
अगर आप भी स्मार्टवॉच पर हर दिन 10,000 कदम पूरे करने का दबाव महसूस करते हैं, तो अब राहत की सांस लें। एक नई रिसर्च बताती है कि सिर्फ 7,000 कदम रोजाना चलना भी आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हो सकता है। ये अध्ययन प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित हुआ है, और इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं।
रोज़ सिर्फ 7,000 कदम और सेहत में दिखेगा बड़ा बदलाव
इस अध्ययन के अनुसार, यदि आप प्रतिदिन 7,000 कदम चलते हैं, तो इससे न केवल आपके दिल की सेहत में सुधार होता है, बल्कि मधुमेह, डिप्रेशन, डिमेंशिया और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों के जोखिम में भी कमी आती है। शोध में देखा गया कि इतनी दूरी चलने वाले लोगों में मौत का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है।
88 अध्ययनों की समीक्षा, 1.6 लाख लोगों पर आधारित नतीजे
शोधकर्ताओं ने यह निष्कर्ष 2014 से 2025 के बीच प्रकाशित 88 अलग-अलग अध्ययनों के विश्लेषण से निकाला है। इन अध्ययनों में लगभग 1.6 लाख वयस्कों की जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी डेटा को शामिल किया गया। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, नॉर्वे और स्पेन जैसे देशों के वैज्ञानिकों की साझेदारी से इस शोध को अंजाम दिया गया।
कौन-कौन सी बीमारियां रहेंगी दूर?
रोज़ाना सिर्फ 7,000 कदम चलने के क्या लाभ हैं, आइए आंकड़ों से समझते हैं:
- दिल की बीमारी का खतरा: 25% तक कम
- मधुमेह की संभावना: 14% कम
- कैंसर का जोखिम: 6% कम
- गिरने की आशंका: 28% तक घटती है
- मृत्यु दर: 47% तक कम
- डिप्रेशन के लक्षण: 22% तक कम
- डिमेंशिया की संभावना: 38% तक कम
हालांकि, शोधकर्ता मानते हैं कि कैंसर और डिमेंशिया से जुड़े आंकड़े सीमित डेटा पर आधारित हैं, इसलिए इन पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता। साथ ही, बुजुर्गों या जिनकी शारीरिक क्षमता कम है, उनके आंकड़ों को पूरी तरह से शामिल नहीं किया गया है।
हर कदम आपकी सेहत को मजबूत बनाता है
विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में जब शारीरिक गतिविधि कम होती जा रही है, तब रोज़ाना की गई हलचल—जैसे पैदल चलना—स्वस्थ जीवन की कुंजी बन सकती है। जिन लोगों के लिए 10,000 कदम चलना संभव नहीं, उनके लिए 7,000 कदम का लक्ष्य भी फायदेमंद हो सकता है।














