
आजकल लोगों के बीच चिंता, तनाव और अवसाद की समस्या बढ़ती जा रही है। इनका असर उनके दैनिक कार्यों पर भी पड़ रहा है। अगर किसी को इस तरह की समस्याएं होती हैं, तो उन्हें ठीक तरह से नींद लेने में परेशानी हो सकती है । ऐसे में बेहतर नींद के लिए योग करना एक अच्छा उपाय साबित हो सकता है। दरअसल, योग की मदद से मन को शांत किया जा सकता है, इससे अच्छी नींद आ सकती है।

बालासन
घुटने मोड़कर अपनी एड़ियों पर बैठ जाएं। कम्फ़र्टेबल
हो जाने पर सांस अंदर लेते हुए अपने दोनों घुटनों को हल्का फैला लें। आगे
की ओर झुकें और अपने सिर को दोनों पैरों के बीच रखें और सांस छोड़ दें।
पेल्विस के पिछले हिस्से से टेलबोन को उल्टी दिशा में दूर खींचें। सिर को
पीठ और गर्दन पर खिंचाव महसूस करने तक हल्का उठाएं। अपनी बांहों को बाहर
निकालकर सामने की ओर फैला लें। ध्यान रहे कि आपकी कुहनियां और घुटने एक सीध
में हों। तीस सेकेंड्स तक इसी मुद्रा में बनी रहें।

विपरीत करनी
यह
आसन करने के लिए दीवार की ओर चेहरा कर बैठें। फिर पीठ के बल लेट जाएं।
अपने पैरों को ऊपर की दिशा की ओर उठाएं और जब तक आपके पैर दीवार से लड़े
नहीं, तब तक आगे खिसकें। तलवों को ऊपर की ओर रखें। एक बार आप 90 डिग्री के
कोण में सहज हो जाएं तो अपने कूल्हों को उठाकर उसके नीचे एक कुशन रखें। इसी
मुद्रा में पांच मिनट तक बनी रहें।

उत्तानासन
अपने
पैरों को फैलाकर खड़ी हो जाएं और हाथों को कूल्हों पर रखें। सांस छोड़ते
हुए सामने की ओर झुकें। यह ध्यान रखें कि आपका सिर और पूरा शरीर एक सीधी
लाइन में हो। थोड़ा और झुकें और अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें। यदि आपकी
हथेली ज़मीन तक नहीं पहुंच पा रही हों तो थोड़ा और आगे झुक जाएं। ध्यान रहे
कि आगे झुकते हुए घुटनों को न मोड़ें। 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में रहें
और फिर सीधी खड़ी हो जाएं।

शवासन
शवासन
हमारे मस्तिष्क के लिए अच्छा होता है। इस आसन को करने के लिए घर के सबसे
शांत कोने में जाएं और योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को
फैलाएं और दोनों को अपनी-अपनी दिशा में रिलैक्स छोड़ दें। दोनों हाथों को
भी ज़मीन पर फैला लें और हथेलियों को सीलिंग की ओर रखें। हथेलियों या पैरों
को सीधा रखने के लिए उन पर दबाव न बनाएं। इन्हें स्वभाविक रूप से खुला
रहने दें। अपने पूरे शरीर में किसी भी तरह का तनाव न डालें। आंखें मूंदें
और अपनी सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करें। अपने डायफ्रम यानी
शरीर के निचले हिस्से से सांस लेने की कोशिश करें। सांस लेते हुए पांच तक
गिनें और फिर से पांच तक गिनते हुए धीरे-धीरे सांस छोड़ें। यह प्रक्रिया तब
तक दोहराएं, जब तक आप रिलैक्स महसूस न करने लगें।

सुप्त बद्धकोणासन
बेहतर
नींद के लिए यह योग किया जा सकता है। सुप्त बद्धकोणासन को संस्कृत के चार
शब्दों को मिलाकर बनाया गया है। इसमें सुप्त यानी लेटा हुआ, बद्ध का मतलब
बंधा हुआ, कोण का अर्थ अंग को मोड़ने से बनने वाली स्थिति और आसन का मतलब
मुद्रा से है। वहीं, एक शोध में चिंता और तनाव से छुटकारा पाने के लिए योग
को महत्वपूर्ण माना गया है। इस शोध में सुप्त बद्धकोणासन का भी जिक्र है।
ऐसे में, हम मान सकते हैं कि चिंता और तनाव को दूर कर यह आसन नींद को
बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।














