
यदि आप बजट फ्रेंडली विदेश यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो ऐसे कई देश हैं जहां भारतीय यात्री कम खर्च में शानदार अनुभव ले सकते हैं। यहां भारतीय रुपये की वैल्यू अधिक होने के कारण होटल, खाना, ट्रैवल और शॉपिंग सभी किफायती होते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से देश भारतीय ट्रैवलर्स के लिए सबसे सस्ते हैं और वहां एक हफ्ते का अनुमानित खर्च कितना आता है।
वियतनाम
वियतनाम वर्तमान में भारतीय ट्रैवलर्स का पसंदीदा बजट डेस्टिनेशन बन गया है। यहां भारतीय रुपये की वैल्यू बहुत अच्छी है। उदाहरण के लिए, 5,000 रुपये लगभग 15 लाख वियतनामी डोंग के बराबर होते हैं। इतने पैसों में आप यहां एक दिन आराम से ट्रिप का आनंद ले सकते हैं। एक हफ्ते की यात्रा का कुल अनुमानित खर्च 45,000 से 70,000 रुपये के बीच आता है।
नेपाल
नेपाल भारतीय ट्रैवलर्स के लिए सबसे आसान और सस्ता विकल्प है। भारतीयों को नेपाल जाने के लिए पासपोर्ट या वीजा की आवश्यकता नहीं होती। नेपाल में एक हफ्ते की यात्रा का कुल खर्च लगभग 20,000 से 30,000 रुपये के बीच होता है।
श्रीलंका
भारत के नजदीक होने की वजह से श्रीलंका भी बजट फ्रेंडली देश माना जाता है। फ्लाइट और ट्रैवल दोनों ही बजट में उपलब्ध हैं। भारतीय पर्यटक यहां कोलंबो, गॉल और कैंडी जैसी जगहों पर घूम सकते हैं। एक हफ्ते की यात्रा का अनुमानित खर्च 35,000 से 55,000 रुपये के बीच आता है।
म्यांमार
म्यांमार अपने प्राचीन मंदिरों और सुनहरे पैगोडा के लिए प्रसिद्ध है। यहां का स्ट्रीट फूड और किफायती ट्रांसपोर्ट इसे बजट में घूमने वालों के लिए बेहतरीन बनाते हैं। म्यांमार में एक हफ्ते घूमने का कुल खर्च लगभग 40,000 से 55,000 रुपये के बीच होता है।
कंबोडिया
इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए कंबोडिया किसी खजाने से कम नहीं है। अंगकोर वाट मंदिर कॉम्प्लेक्स यहां का प्रमुख आकर्षण है, जो दुनियाभर से ट्रैवलर्स को अपनी ओर खींचता है। एक हफ्ते की यात्रा का खर्च 40,000 से 60,000 रुपये के बीच आता है।
भूटान
भूटान को दुनिया का ‘हैप्पीनेस नेशन’ कहा जाता है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं। भारतीयों को भूटान जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती, जिससे ट्रिप और भी सस्ती हो जाती है। यहां एक हफ्ते की यात्रा का कुल खर्च 40,000 से 65,000 रुपये के बीच आता है।














