
फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच तेज करते हुए एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। ताजा कार्रवाई में आगरा से विष्णु कुशवाहा नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में अब तक कुल 12 संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आगरा, नोएडा और हरियाणा से कुल छह आरोपियों को पहले ही पकड़ा जा चुका था। इन्हें आज विशेष MCOCA Court में पेश किया गया। पुलिस का दावा है कि दीपक नाम का आरोपी मुख्य शूटर है और उसी ने फायरिंग की थी। अब क्राइम ब्रांच ने कथित तौर पर मुख्य हमलावर को भी हिरासत में ले लिया है।
आगरा से गिरफ्तारी, साजिश की परतें खुलीं
मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने विष्णु कुशवाहा को आगरा से दबोचा। जांच में सामने आया है कि वारदात से जुड़े कई लोग अलग-अलग राज्यों में छिपे हुए थे। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से तीन ऐसे भी बताए जा रहे हैं, जिनका फायरिंग की साजिश से सीधा संबंध नहीं था। जांच के दौरान पता चला कि उन्होंने आरोपियों को ठहरने के लिए जगह दी थी। उनका दावा था कि उन्हें असल मंशा की जानकारी नहीं थी और आरोपियों ने खुद को छुट्टियों पर आया बताया था। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है।
मुख्य आरोपी और सहयोगियों पर आरोप
पुलिस के अनुसार, दीपक, सनी और सोनू घटना के समय साथ थे और फायरिंग दीपक ने की। वारदात के बाद फरार होने में अन्य सहयोगियों ने मदद की। ऋतिक, विशाल और जतिन पर आरोप है कि उन्होंने आरोपियों को पनाह दी।
जतिन पर यह भी आरोप है कि उसने ऑटो रिक्शा का किराया चुकाया, क्योंकि बाकी लोगों के पास पैसे नहीं थे। ऋतिक को नोएडा का निवासी बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि दीपक, सनी और सोनू घटना से कई दिन पहले ही मुंबई पहुंच गए थे और इलाके की रेकी कर रहे थे।
पुलिस हिरासत में भेजे गए आरोपी
सभी गिरफ्तार आरोपियों को विशेष MCOCA कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 25 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब क्राइम ब्रांच आरोपियों से पूछताछ कर पूरी साजिश, फंडिंग और नेटवर्क के अन्य कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग के पीछे असली मकसद क्या था तथा इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है।














