्ता सौरव दास का WhatsApp अकाउंट ब्लॉक, आंदोलन के बीच उठाया सवाल- आखिर किसके इशारे पर
छात्र आंदोलन में शामिल होंगे मनोज जरांगे, लाठीचार्ज पर भड़के; 100% समर्थन का ऐलान
छात्र आंदोलन में शामिल होंगे मनोज जरांगे, लाठीचार्ज पर भड़के; 100% समर्थन का ऐलान
कांग्रेस दफ्तरों के घेराव की तैयारी में भाजपा, आज देशभर में प्रदर्शन!
कांग्रेस दफ्तरों के घेराव की तैयारी में भाजपा, आज देशभर में प्रदर्शन!
राहुल गांधी के प्रदर्शन पर गिरिराज सिंह का तीखा हमला, बोले- 'देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए'
राहुल गांधी के प्रदर्शन पर गिरिराज सिंह का तीखा हमला, बोले- 'देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए'
डाइटिंग और वर्कआउट के बावजूद महिलाओं का पेट क्यों नहीं होता कम? जानिए इसके पीछे छिपे अहम कारण
डाइटिंग और वर्कआउट के बावजूद महिलाओं का पेट क्यों नहीं होता कम? जानिए इसके पीछे छिपे अहम कारण
24 जुलाई को मंगल करेंगे मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, इन 4 राशियों के करियर में आएगा बड़ा बदलाव!
24 जुलाई को मंगल करेंगे मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, इन 4 राशियों के करियर में आएगा बड़ा बदलाव!