
छोटे पर्दे की दुनिया में इस वक्त एक ही नाम की गूंज है — स्मृति ईरानी। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के साथ उनकी वापसी ने ना सिर्फ दर्शकों को पुरानी यादों में डुबो दिया, बल्कि TRP चार्ट्स पर भी शो ने धमाकेदार एंट्री की है। ‘तुलसी विरानी’ के रूप में स्मृति फिर से घर-घर में चर्चा का विषय बन गई हैं, लेकिन इस बार सुर्खियों की वजह सिर्फ उनका अभिनय नहीं, बल्कि उनकी तगड़ी कमाई भी है, जिसने बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी अदाकाराओं को पीछे छोड़ दिया है।
हर एपिसोड की फीस ने बनाए नए मानक
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्मृति ईरानी ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के प्रति एपिसोड 14 लाख रुपये चार्ज कर रही हैं। इस आंकड़े ने उन्हें भारतीय टेलीविजन की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बना दिया है। शो के कुल 150 एपिसोड प्रसारित होने हैं, जिसका मतलब है कि इस प्रोजेक्ट से वह लगभग 21 करोड़ रुपये की मोटी रकम कमाने वाली हैं।
दीपिका पादुकोण भी रह गईं पीछे
स्मृति की कमाई का ग्राफ इतना ऊंचा है कि बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण भी इसमें पीछे रह गई हैं। जानकारी के मुताबिक, दीपिका को ‘पठान’ के लिए करीब 15 करोड़ रुपये की फीस मिली थी, जबकि स्मृति इस टीवी शो से ही 21 करोड़ रुपये हासिल करेंगी। यानी छोटे पर्दे की यह ‘तुलसी’ बड़े पर्दे की क्वीन्स को भी मात दे रही है।
टीवी इंडस्ट्री के बाकी सितारों से भी आगे
टीवी जगत के अन्य सितारों के मुकाबले स्मृति की फीस कई गुना अधिक है।
रूपाली गांगुली (‘अनुपमा’) — प्रति एपिसोड लगभग 3 लाख रुपये।
हिना खान — प्रति एपिसोड करीब 2 लाख रुपये।
दिलीप जोशी (‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में जेठालाल) — प्रति एपिसोड लगभग 1.5 लाख रुपये।
इन आंकड़ों से साफ है कि स्मृति ने न केवल बॉलीवुड बल्कि अपने ही इंडस्ट्री के सभी कलाकारों को पीछे छोड़ दिया है।
खुद स्मृति ने भी किया हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस होने का ऐलान
सीएनएन-न्यूज़ 18 को दिए एक इंटरव्यू में स्मृति ईरानी ने खुलकर माना कि वह इस वक्त टीवी की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अदाकारा हैं। 2000 में एक संघर्षशील अभिनेत्री के रूप में ‘तुलसी’ का किरदार निभाने से लेकर आज टेलीविजन की सर्वाधिक कमाई करने वाली स्टार बनने तक के सफर पर उन्होंने गर्व जताया।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा — "हां, मैं देख सकती हूं कि ये सुनकर आपके चेहरे पर खुशी आ गई है।" साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि एक प्रोफेशनल के तौर पर नए स्टैंडर्ड सेट करना जरूरी है। स्मृति के शब्दों में, "अगर आप रेवेन्यू और आंकड़ों में इतिहास रच रहे हैं, तो उसका हक भी आपको मिलना चाहिए। लोग नहीं जानते कि हमें अपने कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए खुद बातचीत करनी होती है। मैं एक यूनियन का हिस्सा हूं, इसलिए पहले अपना यूनियन नंबर रजिस्टर्ड करवाती हूं। मैं वेतन समानता की ही नहीं, बल्कि पुरुषों और महिलाओं दोनों से ज्यादा पाने की भी बात करती हूं — और जो कमाती हूं, वह मेरी मेहनत का फल है।"














