नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायणम' का ट्रेलर सामने आने के बाद जहां इसकी भव्यता, दृश्य प्रभाव और कलाकारों के अभिनय की जमकर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक नई बहस ने भी जोर पकड़ लिया है। इस बार चर्चा का विषय फिल्म का तकनीकी पक्ष नहीं, बल्कि मां सीता के किरदार में नजर आ रहीं साई पल्लवी हैं। सोशल मीडिया पर एक वर्ग का मानना है कि साई पल्लवी इस भूमिका के लिए उपयुक्त नहीं हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में उतर आए हैं। देखते ही देखते यह चर्चा केवल एक कलाकार तक सीमित नहीं रही, बल्कि पौराणिक पात्रों की प्रस्तुति और सौंदर्य की पारंपरिक धारणाओं पर भी बहस शुरू हो गई।
ट्रेलर के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई तुलना
30 जुलाई को जारी ट्रेलर में पहली बार दर्शकों को रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी मां सीता और यश रावण के रूप में विस्तार से देखने का अवसर मिला। ट्रेलर रिलीज होने के कुछ ही समय बाद सामाजिक माध्यम पर एक उपयोगकर्ता ने साई पल्लवी और शूर्पणखा की भूमिका निभा रहीं रकुल प्रीत सिंह की तस्वीरों की तुलना करते हुए टिप्पणी की कि इतनी बड़ी बजट वाली फिल्म में रकुल प्रीत, साई पल्लवी से अधिक सुंदर दिखाई दे रही हैं।
यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो गई और इसके बाद पक्ष और विपक्ष में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
प्रशंसकों ने कहा- मां सीता के लिए केवल रूप नहीं, व्यक्तित्व भी जरूरी
साई पल्लवी के समर्थकों ने इस तुलना को पूरी तरह अनुचित बताया। उनका कहना है कि रामायण के पात्रों की तुलना केवल बाहरी रूप के आधार पर नहीं की जा सकती। कई लोगों ने लिखा कि शूर्पणखा और सीता के चरित्र, उनकी भूमिका और उनकी प्रतीकात्मकता पूरी तरह अलग है, इसलिए दोनों के रूप की तुलना करना उचित नहीं है।
कई दर्शकों ने कहा कि साई पल्लवी के चेहरे की सहजता, सादगी, गरिमा और भावनात्मक अभिव्यक्ति उन्हें मां सीता के किरदार के लिए उपयुक्त बनाती है। उनका मानना है कि इस भूमिका में केवल आकर्षक चेहरा नहीं, बल्कि शालीनता, करुणा, धैर्य और अभिनय क्षमता सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, जिसे साई पल्लवी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती नजर आ रही हैं।
कुछ दर्शकों ने कास्टिंग पर उठाए सवाल
दूसरी ओर कुछ लोगों ने फिल्म की कास्टिंग पर सवाल भी उठाए। उनका कहना है कि धार्मिक ग्रंथों और वर्षों से चली आ रही चित्रात्मक परंपराओं में मां सीता की जो छवि स्थापित हुई है, साई पल्लवी का रूप उससे मेल नहीं खाता। ऐसे दर्शकों का मानना है कि मां सीता को भारतीय संस्कृति में अद्वितीय सौंदर्य का प्रतीक माना गया है और उसी अनुरूप कलाकार का चयन होना चाहिए था।
हालांकि इस तरह की टिप्पणियों का भी सोशल मीडिया पर कई लोगों ने विरोध किया। अनेक लोगों ने लिखा कि सौंदर्य की कोई एक निश्चित परिभाषा नहीं होती और हर व्यक्ति की दृष्टि अलग हो सकती है। कई प्रशंसकों ने साई पल्लवी को "भारतीय सौंदर्य की स्वाभाविक पहचान" बताते हुए उनके चयन का समर्थन किया।
बहस केवल साई पल्लवी तक सीमित नहीं रही
धीरे-धीरे यह विवाद केवल साई पल्लवी की कास्टिंग तक सीमित नहीं रहा। चर्चा इस बात पर भी पहुंच गई कि क्या पौराणिक महिला पात्रों को आज के सौंदर्य मानकों के आधार पर परखा जाना चाहिए। कुछ लोगों का मानना है कि धार्मिक ग्रंथों में वर्णित पात्रों की अपनी विशिष्ट छवि है, इसलिए फिल्मों में उसे ध्यान में रखा जाना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोगों का कहना है कि किसी भी कलाकार का चयन केवल चेहरे के आधार पर नहीं होना चाहिए। अभिनय, भाव, व्यक्तित्व और चरित्र की आत्मा को पर्दे पर उतारने की क्षमता अधिक महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुसार मां सीता के व्यक्तित्व की पहचान त्याग, धैर्य, करुणा और मर्यादा है, जिसे केवल बाहरी सुंदरता तक सीमित नहीं किया जा सकता।
ट्रेलर में साई पल्लवी का सादगी भरा रूप बना चर्चा का विषय
ट्रेलर में साई पल्लवी का रूप अपेक्षाकृत सरल और स्वाभाविक रखा गया है। उनके श्रृंगार को भव्य बनाने के बजाय चेहरे के भाव, शालीनता और गरिमा पर अधिक ध्यान दिया गया है। ट्रेलर में उन्हें भगवान श्रीराम के साथ विवाह के दृश्य और वनवास के दौरान भी दिखाया गया है।
सबसे अधिक चर्चा उस दृश्य की भी हो रही है, जिसमें मां सीता को हथियार उठाए हुए दिखाया गया है। कई दर्शकों का मानना है कि यह प्रस्तुति उनके चरित्र के एक नए पक्ष को सामने ला सकती है, जिसे पहले बड़े पर्दे पर कम देखने को मिला है।
हिंदी संवाद अदायगी को भी मिली सराहना
साई पल्लवी की हिंदी संवाद अदायगी भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ट्रेलर देखने के बाद कई लोगों ने कहा कि उन्होंने हिंदी भाषा को सहजता के साथ प्रस्तुत किया है और उनके संवाद स्वाभाविक प्रतीत होते हैं। इससे पहले भी उनकी कास्टिंग को लेकर चर्चा होती रही थी, लेकिन ट्रेलर जारी होने के बाद यह बहस और तेज हो गई है।
दीपावली पर रिलीज होगा 'रामायणम' का पहला भाग
नितेश तिवारी
के निर्देशन में बनी 'रामायणम' में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी
मां सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा रवि दुबे लक्ष्मण,
सनी देओल हनुमान, रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा, लारा दत्ता कैकेयी, शीबा
चड्ढा मंथरा और शोभना कैकसी के किरदार में दिखाई देंगी। फिल्म का पहला भाग
इस वर्ष दीपावली के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा।
फिलहाल
ट्रेलर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिल्म केवल अपने भव्य निर्माण और दृश्य
प्रभावों के कारण ही नहीं, बल्कि कलाकारों के चयन और पौराणिक पात्रों की
प्रस्तुति को लेकर भी लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहने वाली है।






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