न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

सितारों से सजी, करोड़ों में बनी, फिर भी दर्शकों का दिल न जीत पाई ये फिल्म

बॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्मों में से एक, जिसकी शुरुआत सदी के दो बड़े सितारों के साथ होनी थी, लेकिन अंत में उसे शहंशाह के कंधों पर टिका दिया गया। बावजूद इसके, वह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Tue, 01 July 2025 6:32:15

सितारों से सजी, करोड़ों में बनी, फिर भी दर्शकों का दिल न जीत पाई ये फिल्म

वर्ष 1975 में कालजयी फिल्म शोले देने के बाद निर्देशक रमेश सिप्पी की गिनती हिन्दी फिल्मों के ख्यातनाम निर्देशकों में होने लगी थी। ऐसा नहीं है उन्होंने शोले से पहले कोई सफल फिल्म नहीं दी थी। शोले से पहले उन्होंने दर्शकों को अंदाज, सीता और गीता सरीखी फिल्में दी थीं। ख्यातनाम निर्माता जी.पी. सिप्पी के पुत्र के नाते भी उनका फिल्म उद्योग में अच्छा रूतबा था। शोले की अपार सफलता के बाद उन्होंने तकनीकी दृष्टि से सुद्ढृ एक बड़ी फिल्म शान की पटकथा को अंतिम रूप दिया। उन्होंने एक बार फिर से शोले की टीम को दोहराना चाहा, विशेष रूप से नायक-नायिका के तौर उन्होंने धर्मेन्द्र, हेमा मालिनी और अमिताभ बच्चन को चुना। लेकिन धर्मेन्द्र ने फिल्म में काम करने से इंकार कर दिया उसके बाद हेमा ने भी मना कर दिया। रमेश सिप्पी ने धर्मेन्द्र की भूमिका में अमिताभ और अमिताभ की भूमिका में शशि कपूर को फिट किया। हेमा मालिनी की जगह पर उन्होंने परवीन बॉबी को लिया। शशि कपूर के साथ बिंदिया गोस्वामी और खलनायक के तौर पर उन्होंने कुलभूषण खरबन्दा को पेश किया।

फिर से दोहरानी थी 'शोले' की टीम, लेकिन धर्मेन्द्र ने किया इंकार

रमेश सिप्पी की योजना थी कि वे एक बार फिर शोले की मूल टीम को साथ लाएं। उन्होंने फिल्म के तीन प्रमुख किरदारों के लिए धर्मेन्द्र, हेमा मालिनी और अमिताभ बच्चन को सोचा। लेकिन इस बार किस्मत ने साथ नहीं दिया।

कथित रूप से रमेश सिप्पी और धर्मेन्द्र के बीच किसी रचनात्मक मतभेद या व्यक्तिगत विवाद के कारण धर्मेन्द्र ने फिल्म करने से इनकार कर दिया। जब धर्मेन्द्र फिल्म से बाहर हुए, तो हेमा मालिनी ने भी उनका साथ छोड़ दिया और फिल्म का हिस्सा बनने से मना कर दिया।

अमिताभ बने ‘विजय’, शशि कपूर को मिला नया किरदार


धर्मेन्द्र के हटने के बाद अमिताभ बच्चन को फिल्म में मुख्य किरदार विजय के रूप में लिया गया। दिलचस्प बात यह है कि पहले अमिताभ को फिल्म में रवि के किरदार के लिए सोचा गया था। लेकिन धर्मेन्द्र की अनुपस्थिति में भूमिका अदल-बदल कर दी गई और रवि का रोल शशि कपूर को दे दिया गया।

वहीं, हेमा मालिनी के स्थान पर सिप्पी ने परवीन बॉबी को लिया और शशि कपूर के अपोजिट बिंदिया गोस्वामी को कास्ट किया। फिल्म के खलनायक के रूप में रमेश सिप्पी ने एक बिल्कुल नया चेहरा पेश किया — कुलभूषण खरबन्दा, जो शाकाल के किरदार में अब तक के सबसे स्टाइलिश और तकनीकी खलनायकों में माने जाते हैं।

बॉलीवुड की अब तक की सबसे महंगी फिल्म थी ‘शान’

साल 1980 में जब 'शान' रिलीज़ हुई, तो इसे अब तक की सबसे महंगी हिंदी फिल्म कहा गया। फिल्म में विदेशी लोकेशन, हाई-टेक विलेन का अड्डा, हेलीकॉप्टर एक्शन, तेज-तर्रार कैमरा मूवमेंट और डबल रोल के समीकरण दर्शकों को बड़े परदे की नई परिभाषा देने वाले थे।

फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में सुनील दत्त, अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, बिंदिया गोस्वामी, परवीन बाबी, राखी, शत्रुघ्न सिन्हा और कुलभूषण खरबंदा जैसे कलाकार शामिल थे। इस फिल्म का स्केल इतना बड़ा था कि इसे ‘बॉलीवुड की जेम्स बॉन्ड स्टाइल’ मूवी कहा गया।

शक्तिशाली थी थीम, लेकिन पटकथा में आई कमजोरी

‘शान’ की मूल कथा शोले की ही तरह प्रतिशोध और न्याय की थी, लेकिन उसका प्रस्तुतिकरण अपेक्षाकृत कमजोर रहा। कहानी दो भाइयों—विजय (अमिताभ बच्चन) और रवि (शशि कपूर)—के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने बड़े भाई (सुनील दत्त) की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखते हैं और अंततः अंतरराष्ट्रीय खलनायक शाकाल से टकराते हैं। शाकाल का किरदार कुलभूषण खरबंदा ने निभाया, जो अपने आधुनिक गैजेट्स और शार्क-टैंक जैसे अड्डे के कारण यादगार बन गया।

हालांकि फिल्म की सेटिंग भव्य थी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की लग रही थी, लेकिन सलिम-जावेद की लेखनी इस बार दर्शकों को वह पकड़ नहीं दे सकी जो 'शोले' में थी। पात्रों की मनोवैज्ञानिक गहराई कमज़ोर थी, और संवादों में वह तीखापन नहीं था जिसकी दर्शक अपेक्षा कर रहे थे। फिल्म की लंबाई और कुछ दृश्यों की दोहरावभरी प्रकृति ने भी दर्शकों के धैर्य की परीक्षा ली। कुल मिलाकर, फिल्म की स्क्रिप्ट एक बड़े बजट की मांगों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाई।

amitabh bachchan,dharmendra,Hema Malini,shaan movie,ramesh sippy,bollywood flop movies,1980s cinema,bollywood casting controversy,box office flop,shaan re-release

संगीत ने बनाया माहौल, लेकिन एडिटिंग रही ढीली

‘शान’ का संगीत भी उस दौर की बड़ी फिल्मों की तरह भव्य और लोकप्रिय था। आर. डी. बर्मन द्वारा रचित इस फिल्म का संगीत आज भी याद किया जाता है। खासकर “प्यार करने वाले कभी डरते नहीं” और “यम्मा यम्मा” जैसे गीत युवाओं में काफी लोकप्रिय हुए। किशोर कुमार, मोहम्मद रफी और आशा भोंसले जैसे गायकों की आवाज़ों ने गीतों को और ऊंचाई दी। गीतों की कोरियोग्राफी और सिनेमाटोग्राफी भी उस समय के हिसाब से आकर्षक और स्टाइलिश मानी गई।

हालांकि जहां संगीत ने फिल्म की गति को बनाए रखने की कोशिश की, वहीं एडिटिंग ने कहानी को धीमा बना दिया। एम. एस. शिंदे द्वारा की गई एडिटिंग फिल्म की लंबाई पर नियंत्रण नहीं रख सकी। कई दृश्यों में गति की कमी और बेवजह विस्तार ने दर्शकों को थका दिया। खासकर दूसरे हाफ में फिल्म की गति टूटती नजर आती है, जो इसकी असफलता के प्रमुख कारणों में से एक रही। एडिटिंग अगर और कसी हुई होती तो फिल्म की सिनेमाई शक्ति कहीं अधिक प्रभावशाली बन सकती थी।

टाइटल सॉन्ग बना फिल्म की सबसे स्टाइलिश ओपनिंग, ऊषा उथुप और पद्मिनी कपिला की जुगलबंदी से चमका

फिल्म ‘शान’ की शुरुआत जिस गीत से होती है, वह टाइटल सॉन्ग “शान से...” है, जिसे ऊषा उथुप ने अपनी गहरी, दमदार और अद्वितीय आवाज़ में गाया था। यह गीत फिल्म की नामावली (Opening Credits) के दौरान आता है, और इसे पद्मिनी कपिला पर फिल्माया गया है, जो सिगरेट के कश लेते हुए और आत्मविश्वास से भरपूर नृत्य करती नज़र आती हैं। यह गीत अपने समय से कई साल आगे माना गया, जिसमें आधुनिक डिस्को बीट्स, वेस्टर्न वेशभूषा और नाइट क्लब जैसी रोशनी का प्रयोग किया गया।

फिल्म के क्रेडिट्स इस गीत के बीच ही सामने आते हैं, और यहीं से दर्शकों को यह आभास हो जाता है कि वे एक तकनीकी रूप से उन्नत और ग्लैमर से भरपूर फिल्म देखने जा रहे हैं। ऊषा उथुप की आवाज़, आर.डी. बर्मन की संगत और पद्मिनी कपिला के आत्मविश्वासी स्टाइल ने मिलकर ‘शान’ को बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली ओपनिंग देने वाली फिल्मों में स्थान दिलाया। यह गाना सिर्फ एक म्यूजिकल ट्रैक नहीं था, बल्कि फिल्म की ‘शान’ और उसकी शैली का घोषणापत्र था।

रिलीज के बाद दर्शकों से नहीं मिला वैसा प्यार

लेकिन सारी उम्मीदों और भारी प्रचार-प्रसार के बावजूद, ‘शान’ रिलीज़ के समय बुरी तरह फ्लॉप हो गई। दर्शकों ने न तो कहानी से जुड़ाव महसूस किया और न ही किरदारों में वह गहराई मिली जो शोले में थी।

फिल्म में राखी, अमिताभ की भाभी बनी थीं, जबकि इससे पहले वे उनकी प्रेमिका के रूप में कई फिल्मों में दिख चुकी थीं। यह भी दर्शकों को असहज लगा। हालांकि, गीत-संगीत और कुछ दृश्य जैसे प्यार करने वाले कभी डरते नहीं... लंबे समय तक लोकप्रिय रहे।

समय के साथ बनी कल्ट क्लासिक

हालांकि शुरुआत में फिल्म फ्लॉप हो गई, लेकिन समय के साथ शान ने ‘कल्ट क्लासिक’ का दर्जा हासिल कर लिया। खासतौर पर 1990 के दशक और 2000 के बाद जब टेलीविजन और डिजिटल माध्यम से फिल्में फिर देखी जाने लगीं, ‘शान’ के एक्शन, शाकाल का विलेन किरदार और तकनीकी मजबूती को सराहा गया।

इस फिल्म को उन फिल्मों में गिना गया जो अपने समय से काफी आगे थीं, इसलिए दर्शकों ने उन्हें शुरू में समझ नहीं पाया।

धर्मेन्द्र-हेमा का ‘ना’, अमिताभ का ‘हां’, लेकिन सफलता का ‘नहीं’

‘शान’ हिंदी सिनेमा की उन फिल्मों में से एक है, जो बेहद महत्वाकांक्षी थी। इसमें सब कुछ था— बड़े सितारे, बजट, तकनीक, संगीत, लोकेशन और निर्देशन। फिर भी यह बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी का स्वाद नहीं चख सकी।

धर्मेन्द्र और हेमा मालिनी का फिल्म से पीछे हटना एक बड़ा मोड़ साबित हुआ। अमिताभ बच्चन ने अपनी ओर से पूरी मेहनत की, लेकिन स्क्रिप्ट की कमजोरी और दर्शकों की अपेक्षाएं शायद कुछ और चाहती थीं।

फिर भी, ‘शान’ एक ऐसा अध्याय बन गई जो बताती है कि सफलता और असफलता के बीच सिर्फ स्टारडम ही नहीं, कहानी और भावनाओं की पकड़ भी जरूरी होती है।


राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

जबलपुर हादसा: बरगी डैम में क्रूज पलटने की पूरी कहानी, कप्तान ने बताई घटना की अंदरूनी सच्चाई
जबलपुर हादसा: बरगी डैम में क्रूज पलटने की पूरी कहानी, कप्तान ने बताई घटना की अंदरूनी सच्चाई
दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगा लगाम, फीस वसूली को लेकर DoE ने जारी किए सख्त निर्देश
दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगा लगाम, फीस वसूली को लेकर DoE ने जारी किए सख्त निर्देश
TMC को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, बंगाल काउंटिंग में केंद्रीय कर्मियों की तैनाती पर चुनाव आयोग का फैसला बरकरार
TMC को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, बंगाल काउंटिंग में केंद्रीय कर्मियों की तैनाती पर चुनाव आयोग का फैसला बरकरार
राजा रघुवंशी मर्डर केस: इंदौर शिफ्ट होने की तैयारी में सोनम, जमानत के बाद नई रणनीति पर चर्चा तेज
राजा रघुवंशी मर्डर केस: इंदौर शिफ्ट होने की तैयारी में सोनम, जमानत के बाद नई रणनीति पर चर्चा तेज
आपके फोन में अचानक बजा सायरन? घबराने की जरूरत नहीं, सरकार का आपदा अलर्ट सिस्टम टेस्ट हुआ सक्रिय
आपके फोन में अचानक बजा सायरन? घबराने की जरूरत नहीं, सरकार का आपदा अलर्ट सिस्टम टेस्ट हुआ सक्रिय
होर्मुज संकट के बीच LPG राहत की उम्मीद, 45 हजार टन गैस लेकर भारत की ओर निकलने को तैयार सुपरटैंकर
होर्मुज संकट के बीच LPG राहत की उम्मीद, 45 हजार टन गैस लेकर भारत की ओर निकलने को तैयार सुपरटैंकर
सम्राट चौधरी की नीतीश कुमार से मुलाकात, बिहार की सियासत में कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज
सम्राट चौधरी की नीतीश कुमार से मुलाकात, बिहार की सियासत में कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज
शनि जयंती पर बन रहा दुर्लभ संयोग, चार राशियों के जीवन में आ सकता है सकारात्मक बदलाव
शनि जयंती पर बन रहा दुर्लभ संयोग, चार राशियों के जीवन में आ सकता है सकारात्मक बदलाव
UP कोर्ट का बड़ा आदेश: 12 साल पुराने आचार संहिता उल्लंघन मामले में कुमार विश्वास, सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती को समन
UP कोर्ट का बड़ा आदेश: 12 साल पुराने आचार संहिता उल्लंघन मामले में कुमार विश्वास, सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती को समन
NEET UG 2026: परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में Google Maps पर निर्भर न रहें, NTA ने छात्रों को दी सख्त चेतावनी
NEET UG 2026: परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में Google Maps पर निर्भर न रहें, NTA ने छात्रों को दी सख्त चेतावनी
बोतल से आने लगी है बदबू? जानिए आसान सफाई का तरीका, कुछ ही मिनटों में फिर से चमक उठेगी बोतल
बोतल से आने लगी है बदबू? जानिए आसान सफाई का तरीका, कुछ ही मिनटों में फिर से चमक उठेगी बोतल
वैभव सूर्यवंशी का विकेट लेने के बाद जेमिसन का जोश पड़ा भारी, BCCI ने लगाई फटकार, मिला डिमेरिट पॉइंट
वैभव सूर्यवंशी का विकेट लेने के बाद जेमिसन का जोश पड़ा भारी, BCCI ने लगाई फटकार, मिला डिमेरिट पॉइंट
चाय पीने का सही समय क्या है? जानिए किस टाइम को कहा जाता है इसका ‘गोल्डन आवर’
चाय पीने का सही समय क्या है? जानिए किस टाइम को कहा जाता है इसका ‘गोल्डन आवर’
पीले दांतों से छुटकारा पाने का आसान घरेलू उपाय: मुस्कान को बनाएं और भी चमकदार
पीले दांतों से छुटकारा पाने का आसान घरेलू उपाय: मुस्कान को बनाएं और भी चमकदार