
नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज ‘द बै**ड्स ऑफ बॉलीवुड’ को लेकर उठे विवाद में आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके द्वारा दायर मानहानि याचिका को खारिज कर दिया है। वानखेड़े ने इस याचिका में दावा किया था कि सीरीज में दिखाया गया एक सरकारी अधिकारी उनके व्यक्तित्व और छवि से मिलता-जुलता है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। हालांकि कोर्ट ने मामले के तथ्यों में जाने से पहले ही स्पष्ट कर दिया कि इस याचिका पर सुनवाई करने का उसके पास अधिकार क्षेत्र नहीं है।
किस वजह से खारिज हुआ मुकदमा?
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जिस स्वरूप में यह याचिका दाखिल की गई है, उस पर वह विचार नहीं कर सकती। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि यह मामला उसके समक्ष सुनवाई योग्य नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने केस की मेरिट पर चर्चा किए बिना ही याचिका को खारिज कर दिया और मामले को यहीं समाप्त मान लिया।
पहले नेटफ्लिक्स और रेड चिलीज को मिला था नोटिस
इससे पहले इसी केस में 8 अक्टूबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने नेटफ्लिक्स और रेड चिलीज एंटरटेनमेंट को नोटिस जारी किया था। अदालत ने दोनों पक्षों से समीर वानखेड़े के आरोपों पर जवाब तलब किया था। वानखेड़े का कहना था कि सीरीज में दिखाया गया अधिकारी उनकी छवि से मेल खाता है और यह चित्रण उनकी सामाजिक और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है।
निजी सम्मान से जुड़ा मामला: वानखेड़े
मानहानि याचिका दायर करने के बाद समीर वानखेड़े ने इस विवाद को लेकर सार्वजनिक रूप से भी अपनी बात रखी थी। अक्टूबर में ANI से बातचीत में उन्होंने कहा था कि यह मामला उनके करियर या आधिकारिक कार्य से जुड़ा नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तिगत सम्मान और गरिमा का सवाल है। उन्होंने कहा था, “मैंने यह याचिका व्यक्तिगत हैसियत में दाखिल की है। इसका मेरे पेशे से कोई लेना-देना नहीं है। चूंकि मामला कोर्ट में है, इसलिए मैं इस पर और टिप्पणी नहीं करना चाहता।”
व्यंग्य और पैरोडी की सीमाओं पर सवाल
वानखेड़े ने व्यंग्य और पैरोडी को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर किसी की व्यक्तिगत छवि को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था, “व्यंग्य और पैरोडी की भी एक सीमा होनी चाहिए। अगर कुछ बनाना है तो अपने लोगों पर बनाइए।” उनके मुताबिक, इस तरह के चित्रण से न केवल उनकी छवि प्रभावित हुई है, बल्कि उन अधिकारियों की साख पर भी असर पड़ा है जो ड्रग्स के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं।
परिवार को धमकियों का आरोप
इस विवाद के बीच समीर वानखेड़े ने यह भी दावा किया था कि सीरीज से जुड़े इस पूरे मामले के चलते उनके परिवार को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश जैसे देशों से नफरत भरे संदेश और धमकियां मिल रही हैं। वानखेड़े के अनुसार, उनकी पत्नी और बहन को भी लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जबकि उनके परिवार का उनके पेशे से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया था कि इन सभी मामलों की जानकारी नियमित रूप से पुलिस को दी जा रही है।
मुंबई क्रूज़ ड्रग केस से जुड़ी है जड़
इस पूरे विवाद की जड़ 2021 के मुंबई क्रूज़ ड्रग रेड से जुड़ी मानी जाती है। उस समय समीर वानखेड़े की अगुवाई में की गई कार्रवाई में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, 2022 में आर्यन खान को सभी आरोपों से क्लीन चिट मिल गई थी। इसके बाद आर्यन खान ने नेटफ्लिक्स के लिए ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ का निर्देशन किया, जो 18 सितंबर 2025 को रिलीज़ हुई। इसी सीरीज के एक किरदार को लेकर समीर वानखेड़े ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
दिल्ली हाई कोर्ट के ताजा फैसले के साथ ही यह विवाद कानूनी तौर पर खत्म हो गया है और समीर वानखेड़े की याचिका को अदालत ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।














