न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

हो जाएं सावधान! हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरा है ई-कचरा, जानें-इससे जुड़ी और भी खास-खास बातें

चीन में प्रतिवर्ष लगभग 61 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न होता है और अमेरिका में लगभग 72 लाख टन तथा पूरी दुनिया में कुल 488 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न हो रहा है।

Posts by : Nupur Rawat | Updated on: Thu, 08 July 2021 9:10:15

हो जाएं सावधान! हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरा है ई-कचरा, जानें-इससे जुड़ी और भी खास-खास बातें

कंप्यूटर तथा उससे संबंधित अन्य उपकरण तथा टी.वी., वाशिंग मशीन एवं फ्रिज जैसे घरेलू उपकरण और कैमरे, मोबाइल फोन तथा उससे जुड़े अन्य उत्पाद जब चलन/उपयोग से बाहर हो जाते हैं तो इन्हें संयुक्त रूप से ई-कचरे की संज्ञा दी जाती है।

देश में जैसे-जैसे डिजिटाइज़ेशन (Digitisation) बढ़ रहा है, उसी अनुपात में ई-कचरा भी बढ़ रहा है। इसकी उत्पत्ति के प्रमुख कारकों में तकनीक तथा मनुष्य की जीवन शैली में आने वाले बदलाव शामिल हैं।

ट्यूबलाइट, बल्ब, सीएफएल जैसी चीजें जिन्हें हम रोज़मर्रा इस्तेमाल में लाते हैं, उनमें भी पारे जैसे कई प्रकार के विषैले पदार्थ पाए जाते हैं, जो इनके बेकार हो जाने पर पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

इस कचरे के साथ स्वास्थ्य और प्रदूषण संबंधी चुनौतियाँ तो जुड़ी हैं ही, लेकिन साथ ही चिंता का एक बड़ा कारण यह भी है कि इसने घरेलू उद्योग का स्वरूप ले लिया है और घरों में इसके निस्तारण का काम बड़े पैमाने पर होने लगा है।

चीन में प्रतिवर्ष लगभग 61 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न होता है और अमेरिका में लगभग 72 लाख टन तथा पूरी दुनिया में कुल 488 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न हो रहा है।

meaning of e-waste,electronic waste,healthy living,Health tips,what is e waste

यह बात सौ फीसद सही है कि मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, एमपी थ्री प्लेयर और टीवी हमारी जिंदगी को अहम हिस्सा बन चुका है। महानगरों और छोटे शहरों की बात तो जाने दें, गांव-कस्बों तक में इनका चलन आम हो गया है। इलेक्ट्रानिक के ये सामान लोगों को न सिर्फ उनके कामकाज को आसान बनाते हैं बल्कि मनोरंजन का जरिया भी हैं। इन इलेक्ट्रानिक सामानों की खरीदारी करते वक्त हम में से शायद ही कोई सोचता होगा कि जिन उपकरणों को वह खरीद रहा है टूटने या बेकार होने के बाद उनकी क्या उपयोगिता रह जाती होगी। भारत ही नहीं दूसरे देशों में भी इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई-कचरा) से आम जीवन और पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह भी हम नहीं जानते।

सिर्फ अकेले अमेरिका में हर साल तीस लाख टन ई-कचरा फेंका जाता है। सवाल यह है कि आखिरकार यह ई-कचरा जाता कहां है। रिसाइकिलिंग की परेशानियों और लगने वाली लागत के साथ-साथ ई-कचरा की निर्यात में दी गई रिआयत की वजह से इनमें से ज्यादातर ई-कचरे को भारत, केन्या और चीन भेज दिया जाता है। भारत में पर्यावरण के निचले स्तर के मानदंड और काम करने का स्तर की वजह से रिसाइकिलिंग का धंधा ज्यादा मुनाफे वाला है।

meaning of e-waste,electronic waste,healthy living,Health tips,what is e waste

हालांकि ऐसा करना खतरनाक है और आम जीवन पर ही नहीं पर्यावरण पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। इसके बावजूद भारत में अमेरिका से आयातित कचरे की रिसाइकिलिंग धड़ल्ले से हो रही है। भारत में इस तरह का कानून भी नहीं है जो ई-कचरे के रिसाइकिलिंग पर रोक लगा सके। हालांकि पर्यावरणविद् ई-कचरे से होने वाले नुकसान पर चिंता भी जता चुके हैं।

चिंता की बात यह है कि ई-कचरे को रिसाइकिलिंग करते हुए अगर ध्यान नहीं दिया गया तो उससे निकलने वाली टाक्सिन व दूसरी गैसें सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए नुकसानदेह हैं। दरअसल ई-कचरा खरीदने वाले इन्हें दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाने के लिए बिना किसी तरह की सावधानी बरते उसे जला कर उससे काम की चीजें निकालते हैं लेकिन ऐसा करते हुए किसी तरह की सावधानी नहीं बरती जाती।

घरेलू उत्पाद के कचरों में बड़ी मात्रा में पारा, जस्ता, कैडमियम सहित दूसरे रसायनिक तत्व होते हैं जो सेहत के लिए ठीक नहीं होते हैं। इनमें टाक्सिन की मात्रा बड़ी तादाद में होती है। अगर इन्हें ठीक ढंग से इस्तेमाल नहीं किया गया तो इनके खाने-पीने के सामना व पानी घुलने का खतरा भी रहता रहता है। इसके अलावा ओजोन पर भी इसका प्रभाव पड़ने का अंदेशा होता है।

इनमें कैंसर, स्नायु तंत्र और आंत की बीमारी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि ई-कचरे के दोबारा इस्तेमाल के दौरान बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत है। सरकार को भी इसके लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत है ताकि ई-कचरे का दोबारा इस्तेमाल करने वाला इंसानी जिंदगी से खिलवाड़ न कर सके।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

'बंगाल का मुख्यमंत्री बंगाली ही होगा, फर्क बस इतना कि वह BJP का होगा', पहले चरण के बाद कोलकाता से अमित शाह के बड़े राजनीतिक दावे
'बंगाल का मुख्यमंत्री बंगाली ही होगा, फर्क बस इतना कि वह BJP का होगा', पहले चरण के बाद कोलकाता से अमित शाह के बड़े राजनीतिक दावे
बिहार विधानसभा सत्र शुरू, सम्राट चौधरी साबित करेंगे बहुमत
बिहार विधानसभा सत्र शुरू, सम्राट चौधरी साबित करेंगे बहुमत
बिहार फ्लोर टेस्ट में सम्राट चौधरी से ज्यादा तेजस्वी यादव पर क्यों टिकी निगाहें, कहीं साथ तो नहीं छोड़ देंगे RJD विधायक?
बिहार फ्लोर टेस्ट में सम्राट चौधरी से ज्यादा तेजस्वी यादव पर क्यों टिकी निगाहें, कहीं साथ तो नहीं छोड़ देंगे RJD विधायक?
दिल्ली मर्डर केस : IRS अधिकारी की बेटी की हत्या का आरोपी राहुल मीणा रिमांड पर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले चौंकाने वाले राज
दिल्ली मर्डर केस : IRS अधिकारी की बेटी की हत्या का आरोपी राहुल मीणा रिमांड पर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले चौंकाने वाले राज
अजित पवार की मौत से जुड़ा ‘काला जादू’? अघोरी पूजा और बकरी बलि के आरोपों से मचा सियासी बवाल
अजित पवार की मौत से जुड़ा ‘काला जादू’? अघोरी पूजा और बकरी बलि के आरोपों से मचा सियासी बवाल
कानपुर कोर्ट में दर्दनाक घटना: 24 वर्षीय वकील ने पांचवीं मंजिल से कूदकर दी जान, व्हाट्सऐप स्टेटस पर छोड़ा भावुक सुसाइड नोट
कानपुर कोर्ट में दर्दनाक घटना: 24 वर्षीय वकील ने पांचवीं मंजिल से कूदकर दी जान, व्हाट्सऐप स्टेटस पर छोड़ा भावुक सुसाइड नोट
उत्तराखंड: चंबा-कोटी रोड पर भीषण हादसा, खाई में गिरी बस; 8 लोगों की दर्दनाक मौत
उत्तराखंड: चंबा-कोटी रोड पर भीषण हादसा, खाई में गिरी बस; 8 लोगों की दर्दनाक मौत
बंगाल चुनाव: 'दीदी का जाना तय, बीजेपी की सरकार बनना निश्चित', अमित शाह का बड़ा दावा, भाजपा को पहले चरण में भारी बढ़त
बंगाल चुनाव: 'दीदी का जाना तय, बीजेपी की सरकार बनना निश्चित', अमित शाह का बड़ा दावा, भाजपा को पहले चरण में भारी बढ़त
कुछ सेकंड की अहमियत क्या होती है, ये वीडियो देखकर समझ आएगा—अंत कर देगा हैरान
कुछ सेकंड की अहमियत क्या होती है, ये वीडियो देखकर समझ आएगा—अंत कर देगा हैरान
IPL Points Table: CSK की दमदार जीत से बदला समीकरण, टॉप-4 में मची हलचल, 3 टीमों की रैंकिंग गिरी
IPL Points Table: CSK की दमदार जीत से बदला समीकरण, टॉप-4 में मची हलचल, 3 टीमों की रैंकिंग गिरी
‘भूत बंगला’ बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: सातवें दिन गिरावट, फिर भी बनी साल की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म, ‘ओ रोमियो’ को पछाड़ा
‘भूत बंगला’ बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: सातवें दिन गिरावट, फिर भी बनी साल की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म, ‘ओ रोमियो’ को पछाड़ा
टेक इंडस्ट्री में छंटनी:  Meta और Microsoft के फैसलों से 23,000 नौकरियों पर मंडराया संकट
टेक इंडस्ट्री में छंटनी: Meta और Microsoft के फैसलों से 23,000 नौकरियों पर मंडराया संकट
IPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स के स्क्वाड में बड़ा बदलाव, इंग्लिश लेग स्पिनर रेहान अहमद की एंट्री से गेंदबाजी हुई और मजबूत
IPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स के स्क्वाड में बड़ा बदलाव, इंग्लिश लेग स्पिनर रेहान अहमद की एंट्री से गेंदबाजी हुई और मजबूत
यामी गौतम ने ‘हक’ के लिए किया गहन अध्ययन, कुरान और इस्लामिक कानून की बारीकियों को समझा, डायरेक्टर सुपन वर्मा ने साझा की दिलचस्प बातें
यामी गौतम ने ‘हक’ के लिए किया गहन अध्ययन, कुरान और इस्लामिक कानून की बारीकियों को समझा, डायरेक्टर सुपन वर्मा ने साझा की दिलचस्प बातें