
जैसे ही महिलाएं गर्भावस्था में कदम रखती हैं वैसे ही परिवार के लोगों द्वारा उनके आहार पर ज्यादा ध्यान देते हुए डाइट में बदलाव किए जाते हैं ताकि मां और बच्चे को अच्छे से पोषण मिल सकें। ऐसी कई चीज़ें हैं जिन्हें प्रेगनेंसी के आहार में शामिल किया जाता हैं, जिसमें से एक हैं केसर। पौष्टिक तत्वों की बात की जाए तो केसर के अंदर भरपूर मात्रा में कैलोरी, प्रोटीन, आयरन, जिंक, कॉपर, फाइबर, कैल्शियम, सोडियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, विटामिन सी, विटामिन बी सिक्स, विटामिन ए, बाटा कैरोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। कई लोग कहते हैं कि केसर के सेवन से होने वाले बच्चे का रंग गोरा होगा। लेकिन इसी के साथ ही केसर को कई अन्य फायदों के कारण शामिल किया जाता हैं जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं। इसका सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए अन्यथा नुकसान भी करता हैं। तो आइये जानते हैं केसर के सेवन से गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले फायदों के बारे में...

मॉर्निंग सिकनेस की समस्या होगी दूर
प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में या फिर कई बार तो पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस की समस्या रहती है। उल्टी आना, चक्कर आना, सिर घूमना जैसी दिक्कते मॉर्निंग सिकनेस कहलाती हैं। इस दौरान आपको ऐसा महसूस होता है मानो शरीर में एनर्जी नहीं रही और आप डल महसूस करने लगती हैं। ऐसे में अगर आप केसर वाली चाय का सेवन करें तो जी मिचलाने और चक्कर आने जैसे लक्षणों में कमी आ सकती है।

अच्छी नींद में मदद करे
प्रेगनेंसी के दौरान बार-बार पेशाब आने के कारण और शारीरिक परेशानी के कारण गर्भवती महिला की नींद प्रभावित होती है। ऐसे में रात को सोने से पहले केसर वाला दूध पीने से आपको अच्छी नींद आ सकती है। इससे आपका स्ट्रेस लेवल कम होगा और आप मन शांत होगा, जिससे आपको अच्छी नींद आएगी।

क्रैंप्स से राहत
हार्मोनल परिवर्तन के कारण, प्रेगनेंसी में महिलाओं को अक्सर पेट में दर्द और क्रैम्प्स होते हैं। ये क्रैंप्स कई बार असहनीय भी हो सकते हैं। ऐसे में केसर के सेवन से क्रैंप्स और दर्द से राहत मिलती है। केसर आपके शरीर में मांसपेशियों के दर्द को शांत करने के लिए दर्द निवारक के रूप में काम करता है।

मूड अच्छा रखे
प्रेगनेंसी में अधिकतर महिलओं को मूड स्विंग्स की समस्या होती है। तेजी से हार्मोनल परिवर्तन और शारीरिक परेशानी के कारण गर्भवती महिलाओं को मूड स्विंग्स की समस्या होती है। इस दौरान वे गुस्सैल और चिड़चिड़ी हो जाती हैं। ऐसे में मूड स्विंग्स से निपटने के लिए केसर बहुत फायदेमंद है। दरअसल, यह सेरोटोनिन का उत्पादन करता है, जो शरीर में रक्त के प्रवाह को बढ़ाकर मूड को नियंत्रित करता है। यह मूड स्विंग्स से निपटने में मदद करने के साथ-साथ मूड अपलिफ्ट करता है।

बीपी कंट्रोल रखे
प्रेगनेंसी में कई महिलाओं का बीपी और कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। प्रेगनेंसी में बाहर की चीज़ें या ज़्यादा फैट वाली चीज़ें खाने से आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकत है और या आपके हृदय के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। केसर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। केसर में मौजूद तत्व धमनियों को बंद होने से रोकते हैं और शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाते हैं। इसके साथ ही यह ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।
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पाचन तंत्र बनेगा मजबूत
प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत सी महिलाओं को पेट
में दर्द की शिकायत रहती है क्योंकि इस दौरान डाइजेशन यानी पाचन की
प्रक्रिया धीमी हो जाती है। लिहाजा होने वाली मां को कुछ ऐसी चीजों को
जरूरत होती है जो डाइजेशन के प्रोसेस को बेहतर बनाने में मदद करें। ऐसे में
केसर आपके लिए मददगार साबित हो सकता है क्योंकि केसर पाचन तंत्र तक ब्लड
फ्लो को बेहतर बनाने का काम करता है जिससे मेटाबॉलिज्म मजबूत बनता है। ऐसा
करने से डाइजेशन की प्रक्रिया बेहतर बनती है। केसर के सेवन से ऐसिडिटी और
पेट फूलने की समस्या भी नहीं होती।

एलर्जी को रोकता है
प्रेगनेंसी
में इम्युनिटी कमजोर होने के कारण एलर्जी और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
केसर मौसमी एलर्जी, छाती में जमाव और सांस लेने की समस्याओं से लड़ने में
आपकी मदद करता है। थोड़ी मात्रा में केसर का सेवन करना संपूर्ण स्वास्थ्य
के लिए फायदेमंद होता है














